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प्रशासन ने तीन नाबालिग लड़कियों की शादी रुकवाई
अमर उजाला ब्यूरो जींद
Updated Tue, 09 May 2017 12:19 AM IST
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मौके पर पहुंचकर कागजी कार्रवाई करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय की सतर्कता विभाग की टीम ने तीन नाबालिग की शादी को रुकवाया है। जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करमिंद्र कौर को महिला हेल्प लाइन से नाबालिग के विवाह की सूचना मिली थी। सूचना थी कि जुलाना के राजगढ़ गांव में एक नाबालिग लड़की की शादी गुप्त तरीके से रविवार शाम को हो रही है और बारात भी गांव बीबीपुर से आने वाली है।
इसके बाद सहायक बाल विवाह निषेध अधिकारी रवि लोहान, महिला कांस्टेबल पूनम, एसपीओ सुरेशकुमार जुलाना थाना पुलिस के साथ विवाह स्थल पर पहुंचे और दुल्हन के परिजनों से उसके जन्म प्रमाण पत्र मांगे तो वह नहीं मिला। लड़की का आधार कार्ड दिखाया गया तो उसमें लड़की की उम्र मात्र साढ़े 15 वर्ष मिली। इस पर लड़की और उसके परिजनों ने बताया कि उसके माता पिता के अनपढ़ और गरीब होने के कारण ही वह यह शादी कर रहे थे।
इस पर परिजनों को समझाया गया कि लड़की नाबालिग है। इसलिए आप उसके बालिग होने तक का इंतजार करें ताकि कोई कानूनी अड़चन न आए। इस पर परिवार सहमत हो गया तथा शादी स्थगित कर दी।
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परिवार ने महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध विभाग के अधिकारियों को लिखित बयान दिए। इसके बाद बीबीपुर गांव से आने वाली बारात को रोक दिया गया। इसी बीच दूसरी सूचना मिली कि उदयपुर गांव में भी दो सगी बहनों की शादी की जा रही है और बारात भी अलग-अलग जगह से पहुंच चुकी है। टीम उचाना पुलिस थाना के साथ विवाह स्थल पर पहुंची तो पाया कि दो लड़कियों की शादी की जा रही थी। एक लड़की की बारात उचाना से और दूसरी लड़की की बारात गांव राजथल जिला हिसार से आ चुकी है।
टीम ने लड़की के परिवार वालों से दोनों बहनों का जन्म प्रमाण पत्र मांगा तो परिजनों ने पहले तो टाल मटोल करने की कोशिश की। लगभग दो घंटे के बाद जो सबूत दिखाए उसमें बड़ी लड़की की उम्र मात्र साढ़े 17 वर्ष और छोटी लड़की की उम्र मात्र साढ़े 15 वर्ष मिली। इस पर परिजनों को समझाया गया कि आप उनके बालिग होने तक का इंतजार करें। इस पर दोनों परिवार सहमत हो गए तथा शादी को स्थगित कर दिया।
इसके बाद सहायक बाल विवाह निषेध अधिकारी रवि लोहान, महिला कांस्टेबल पूनम, एसपीओ सुरेशकुमार जुलाना थाना पुलिस के साथ विवाह स्थल पर पहुंचे और दुल्हन के परिजनों से उसके जन्म प्रमाण पत्र मांगे तो वह नहीं मिला। लड़की का आधार कार्ड दिखाया गया तो उसमें लड़की की उम्र मात्र साढ़े 15 वर्ष मिली। इस पर लड़की और उसके परिजनों ने बताया कि उसके माता पिता के अनपढ़ और गरीब होने के कारण ही वह यह शादी कर रहे थे।
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इस पर परिजनों को समझाया गया कि लड़की नाबालिग है। इसलिए आप उसके बालिग होने तक का इंतजार करें ताकि कोई कानूनी अड़चन न आए। इस पर परिवार सहमत हो गया तथा शादी स्थगित कर दी।
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परिवार ने महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध विभाग के अधिकारियों को लिखित बयान दिए। इसके बाद बीबीपुर गांव से आने वाली बारात को रोक दिया गया। इसी बीच दूसरी सूचना मिली कि उदयपुर गांव में भी दो सगी बहनों की शादी की जा रही है और बारात भी अलग-अलग जगह से पहुंच चुकी है। टीम उचाना पुलिस थाना के साथ विवाह स्थल पर पहुंची तो पाया कि दो लड़कियों की शादी की जा रही थी। एक लड़की की बारात उचाना से और दूसरी लड़की की बारात गांव राजथल जिला हिसार से आ चुकी है।
टीम ने लड़की के परिवार वालों से दोनों बहनों का जन्म प्रमाण पत्र मांगा तो परिजनों ने पहले तो टाल मटोल करने की कोशिश की। लगभग दो घंटे के बाद जो सबूत दिखाए उसमें बड़ी लड़की की उम्र मात्र साढ़े 17 वर्ष और छोटी लड़की की उम्र मात्र साढ़े 15 वर्ष मिली। इस पर परिजनों को समझाया गया कि आप उनके बालिग होने तक का इंतजार करें। इस पर दोनों परिवार सहमत हो गए तथा शादी को स्थगित कर दिया।