फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Difficult to imagine life without ears: Dr. Gopal Goyal

कान के बिना जीवन की कल्पना मुश्किल : डाॅ. गोपाल गोयल

Sun, 03 Mar 2024 12:08 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Sun, 03 Mar 2024 12:08 AM IST
विज्ञापन
Difficult to imagine life without ears: Dr. Gopal Goyal
जींद। जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में वर्ल्ड हियरिंग-डे पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें सिविल सर्जन डाॅ. गोपाल गोयल ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। जबकि उप चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. राजेश भोला, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डाॅ. अरविंद, उप सिविल सर्जन डाॅ. रमेश पांचाल विशिष्ट अतिथि रहे।
विज्ञापन

खुशी कॉलेज ऑफ नर्सिंग कागसर की छात्राओं ने नर्सिंग ट्यूटर स्वीटी, अन्नू, शीतल के निर्देशन में हियरिंग एड शीर्षक नाटक का मंचन किया। इसके अलावा चौधरी बीरेंद्र सिंह नर्सिंग कॉलेज उचाना की छात्राओं ने भी नर्सिंग ट्यूटर अंजू के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। सीएमओ डाॅ. गोपाल गोयल ने कहा कि कान हमारे शरीर का सबसे जरूरी अंग है। इसके बिना जीवन की कल्पना करता मुश्किल हो जाता है। इसके बावजूद लोग अपने कानों का ख्याल नहीं रखते हैं।
विज्ञापन

ऐसे में इसे लेकर जागरूकता फैलाने के मकसद से हर साल वर्ल्ड हियरिंग-डे मनाया जाता है। यह दिन हियरिंग लॉस और बहरेपन को रोकने के के देखभाल के लिए जागरूक किया जाता है। डिप्टी एमएस डाॅ. राजेश भोला ने कहा कि आज के बदलते परिवेश और तकनीकीकरण में कई चीजें व्यक्ति के कानों को प्रभावित करती है। युवाओं के फैशन के बदलते दौर में इयरफोन का उपयोग चरम पर है। देर तक इयरफोन के इस्तेमाल से भी दिक्कतें बढ़ती हैं। बहरेपन की समस्या हो जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डाॅ. अरविंद, डाॅ. बृजेंद्र घणघस ने बताया कि कम सुनाई देने के मुख्य कारण शोरगुल वाले इलाके में रहना, कान के भीतरी हिस्से में क्षति, मील में काम करना, कान के आंतरिक प्रेशर में परिवर्तन, कान में संक्रमण, कानों में तेज आवाज से गाना सुनना प्रमुख है। उन्होंने बताया कि अगर किसी की साफ सुनाई न देना, पीछे से आने वाली आवाज या भीड़ में किसी एक की आवाज को सुन पाने में समस्या, टीवी, रेडियो या अन्य यंत्रों को तेज आवाज में सुनना, सामने वाले के शब्द नहीं समझने पर बात को बीच में छोड़ देना बहरेपन के मुख्य लक्षण हैं।

बहरेपन से बचने के लिए कानों की नियमित सफाई करें। जगह-जगह कान साफ करने वालों से कभी भी कानों की सफाई न करवाएं। अगर सुनने में कोई समस्या आ रही है तो चिकित्सक से सलाह लें। इस अवसर पर डाॅ. बिजेंद्र ढांडा, डाॅ. संकल्प, ऑडियोलॉजिस्ट अपूर्वा शर्मा, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर सुनीता, इंद्रो, मेडिकल सोशल वर्कर सुनील सैनी, वार्ड सहायक अमित, मनजीत, विनोद, भूपेंद्र मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed