हरियाणा की पोल्ट्री फार्म में हल हो रहा था दिल्ली की परीक्षा का प्रश्नपत्र, पुलिस ने दी दबिश तो भागे आरोपी
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दिल्ली जिला अदालत के लिए चल रही ग्रुप-डी की ऑनलाइन परीक्षा के पेपर हल करने के लिए काकड़ौद गांव के पास बने मुर्गी फार्म को हाईटेक बनाया गया था। सूचना के आधार पर रविवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे उचाना थाना पुलिस, सीआईए ने छापा मारा तो आरोपी खेतों के रास्ते भाग निकले। हालांकि पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मोबाइल, ब्लूट्रूथ, वाई-फाई आदि उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
काकड़ौद निवासी कृष्ण के खेतों में बने मुर्गी फार्म परिसर में बने घर में पेपर लीक व सॉल्व करने वाले गिरोह के गुर्गे मौजूद थे। कृष्ण ने अपने घर की छत पर वाई-फाई लगाया हुआ है। गिरोह के सदस्य वहीं बैठकर मोबाइल व ब्लूटूथ से प्रश्न पत्र हल कर रहे थे। पुलिस के अनुसार इस गिरोह का सरगना काकड़ौद निवासी अशोक खुद को हरियाणा पुलिस का सिपाही बताता है और उसने अपना नकली पुलिस का पहचान-पत्र बनवा रखा है।
यह गिरोह परीक्षार्थियों से मोटी रकम लेकर परीक्षा पास करवाने का काम करता है। इस समय कई लड़के निगरानी कर रहे थे कि पुलिस को भनक नहीं लगे। यह मुर्गी फार्म मुख्य सड़क से लगभग डेढ़ किलोमीटर अंदर स्थित है। रविवार सुबह पुलिस की गाड़ी को देखकर दर्जन भर युवक मौके से भाग निकले, जबकि पुलिस ने दनौदा कलां निवासी सुरेंद्र व हरदीप, काकड़ौद निवासी मनदीप को दबोच लिया। पुलिस ने मौके से मोबाइल फोन, वाई-फाई व इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण के अलावा 10 बाइक व गाड़ी कब्जे में ली है।
प्रश्न पत्र हल करने की एवज में उम्मीदवारों से पांच से सात लाख रुपये लिए जाते हैं। फर्जीवाड़ा करने वाला सबसे अधिक राशि सॉल्वर पर खर्च करता है। इसके लिए पांच-छह सॉल्वर जुटाए जाते हैं, जो 10-15 मिनट में ही प्रश्न पत्र को हल कर दें। प्रश्न पत्र की आंसर-की उम्मीदवार को परीक्षा समाप्त होने से कुछ समय पहले दी जाती है।
महज दस मिनट में ही यह पूरा खेल कर दिया जाता है। आंसर-की उम्मीदवारों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दूसरे लोगों की होती है। इसके लिए गूगल से लेकर पुस्तकों की भी मदद ली जाती है। इन विशेषज्ञों के 90 प्रतिशत तक उत्तर सही होते हैं। इसके बाद कोड के अनुसार आंसर-की तैयार कर भेज दी जाती है।
अभी प्रारंभिक सूचना के आधार पर कार्रवाई की है। तीन लोगों को पकड़ा है। जिस घर में कार्रवाई हुई, वहां हवन भी करवाया गया था। पता किया जा रहा है कि कौन-कौन लोग इसमें शामिल थे। जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी। - जितेंद्र खटकड़, डीएसपी उचाना।