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Jind News: सीआरएसयू के प्राध्यापक की डिजाइन हुई पेटेंट
Mon, 16 Oct 2023 11:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 16 Oct 2023 11:01 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। सीआरएसयू के अर्थशास्त्र विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉॅ. विजय कुमार की एक डिजाइन पेटेंट हुई है। डिजाइन का विषय है फसल उत्पादन के निर्धारण में रोबोट। डॉ. विजय कुमार ने बताया कि इस मशीन को कंप्यूटर साइंस के विशेषज्ञों की सहायता से प्रोग्रामिंग करके बनाया जा सकता है।
इस रोबोट मशीन की सहायता से फसल की लागत को कम किया जा सकता और उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है। यह रोबोट मशीन किसानों की आमदनी को बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है। यह देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगी और राष्ट्रीय आय तथा किसानों की प्रति व्यक्ति आय को भी बढ़ाने में मदद करेगी। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉॅ. रणपाल सिंह ने कहा की इस प्रकार की डिजाइन को विश्वविधालय के इनक्यूबेशन सेंटर के द्वारा बनाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा की इस प्रकार के पेटेंट विश्वविद्यालय की रैंकिंग को ऊपर उठाने में मददगार साबित होते हैं। इस विश्वविद्यालय में सोशल साइंसेज का यह पहला पेटेंट है और विश्वविद्यालय का यह तीसरा पेटेंट है। प्रोफेसर सिन्हा ने बधाई देते हुए कहा की इस प्रकार की उपलब्धियां विश्वविद्यालय को नेक की अच्छी रैंकिंग दिलवाने में भी मददगार रहेंगी।
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जींद। सीआरएसयू के अर्थशास्त्र विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉॅ. विजय कुमार की एक डिजाइन पेटेंट हुई है। डिजाइन का विषय है फसल उत्पादन के निर्धारण में रोबोट। डॉ. विजय कुमार ने बताया कि इस मशीन को कंप्यूटर साइंस के विशेषज्ञों की सहायता से प्रोग्रामिंग करके बनाया जा सकता है।
इस रोबोट मशीन की सहायता से फसल की लागत को कम किया जा सकता और उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है। यह रोबोट मशीन किसानों की आमदनी को बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है। यह देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगी और राष्ट्रीय आय तथा किसानों की प्रति व्यक्ति आय को भी बढ़ाने में मदद करेगी। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉॅ. रणपाल सिंह ने कहा की इस प्रकार की डिजाइन को विश्वविधालय के इनक्यूबेशन सेंटर के द्वारा बनाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा की इस प्रकार के पेटेंट विश्वविद्यालय की रैंकिंग को ऊपर उठाने में मददगार साबित होते हैं। इस विश्वविद्यालय में सोशल साइंसेज का यह पहला पेटेंट है और विश्वविद्यालय का यह तीसरा पेटेंट है। प्रोफेसर सिन्हा ने बधाई देते हुए कहा की इस प्रकार की उपलब्धियां विश्वविद्यालय को नेक की अच्छी रैंकिंग दिलवाने में भी मददगार रहेंगी।
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