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नकदी संकट से निपटने की तैयारी, शहर में लगेंगी पीओएस
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद
Updated Thu, 01 Dec 2016 12:20 AM IST
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सुबह बैंक खुलने से पहले ही कैश के लिए लाइन में लगे लोग।
- फोटो : jind
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नकदी के लिए बैंकों और एटीएम में धक्के खा रहे लोगों को राहत देने के लिए जिला प्रशासन ने बुधवार को विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। इसके तहत कैश लेस व्यवस्था को शुरू करने की कवायद प्रशासन ने शुरू की है। इसके तहत दुकानदार या अन्य व्यवसायी अपने मोबाइल फोन से भी पेमेंट ले सकता है। इसके अलावा, मोबाइल फोन के जरिए ही किसी के बैंक खाते में नकदी जमा करवा सकते हैं। अधिकारियों का मनाना है कि इस व्यवस्था से नकदी के संकट में राहत मिल सकती है। वहीं, बैंकों में नोटबंदी के 22वें दिन भी राहत नहीं मिली है। बैंकों में नकदी नहीं है, वहीं एटीएम भी खाली रहे। जिले भर में करीब दो दर्जन एटीएम और दर्जन भर बैंक शाखाओं से ही कैश निकाला जा सका।
कैश लेस सिस्टम के तहत लोग अपने डेबिट व क्रेडिट कार्ड के अलावा सीधे बैंक खाते का प्रयोग भी कर सकते हैं। इसके लिए बैंक से प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन का प्रयोग किया जा सकता है। इस मशीन से क्रेडिट या डेबिट कार्ड का प्रयोग कर भुगतान किया जा सकता है। वहीं व्यवसायी इस मशीन को बैंक खाते से जोड़ेगा, जिससे कार्ड स्वैप करने पर राशि उसके बैंक खाते में चली जाएगी। इससे दुकानदार किसी उपभोक्ता को नकदी भी दे सकता है। कार्ड से राशि पीओएस धारक के खाते में जाएगी और उतनी ही राशि वह जारी कर सकता है। इस दौरान विभिन्न बैंक अधिकारियों ने पीओएस के लिए अपनी-अपनी नीति भी बताई।
बैंक खाते से जोड़ें आधार और फोन नंबर, रहें बेफिक्र
प्रशिक्षण के दौरान बैंक अधिकारियों ने बताया कि आधार नंबर और मोबाइल नंबर को बैंक खाते से जोड़कर कैश लेस लेनदेन को बहुत आसान किया जा सकता है। इसके लिए एंड्रॉयड फोन पर कई प्रकार की एप डाउनलोड की जा सकती हैं, जो तमाम सुविधा मुहैया करवाती हैं। बैंक अधिकारियों ने बताया कि यह बहुत ही सुरक्षित तरीका है। इससे लेनदेन करने के लिए बैंक हर बार वन टाइम पासर्वड देता है, जो सिर्फ प्रयोगकर्ता के मोबाइल नंबर पर ही आएगा।
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शहर में लगेंगी पीओएस
नई व्यवस्था के तहत शहर में कई जगहों पर प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) लगाने की योजना है। इससे लोगों को अपने काम करवाने की सुविधा मिलेगी। यदि किसी दुकानदार को भुगतान करना है तो कोई भी व्यक्ति अपने कार्ड या बैंक खाते की जानकारी देकर राशि दुकानदार के खाते में भेज सकता है।
ऑनलाइन ही खरीदें स्टांप पेपर
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि सभी प्रकार के सरकारी भुगतान आजकल ऑनलाइन हो गए हैं। ऐसे में यहां भी लोग सीधे बैंक खाते से भुगतान कर सकते हैं। यहां तक कि लोग सरकारी फीस के लिए स्टांप पेपर तक ऑनलाइन खरीद सकते हैं। इससे भी बैंक खाते से पैसे कटेंगे। इसकी सुविधा हरियाणा सरकार की वेबसाइट पर है।
कैश लेस बहुत बेहतर व्यवस्था है। लोगों के कैश के लिए दिक्कत नहीं हो, इसके लिए यह व्यवस्था की जा रही है। लोग अपने बैंक खाते और डेबिट, क्रेडिट कार्ड से सभी भुगतान कर सकते हैं। जल्द ही इस प्रकार की मशीनें शुरू की जाएंगी। स्कूल सूचना सहायक, सीएससी संचालक और बैंक बीसी को ट्रेनिंग दी गई है, ताकि वे आगे लोगों को कैश लेस व्यवस्था की जानकारी दे सकें।
विनय सिंह, डीसी
बैंक व एटीएम खाली, लोग बेहाल
नोटबंदी के 22वें दिन भी कैश की स्थिति बदतर रही। जिले के करीब दो दर्जन एटीएम और दर्जन भर बैंक से ही कैश निकल पाया। इससे बैंकों के बाहर भीड़ नदारद रही, वहीं एटीएम के बाहर लंबी लाइनें लगी रहीं। बुधवार को करीब एक करोड़ रुपये ही जींद को मिले, जबकि खपत प्रतिदिन करीब 30 करोड़ रुपये की है। अधिकतर लोगों को कैश नहीं मिलने के कारण निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
आज से सैलरी के लिए होगी मारामारी
नया महीना शुरू होते ही सैलरी का भी संकट सामने आ रहा है। जिले में करीब 30 हजार कर्मचारियों के सैलरी खाते हैं। वीरवार से इसके लिए मारामारी शुरू हो जाएगी। जिले के अधिकतर बैंक खाली हैं और सैलरी आने के बाद करीब 30 हजार लोगों की अलग से लाइन लग जाएगी। एलडीएम मिथिलेश कुमार झा के अनुसार सैलरी के लिए अलग से कैश की कोई व्यवस्था नहीं है। जो कैश आ रहा है, उसी से काम चलेगा।
एसबीओपी में हालात रहे सामान्य
सफीदों गेट स्थित एसबीओपी में बुधवार को हालात सामान्य रहे। कैश आने के कारण लोगों को 24 हजार रुपये तक की नकदी जारी की गई। इससे पहले बैंक चार से दस हजार रुपये तक की ही नकदी दे रहे थे।
नहीं कैश की व्यवस्था
कैश की कोई व्यवस्था नहीं है। इसीलिए कैश लेस व्यवस्था की जा रही है। अब बैंक दुकानदारों के पास जाकर उन्हें पीओएस मशीन की जानकारी देंगे और उन्हें मशीन लगवाने के लिए प्रेरित करेंगे। अभी कैश की स्थिति सामान्य होने की उम्मीद नहीं है।
मिथिलेश कुमार झा, एलडीएम
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कैश लेस सिस्टम के तहत लोग अपने डेबिट व क्रेडिट कार्ड के अलावा सीधे बैंक खाते का प्रयोग भी कर सकते हैं। इसके लिए बैंक से प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन का प्रयोग किया जा सकता है। इस मशीन से क्रेडिट या डेबिट कार्ड का प्रयोग कर भुगतान किया जा सकता है। वहीं व्यवसायी इस मशीन को बैंक खाते से जोड़ेगा, जिससे कार्ड स्वैप करने पर राशि उसके बैंक खाते में चली जाएगी। इससे दुकानदार किसी उपभोक्ता को नकदी भी दे सकता है। कार्ड से राशि पीओएस धारक के खाते में जाएगी और उतनी ही राशि वह जारी कर सकता है। इस दौरान विभिन्न बैंक अधिकारियों ने पीओएस के लिए अपनी-अपनी नीति भी बताई।
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बैंक खाते से जोड़ें आधार और फोन नंबर, रहें बेफिक्र
प्रशिक्षण के दौरान बैंक अधिकारियों ने बताया कि आधार नंबर और मोबाइल नंबर को बैंक खाते से जोड़कर कैश लेस लेनदेन को बहुत आसान किया जा सकता है। इसके लिए एंड्रॉयड फोन पर कई प्रकार की एप डाउनलोड की जा सकती हैं, जो तमाम सुविधा मुहैया करवाती हैं। बैंक अधिकारियों ने बताया कि यह बहुत ही सुरक्षित तरीका है। इससे लेनदेन करने के लिए बैंक हर बार वन टाइम पासर्वड देता है, जो सिर्फ प्रयोगकर्ता के मोबाइल नंबर पर ही आएगा।
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शहर में लगेंगी पीओएस
नई व्यवस्था के तहत शहर में कई जगहों पर प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) लगाने की योजना है। इससे लोगों को अपने काम करवाने की सुविधा मिलेगी। यदि किसी दुकानदार को भुगतान करना है तो कोई भी व्यक्ति अपने कार्ड या बैंक खाते की जानकारी देकर राशि दुकानदार के खाते में भेज सकता है।
ऑनलाइन ही खरीदें स्टांप पेपर
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि सभी प्रकार के सरकारी भुगतान आजकल ऑनलाइन हो गए हैं। ऐसे में यहां भी लोग सीधे बैंक खाते से भुगतान कर सकते हैं। यहां तक कि लोग सरकारी फीस के लिए स्टांप पेपर तक ऑनलाइन खरीद सकते हैं। इससे भी बैंक खाते से पैसे कटेंगे। इसकी सुविधा हरियाणा सरकार की वेबसाइट पर है।
कैश लेस बहुत बेहतर व्यवस्था है। लोगों के कैश के लिए दिक्कत नहीं हो, इसके लिए यह व्यवस्था की जा रही है। लोग अपने बैंक खाते और डेबिट, क्रेडिट कार्ड से सभी भुगतान कर सकते हैं। जल्द ही इस प्रकार की मशीनें शुरू की जाएंगी। स्कूल सूचना सहायक, सीएससी संचालक और बैंक बीसी को ट्रेनिंग दी गई है, ताकि वे आगे लोगों को कैश लेस व्यवस्था की जानकारी दे सकें।
विनय सिंह, डीसी
बैंक व एटीएम खाली, लोग बेहाल
नोटबंदी के 22वें दिन भी कैश की स्थिति बदतर रही। जिले के करीब दो दर्जन एटीएम और दर्जन भर बैंक से ही कैश निकल पाया। इससे बैंकों के बाहर भीड़ नदारद रही, वहीं एटीएम के बाहर लंबी लाइनें लगी रहीं। बुधवार को करीब एक करोड़ रुपये ही जींद को मिले, जबकि खपत प्रतिदिन करीब 30 करोड़ रुपये की है। अधिकतर लोगों को कैश नहीं मिलने के कारण निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
आज से सैलरी के लिए होगी मारामारी
नया महीना शुरू होते ही सैलरी का भी संकट सामने आ रहा है। जिले में करीब 30 हजार कर्मचारियों के सैलरी खाते हैं। वीरवार से इसके लिए मारामारी शुरू हो जाएगी। जिले के अधिकतर बैंक खाली हैं और सैलरी आने के बाद करीब 30 हजार लोगों की अलग से लाइन लग जाएगी। एलडीएम मिथिलेश कुमार झा के अनुसार सैलरी के लिए अलग से कैश की कोई व्यवस्था नहीं है। जो कैश आ रहा है, उसी से काम चलेगा।
एसबीओपी में हालात रहे सामान्य
सफीदों गेट स्थित एसबीओपी में बुधवार को हालात सामान्य रहे। कैश आने के कारण लोगों को 24 हजार रुपये तक की नकदी जारी की गई। इससे पहले बैंक चार से दस हजार रुपये तक की ही नकदी दे रहे थे।
नहीं कैश की व्यवस्था
कैश की कोई व्यवस्था नहीं है। इसीलिए कैश लेस व्यवस्था की जा रही है। अब बैंक दुकानदारों के पास जाकर उन्हें पीओएस मशीन की जानकारी देंगे और उन्हें मशीन लगवाने के लिए प्रेरित करेंगे। अभी कैश की स्थिति सामान्य होने की उम्मीद नहीं है।
मिथिलेश कुमार झा, एलडीएम