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पुलिस के टॉर्चर से तंग आकर लगाई फांसी
jind/bureau
Updated Sun, 24 Apr 2016 12:43 AM IST
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गांव छापर में पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। परिजनों ने उसे उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल में दाखिल करवाया।
जहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालात देखते हुए पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि सफीदों पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर उसको टॉर्चर किया। जिससे परेशान होकर उसने आत्महत्या करने की कोशिश की।
पुलिस के अनुसार गांव छापर निवासी गुरुलाल ने रात को घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। फांसी लगाने की भनक लगते ही परिजन मौके पर पहुंच गए और उसे उतारकर उपचार के लिए नजदीक के अस्पताल में दाखिल करवाया।
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जहां से उसे पीजीआई रेफर कर दिया। युवक गुरुलाल के मामा असंध करनाल निवासी भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले गुरुलाल की चाची मनजीत कौर के गेहूं के कट्टे चोरी हो गए थे। इसके बाद मनजीत कौर ने सफीदों थाने में शिकायत देकर गुरुलाल के भाई मेहर सिंह पर चोरी करने के आरोप लगाए।
जिसके बाद सफीदों थाना पुलिस के कर्मचारी गांव छापर पहुंचे और मेहर सिंह को पूछने के लिए घर पहुंचे, लेकिन मेहरसिंह घर पर नहीं होने के चलते पुलिस कर्मी गुरुलाल को अपने साथ ले गए। थाने में पुलिस कर्मचारियों ने गुरुलाल को टॉर्चर किया और उसकी बेरहमी से पिटाई की।
जिसके बाद से गुरुलाल मानसिक रुप से परेशान था। पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर उसने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। जबकि पुलिस कर्मचारी ने आरोपों को निराधार बताया है।
थाना प्रभारी नरसिंह ने बताया कि ऐसा मामला सामने आया है। पीजीआई रोहतक में जांच अधिकारियों को भेजा गया है। जांच के बाद जो सामने आएगा, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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जहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालात देखते हुए पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि सफीदों पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर उसको टॉर्चर किया। जिससे परेशान होकर उसने आत्महत्या करने की कोशिश की।
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पुलिस के अनुसार गांव छापर निवासी गुरुलाल ने रात को घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। फांसी लगाने की भनक लगते ही परिजन मौके पर पहुंच गए और उसे उतारकर उपचार के लिए नजदीक के अस्पताल में दाखिल करवाया।
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जहां से उसे पीजीआई रेफर कर दिया। युवक गुरुलाल के मामा असंध करनाल निवासी भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले गुरुलाल की चाची मनजीत कौर के गेहूं के कट्टे चोरी हो गए थे। इसके बाद मनजीत कौर ने सफीदों थाने में शिकायत देकर गुरुलाल के भाई मेहर सिंह पर चोरी करने के आरोप लगाए।
जिसके बाद सफीदों थाना पुलिस के कर्मचारी गांव छापर पहुंचे और मेहर सिंह को पूछने के लिए घर पहुंचे, लेकिन मेहरसिंह घर पर नहीं होने के चलते पुलिस कर्मी गुरुलाल को अपने साथ ले गए। थाने में पुलिस कर्मचारियों ने गुरुलाल को टॉर्चर किया और उसकी बेरहमी से पिटाई की।
जिसके बाद से गुरुलाल मानसिक रुप से परेशान था। पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर उसने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। जबकि पुलिस कर्मचारी ने आरोपों को निराधार बताया है।
थाना प्रभारी नरसिंह ने बताया कि ऐसा मामला सामने आया है। पीजीआई रोहतक में जांच अधिकारियों को भेजा गया है। जांच के बाद जो सामने आएगा, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।