{"_id":"61b733342dba7138796fe741","slug":"cultural-programs-were-celebrated-on-the-second-day-of-geeta-jayanti-in-jind","type":"story","status":"publish","title_hn":"जींद: गीता जयंती के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही धूम, कलाकारों ने हरियाणवी व पंजाबी गानों पर दी प्रस्तुती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जींद: गीता जयंती के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही धूम, कलाकारों ने हरियाणवी व पंजाबी गानों पर दी प्रस्तुती
Mon, 13 Dec 2021 05:19 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 13 Dec 2021 05:19 PM IST
सार
कार्यक्रम में जुलाना के जेजेपी विधायक अमरजीत ढांडा मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि गीता को आत्मसात कर व्यक्ति जीवन को बेहतर बना सकता है।
विज्ञापन
सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुती देती कलाकार।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के जींद में जारी जिला स्तरीय गीता जयंती समारोह के दूसरे दिन सोमवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। विद्यार्थियों ने हरियाणवी व पंजाबी गानों पर कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसे देख दर्शक भी झूमे। डीसी नरेश नरवाल ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा जिला प्रशासन द्वारा स्टॉल लगाए हुए हैं।
विज्ञापन
इसमें लोगों को सरकार द्वारा जारी जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि लोग इन योजनाओं के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी प्राप्त कर लाभ उठाएं।
विज्ञापन
इस दौरान जुलाना के जेजेपी विधायक अमरजीत ढांडा मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि गीता हर व्यक्ति को जीने का सार बताती है। गीता को आत्मसात कर व्यक्ति जीवन को बेहतर बना सकता है। उन्होंने कहा कि गीता मनुष्य के संपूर्ण जीवन का सार है। गीता में लिखे गए श्लोक आदि काल से सत्य हैं और अनादि काल तक सत्य रहेगें।
विज्ञापन
भारत की संस्कृति और सभ्यता में श्रीमद्भगवत गीता का जो स्थान है, उसे शब्दों में नहीं पिरोया जा सकता। यह वह भाव है जो सिर्फ ग्रहण किए जाते हैं और जीवन में उतारे जाते हैं। इसलिए गीता हमारे सबके लिए न केवल पूज्यनीय है बल्कि अनुकरणीय भी है।