फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Devotees will perform Pitra Tarpan on Somvati Amavasya in Dhruva and Vriddhi Yoga.

Jind News: ध्रुव और वृद्धि योग में श्रद्धालु करेंगे सोमवती अमावस्या पर पितृ तर्पण

Sun, 29 Dec 2024 12:20 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 29 Dec 2024 12:20 AM IST
विज्ञापन
Devotees will perform Pitra Tarpan on Somvati Amavasya in Dhruva and Vriddhi Yoga.
28जेएनडी 07: नवीन शास्त्री पुजारी। संवाद
जींद। हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल पौष माह की अमावस्या सोमवार को है। इसे सोमवती अमावस्या भी कहा जाता है। पौष माह अमावस्या की तिथि 30 दिसंबर को सुबह 04 बजकर 01 मिनट पर शुरू होकर 31 दिसंबर को सुबह 03 बजकर 56 मिनट पर समाप्त होगा। पंचांग को देखते हुए 30 दिसंबर को पौष अमावस्या मनाई जाएगी।
विज्ञापन

इस दिन ब्रह्म मुहूर्त 30 दिसंबर सुबह 5 बजकर 16 मिनट से लेकर सुबह 6 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। स्नान व दान मुहूर्त सुबह 05 बजकर 24 मिनट से लेकर 06 बजकर 19 तक रहेगा। वहीं, इस दिन विजय मुहुर्त दोपहर में 01:57 से लेकर 02:38 तक रहेगा। सोमवती अमावस्या पर उमड़ने वाली भीड़ को लेकर प्रशासन ने पुख्ता प्रबंध किए हैं। पांडू पिंडारा के आसपास 10 जगहों पर पुलिस नाके लगाए जाएंगे। इसके साथ ही पार्किंग की स्पेशल व्यवस्था होगी।
विज्ञापन

तीर्थ स्थल पर पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। बिजली, पानी, एंबुलेंस, गोताखोर, मोबाइल शौचालय के पुख्ता प्रबंध होंगे। गोहाना रोड पर जाम की स्थिति न बने, इसके लिए पुलिसकर्मियों की विशेष डयूटियां लगाई गई हैं। पुलिस के साथ-साथ टै्रफिक पुलिसकर्मी भी व्यवस्था बनाने में जुटे रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस बार सोमवती अमावस्या के दिन वृद्धि योग रहेगा। इसका समय सुबह से रात 8:32 बजे तक होगा। इसके बाद ध्रुव योग शुरू हो जाएगा। इस दिन मूल नक्षत्र सुबह से रात 11:57 बजे तक रहेगा और इसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र आरंभ हो जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक ध्रुव योग बेहद फायदेमंद होता है और श्रद्धालु के कार्य सिद्ध होते हैं।
बाॅक्स
अमावस्या तिथि जब सोमवार के दिन पड़ती है, तब इसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। पौष माह की सोमवती अमावस्या का दिन आत्मशुद्धि, पितृ तर्पण और भगवान शिव की उपासना करने का शुभ अवसर है। यदि इस दिन विधिपूर्वक पूजा और उपाय किए जाए तो घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। पौष अमावस्या के दिन गरीब, जरूरतमंद और ब्राह्मणों को भोजन कराएं। सोमवती अमावस्या के दिन दही, दूध, वस्त्र, अन्न और काले तिल दान करना बेहद शुभ रहता है।

बॉक्स
सोमवती अमावस्या के दिन श्रद्धालु यह करें
सोमवती अमावस्या के दिन ब्रहम मुहूर्त में उठें और स्नान करें। फिर साफ कपड़े पहन कर अपने पितरों का स्मरण कर उनका तर्पण करें। इसके बाद काले तिल, सफेद फूल और कुश से पितरों को अर्घ्य दें। पितरों का आशीर्वाद लेने के लिए दक्षिण दिशा में दीपक जरूर जलाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से पितर प्रसन्न होते हैं और पितृदोष दूर होता है। सोमवती अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ की विधिपूर्वक पूजा करें। फिर पीपल के पेड़ की सात बार परिक्रमा कर जल अर्पित करें। इसके बाद पीपल के पास सरसों के तेल में काले तिल डालक र दीपक जलाएं। सोमवती अमावस्या के दिन नाराज पितरों के लिए पितृ चालीसा का पाठ करें।
-नवीन शास्त्री पुजारी जयंती देवी मंदिर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed