जींद। महान शक्ति संगठन के 11वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में कला धाम मंदिर में विश्व कल्याण और सर्व सुख शांति के लिए चल रहे 11 दिवसीय महा अखंड जाप के नौवें दिन सभी भक्तजनों ने प्रभु नाम सिमरन किया। सुखदेव महाराज ने महामंत्र जय निराधार जय कलाकार का अखंड जाप करवाते हुए कहा कि सेवा, सिमरन और दान रूपी शुभ कर्म ही इंसान को परोपकारी बनाते हैं।
पूर्ण संत महापुरुषों और दुखी लाचार व्यक्ति की सच्चे मन से सेवा करने वाला इंसान ही प्रभु के असली माल धन का अधिकारी बनता है। उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य जीवन में प्रभु प्रेम के पुष्प लगाएंगे तो जीवन रूपी बगिया महक उठेगी, जिसने भी प्रभु प्रेम और सत्य ज्ञान को जीवन में उतार लिया, उसने ही संसार के सभी दुखों से छुटकारा पा लिया। संपूर्ण विश्व के कल्याण हेतु सच्चे मन से प्रभु नाम सिमरन व शुभ कर्मों द्वारा हर समय दुखी और लाचार जीवों की भलाई के लिए तत्पर रहना चाहिए और शुभ कार्य करते हुए कभी मन में अहंकार नही आना चाहिए, क्योंकि करण करावन तो स्वयं निराधार भगवान है। इंसान तो केवल निमित मात्र है। शांति, प्रेम और सद्भावना के साथ सतमार्ग पर चलते हुए यदि सभी मनुष्यों का आपस में प्यार हो जाए तो ये जीवन अनंत खुशियों और आनंद से भर जाए।