{"_id":"62966c0adad3613d55233bca","slug":"detained-the-farmers-who-locked-the-tehsil-gate-jind-news-rtk64829919","type":"story","status":"publish","title_hn":"फसलों के मुआवजे को लेकर तहसील कार्यालय पर किसानों का धरना दूसरे दिन भी जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फसलों के मुआवजे को लेकर तहसील कार्यालय पर किसानों का धरना दूसरे दिन भी जारी
विज्ञापन
किसानों को हिरासत में लेती जुलाना पुलिस। संवाद।
- फोटो : Jind
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जुलाना। तहसील कार्यालय के गेट के बाहर खराब हुई फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर चल रहा किसानों का धरना जारी है। किसानों ने देर रात तहसील गेट पर लगाया ताला खोल दिया था लेकिन मंगलवार दोपहर बाद राजस्व अधिकारी से वार्ता विफल होने पर किसानों ने फिर से ताला लगा दिया। इसके बाद पुलिस ताला लगाने वाले किसानों को हिरासत में ले लिया और थाने ले गई। किसानों ने साफ कहा कि मुआवजा मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
दूसरे दिन धरने की अध्यक्षता खजान सिंह लाठर ने की। जुलाना बारहा के कार्यकारी प्रधान बसाऊ लाठर ने कहा कि किसान को अपने हक को पाने के लिए खून के आंसू बहाने पड़ रहे हैं। प्राकृतिक आपदा के दो साल बीत जाने पर भी किसानों को उनके हक का मुआवजा नहीं मिला है। इस मौके पर भाकियू के जिला उप प्रधान नरेंद्र ढ़ाडा, राजपाल लाठर, कुलवंत, पवन करसोला, सुमित, कप्तान भी मौजूद रहे। दोपहर बाद लगभग चार बजे जिला राजस्व अधिकारी राजेश ख्यालिया मौके पर पहुंचे और किसानों को जल्द मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। इस पर किसान नहीं माने। किसान जिला राजस्व अधिकारी से समय तय करने की मांग करते रहे जो उन्होंने नहीं बताया। इसके बाद फिर से किसान भड़क गए और तहसील कार्यालय पर ताला लगा दिया। दोबारा ताला लगाने के बाद थाना प्रभारी समरजीत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों को हिरासत में ले लिया। किसान पैदल ही थाने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पहुंच गए। किसानों का कहना है कि अगर उन्हें उनका हक नहीं मिला तो बाहर आते ही वह फिर से तहसील कार्यालय को ताला जड़ेंगे।
सड़कों पर उतरने को मजबूर न करें -चढू़नी
पुलिस ने किसानों को जल्द नहीं छोड़ा तो पूरे प्रदेश में किसान आंदोलन करेंगे। सरकार किसानों को फिर से सड़कों पर उतरने को मजबूर कर रही है।
वर्जन
किसानों को केवल हिरासत में लिया गया है। किसानों से बातचीत जारी है। जल्द ही समाधान हो जाएगा।
समरजीत,थाना प्रभारी जुलाना।
विज्ञापन
दूसरे दिन धरने की अध्यक्षता खजान सिंह लाठर ने की। जुलाना बारहा के कार्यकारी प्रधान बसाऊ लाठर ने कहा कि किसान को अपने हक को पाने के लिए खून के आंसू बहाने पड़ रहे हैं। प्राकृतिक आपदा के दो साल बीत जाने पर भी किसानों को उनके हक का मुआवजा नहीं मिला है। इस मौके पर भाकियू के जिला उप प्रधान नरेंद्र ढ़ाडा, राजपाल लाठर, कुलवंत, पवन करसोला, सुमित, कप्तान भी मौजूद रहे। दोपहर बाद लगभग चार बजे जिला राजस्व अधिकारी राजेश ख्यालिया मौके पर पहुंचे और किसानों को जल्द मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। इस पर किसान नहीं माने। किसान जिला राजस्व अधिकारी से समय तय करने की मांग करते रहे जो उन्होंने नहीं बताया। इसके बाद फिर से किसान भड़क गए और तहसील कार्यालय पर ताला लगा दिया। दोबारा ताला लगाने के बाद थाना प्रभारी समरजीत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों को हिरासत में ले लिया। किसान पैदल ही थाने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पहुंच गए। किसानों का कहना है कि अगर उन्हें उनका हक नहीं मिला तो बाहर आते ही वह फिर से तहसील कार्यालय को ताला जड़ेंगे।
विज्ञापन
सड़कों पर उतरने को मजबूर न करें -चढू़नी
पुलिस ने किसानों को जल्द नहीं छोड़ा तो पूरे प्रदेश में किसान आंदोलन करेंगे। सरकार किसानों को फिर से सड़कों पर उतरने को मजबूर कर रही है।
वर्जन
किसानों को केवल हिरासत में लिया गया है। किसानों से बातचीत जारी है। जल्द ही समाधान हो जाएगा।
समरजीत,थाना प्रभारी जुलाना।