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परिवेदना समिति की मीटिंग में मंत्री के तल्ख तेवर

Fri, 21 Apr 2017 11:38 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला जींद
ब्यूरो अमर उजाला जींद Updated Fri, 21 Apr 2017 11:38 PM IST
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samiti meeting minister in action mood
पीड़ित को समझाते मंत्री कृष्ण बेदी। - फोटो : amarujala beuro
जिला परिवेदना समिति की मीटिंग में शिकायतों का निपटारा करते समय समिति के चेयरपर्सन और राज्य मंत्री कृष्ण बेदी के तेवर तल्ख रहे। उन्होंने खिलाड़ी की शिकायत पर एक्शन लेते हुए एक निजी स्कूल की शारीरिक शिक्षक सीमा, हसनुपर आरोही मॉडल स्कूल की शारीरिक शिक्षा प्रवक्ता सुशीला व डीपीईएसडी रामरती को खेल के किसी भी आयोजन के लिए डी-बार करने के आदेश दिए। साथ ही एक्सईएन को फटकार लगा पद के लायक न बताते हुए सीएम से निलंबन की बात कही।
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जिला परिवेदना समिति की मीटिंग उस समय अजीब सी स्थिति खड़ी हो गई, जब एक भाजपा नेता की शिकायत कर रहे फरियादी को समिति के चेयरपर्सन और राज्य मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि बाहर समझौता कर लो। इतना नहीं मंत्री ने यह भी कह डाला कि जो मिले ले लेना नहीं तो खैर नहीं। यह भरी मीटिंग में चर्चा का विषय बना रहा। हालांकि मंत्री ने मौके पर भी भाजपा नेताओं को सख्त लहजे में पीड़ित को मुआवजा देने की बात कही। मंत्री ने स्वयं कहा कि यदि वे फरियादी की बात नहीं सुनेंगे तो बाहर संदेश जाएगा कि भाजपा नेता की शिकायत के कारण ऐसा हुआ है।
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दरअसल एजेंडा की शिकायत संख्या 12 में पिल्लूखेड़ा ब्लॉक के मोरखी गांव के खेतों में एक भाजपा नेता की हैचरी है। इस पर शिकायतकर्ता राजेश ने कहा कि इसका वेस्ट खेतों में डाला जा रहा है। आरोप है कि इससे भूमि की उपजाऊ शक्ति कम हो रही है और प्रदूषण के कारण काफी दिक्कतें हो रही हैं। फरियादी ने कहा कि इससे तीन साल से उसके खेत में पैदावार नहीं हो रही है। इस पर मंत्री कृष्ण बेदी ने भाजपा नेता से अपना पक्ष रखने को कहा। भाजपा नेता ने कहा कि ऐसा नहीं है। यह शिकायत राजनीति से प्रेरित है। मंत्री ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इशारा समझो और बाहर मिल बैठकर समझौता कर लो। यदि आरोपी समझौता नहीं करता तो साफ हो जाएगा कि यह राजनीति से प्रेरित है।
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पर्यावरण विभाग के अधिकारी के साथ भी झड़प
शिकायत समिति के सामने आते ही जब पर्यावरण विभाग के अधिकारी सुनील श्योरण से भाजपा नेता ने पूछा प्रदूषण क्या होता है। इस पर अधिकारी ने कहा कि वे यहां परीक्षा देने नहीं आए हैं। वे अपनी बात रखेें। इस पर मंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए मामले को शांत किया।

भाजपा नेता बोला, मैं इंडस्ट्री बंद कर दूसरे राज्य में चला जाऊंगा
हर तरफ से घिरते देख भाजपा नेता कहा कि ऐसी बात है तो वे अपने 100 करोड़ रुपये की परियोजना को बंद कर किसी दूसरे राज्य में चले जाएंगे। वहां तो उन्हें अनुदान भी मिलेगा। भाजपा नेता ने कहा कि वेस्ट के निबटान के लिए आठ करोड़ रुपये की परियोजना पर सरकार के साथ एमओयू हुआ है, लेकिन यह मामला सरकार के स्तर पर अटका है। भाजपा नेता ने कहा कि वे हर मुर्गी के लिए टॉयलेट नहीं बनवा सकते।

नियमों का नहीं हो रहा पालन
सरकार ने 2013 में पर्यावरण को लेकर नए नियम बनाए हैं। इसके तहत मुर्गियों की बीट खुले में नहीं डाली जा सकती। इसमें नाइट्रोजन की मात्रा अधिक होती है और इससे आसपास की फसल भी प्रभावित होती हैं, लेकिन इस हैचरी ने दो एकड़ में खुले में बीट डाली हैं। इस पर पर्यावरण विभाग ने नोटिस दिया था, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद मामला अदालत में गया है।
सुनील श्योरण, पर्यावरण अधिकारी।

बॉक्सिंग खिलाड़ी ने शिक्षिकाओं पर लगाया भेदभाव का आरोप
एजेंडा की शिकायत नंबर 15 में किलाजफरगढ़ निवासी बॉक्सिंग खिलाड़ी नैंसी ने कहा कि अगस्त 2016 में उसने जिला स्तरीय प्रतियोगिता जीती थी। इस पर उसे राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए हिसार ले जाया गया। यहां साथ गई तीन शिक्षिकाओं ने भेदभाव कर उसका वजन नहीं करवाया और अपनी एक परिचित खिलाड़ी को प्रतियोगिता में शामिल किया। इसको गंभीरता से लेते हुए मंत्री दनौदा गांव के एक निजी स्कूल की शारीरिक शिक्षक सीमा, हसनुपर आरोही मॉडल स्कूल की शारीरिक शिक्षा प्रवक्ता सुशीला व डीपीईएसडी रामरती को खेल के किसी भी आयोजन के लिए डी-बार करने की घोषणा की। मंत्री ने कहा कि अधिकारियों से सलाह लेकर इन शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

एक्सईएन को बोले, आप तो इस पद के लायक ही नहीं हो, सीएम से बात कर निलंबन करवाऊंगा
एजेंडा की शिकायत नंबर तीन में वार्ड तीन के लोगों ने अवैध कब्जों का जिक्र करते हुए इससे कॉलोनी की सीवर के पानी की निकासी की बात कही। यह मामला कई महीनों से परिवेदना समिति की मीटिंग में लटका है। इस पर जब अपना पक्ष रखने के लिए सिंचाई विभाग के एक्सईएन बीडी जागलान मंच पर आए तो मंत्री ने कहा कि यहां अतिक्रमण क्यों नहीं हट रहा है। क्या इसके लिए सेना बुलानी पड़ेगी। मंत्री ने कहा कि आप तो इस पद के लायक ही नहीं है। सीएम से बात कर आपका निलंबन करवाऊंगा। इस पर डीसी विनय सिंह सहित परिवेदना समिति के सदस्यों भी 15 दिन की मोहलत मांगी। इससे अगली ही शिकायत फिर से सिंचाई विभाग की आई। जैसे ही एक्सईएन मंच पर आए मंत्री ने कहा कि आपको कोई नहीं बचा सकता।

11 शिकायतों का हुआ निपटारा
इस दौरान परिवेदना समिति के समक्ष 15 शिकायतें रखी गई, जिनमें से 11 का निपटारा किया गया। चार शिकायतें अगली मीटिंग के लिए पेंडिंग रखी गई हैं। इस दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर तय समय सीमा में निपटाना सुनिश्चित करें। जो अधिकारी इस कार्य में ढिलाई एवं कोताही बरतता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

डीएसपी को साफ शब्दों में चेतावनी
मीटिंग के दौरान एजेंडा से अलग एक शिकायत पर भी सुनवाई हुई। शिकायत में कौशिक नगर निवासी हरीश कुमार ने कहा कि उसने अर्बन एस्टेट निवासी एक व्यक्ति के साथ मिलकर दुपहिया वाहन की एजेंसी शुरू की थी। पार्टनर ने फर्जी कागजात पेश कर एजेंसी अपने नाम करवा ली। अब पुलिस आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। इस पर जब मंत्री जांच के बार में डीएसपी कुलवंत सिंह से सवाल किए तो वे जवाब नहीं दे पाए। इस पर मंत्री ने कहा कि कप्तान सिंह इसमें तेरा रोल है, निकाल दूंगा बाहर। इस शिकायत पर मंत्री ने पीड़ित से बातचीत कर एसएसपी को एसआईटी गठित कर जांच करवाने के आदेश दिए।


दिखाए काले झंडे
जिस समय राज्य मंत्री कृष्ण बेदी परिवेदना समिति की मीटिंग से बाहर आए, यहां एससी ए महापंचायत के लोगों ने उन्हें काले झंडे दिखाते हुए नारेबाजी की। गौरतलब है कि एससी ए महापंचायत के लोग अनुसूचित जाति के वर्गीकरण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इन लोगों ने कहा कि सत्ता में आने से पहले भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में यह बात कही थी, लेकिन अब इसे पूरा नहीं किया जा रहा है।
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