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Jind News: सीवर सफाई के दौरान कर्मी की मौत के विरोध में प्रदर्शन
Tue, 19 Mar 2024 11:56 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 19 Mar 2024 11:56 PM IST
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जींद, नरवाना। सीवर की सफाई के दौरान सफाईकर्मियों की होने वाली मौत को लेकर विश्वकर्मा चौक पर क्रांतिकारी युवा संगठन ने आक्रोश प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार का पुतला फूंका।
संगठन के सदस्य प्रवीन ने बताया कि पलवल में एशियन पेंट कंपनी की पलवल शाखा में सीवरेज सफाई के दौरान जहरीली गैस से दो सफाईकर्मियों की मौत हो गई और तीन सफाई कर्मी गंभीर है लेकिन यह पहली घटना नहीं है। देश के अलग अलग हिस्सों में हर दिन औसतन प्रतिदिन दो सफाईकर्मी अपनी जिंदगी से हाथ धो बैठते हैं। सरकार और प्रशासन सिर्फ मृतक को मुआवजा देकर अपनी गलती पर पर्दा डालने की कोशिश करते हैं। हर दिन सीवर सफाई के दौरान सफाईकर्मियों की मौत के आंकड़े बढ़ते ही जा रहे हैं। ठेकेदार बिना किन्ही सुरक्षा उपकरण मुहैया करवाए बिना ही इन्हें बहुत ही कम वेतन पर मौत के कुंओं में धकेलने का काम करते हैं। सरकार के प्रधान सेवक एक तरफ तो सफाईकर्मियों के पांव धोकर बहुत बड़ा हितैषी बनने की कोशिश करते हैं वहीं दूसरी तरफ गरीब दलित सफाई कर्मियों को सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं है। भारत एक तरफ तो अंतरिक्ष में आए दिन नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है लेकिन बड़ी विडंबना है कि सीवरेज सफाई के लिए भी आज मशीनों की बजाय मजदूरों को ही चंद पैसे के लिए उन्हें इस खतरे में डाला जा रहा है। संगठन के सदस्य प्रीति ने कहा कि वह इस मुद्दे पर सरकार से मांग करते हैं कि सीवरेज सफाई के कामों का मशीनीकरण किया जाए, सभी कंपनी अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, मृतक के परिवार को सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए, सभी सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण मुहैया करवाए जाए। इस अवसर पर संगठन के सदस्य कुलदीप, प्रवीन, राहुल, दिनेश, रवि, विक्रम, तमन्ना, अंजलि, प्रीति, नीतू और कोमल मौजूद रही।
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संगठन के सदस्य प्रवीन ने बताया कि पलवल में एशियन पेंट कंपनी की पलवल शाखा में सीवरेज सफाई के दौरान जहरीली गैस से दो सफाईकर्मियों की मौत हो गई और तीन सफाई कर्मी गंभीर है लेकिन यह पहली घटना नहीं है। देश के अलग अलग हिस्सों में हर दिन औसतन प्रतिदिन दो सफाईकर्मी अपनी जिंदगी से हाथ धो बैठते हैं। सरकार और प्रशासन सिर्फ मृतक को मुआवजा देकर अपनी गलती पर पर्दा डालने की कोशिश करते हैं। हर दिन सीवर सफाई के दौरान सफाईकर्मियों की मौत के आंकड़े बढ़ते ही जा रहे हैं। ठेकेदार बिना किन्ही सुरक्षा उपकरण मुहैया करवाए बिना ही इन्हें बहुत ही कम वेतन पर मौत के कुंओं में धकेलने का काम करते हैं। सरकार के प्रधान सेवक एक तरफ तो सफाईकर्मियों के पांव धोकर बहुत बड़ा हितैषी बनने की कोशिश करते हैं वहीं दूसरी तरफ गरीब दलित सफाई कर्मियों को सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं है। भारत एक तरफ तो अंतरिक्ष में आए दिन नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है लेकिन बड़ी विडंबना है कि सीवरेज सफाई के लिए भी आज मशीनों की बजाय मजदूरों को ही चंद पैसे के लिए उन्हें इस खतरे में डाला जा रहा है। संगठन के सदस्य प्रीति ने कहा कि वह इस मुद्दे पर सरकार से मांग करते हैं कि सीवरेज सफाई के कामों का मशीनीकरण किया जाए, सभी कंपनी अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, मृतक के परिवार को सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए, सभी सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण मुहैया करवाए जाए। इस अवसर पर संगठन के सदस्य कुलदीप, प्रवीन, राहुल, दिनेश, रवि, विक्रम, तमन्ना, अंजलि, प्रीति, नीतू और कोमल मौजूद रही।
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