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Jind News: अवैध कब्जों से 14 अगस्त तक निजात दिलाने की मांग, इसके बाद अनशन
Wed, 26 Jun 2024 12:54 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 26 Jun 2024 12:54 AM IST
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25जेएनडी23: राज्यपाल, सीएम के नाम एसडीएम गुलजार मलिक को ज्ञापन देते हुए अजमेर वकील। संवाद
उचाना। खेड़ी मंसानिया गांव को अवैध कब्जों से मुक्त करने के लिए एडवोकेट अजमेर ने मंगलवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। अजमेर ने कहा कि आठ साल से वह निरंतर अवैध कब्जों को हटाने के लिए शासन, प्रशासन को गुहार लगा चुके है लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि अवैध कब्जे नहीं हटे तो वह 15 अगस्त से अनशन शुरू कर देंगे।
अजमेर एडवोकेट ने बताया कि उसकी पत्नी संतोष देवी 2016 सरपंच बनी थी। सरपंच बनने के बाद पूरे गांव की निशानदेही ली गई थी। 12 पक्के अवैध कब्जे मिले थे जबकि कच्चे अवैध कब्जे भी थे। कच्चे अवैध कब्जे अपने स्तर पर पंचायत ने हटा दिए थे। पक्के कब्जों को प्रशासन के सहयोग से हटा दिया गया था। जो चार अवैध कब्जे आज भी बाकी हैं, उनको हटाने की मांग 2020 से निरंतर करते आ रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई प्रशासन नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को 14 अगस्त तक का समय दिया गया है जो चार अवैध पक्के कब्जे आज भी बाकी है उनको हटाने के लिए। 14 अगस्त तक ये कब्जे नहीं हटाए गए तो 15 अगस्त से गांव को अवैध कब्जों से मुक्त करवाने के लिए उपमंडल कार्यालय में अनिश्चित कालीन अनशन शुरू करने पर मजबूर होंगे।
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अजमेर एडवोकेट ने बताया कि उसकी पत्नी संतोष देवी 2016 सरपंच बनी थी। सरपंच बनने के बाद पूरे गांव की निशानदेही ली गई थी। 12 पक्के अवैध कब्जे मिले थे जबकि कच्चे अवैध कब्जे भी थे। कच्चे अवैध कब्जे अपने स्तर पर पंचायत ने हटा दिए थे। पक्के कब्जों को प्रशासन के सहयोग से हटा दिया गया था। जो चार अवैध कब्जे आज भी बाकी हैं, उनको हटाने की मांग 2020 से निरंतर करते आ रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई प्रशासन नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को 14 अगस्त तक का समय दिया गया है जो चार अवैध पक्के कब्जे आज भी बाकी है उनको हटाने के लिए। 14 अगस्त तक ये कब्जे नहीं हटाए गए तो 15 अगस्त से गांव को अवैध कब्जों से मुक्त करवाने के लिए उपमंडल कार्यालय में अनिश्चित कालीन अनशन शुरू करने पर मजबूर होंगे।

25जेएनडी23: राज्यपाल, सीएम के नाम एसडीएम गुलजार मलिक को ज्ञापन देते हुए अजमेर वकील। संवाद
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