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लिंक क्लिक के नाम पर ठगी, चार करोड़ रुपये लेकर कंपनी फरार
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
Updated Mon, 24 Apr 2017 12:35 AM IST
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कम्पनी के लोगों के खिलाफ शिकायत लेकर जुलाना थाना पहुंचे पीड़ित लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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लिंक क्लिक करने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने का धंधा कम नहीं हो रहा है। पहले सोशल ट्रेड में लोगों के कई करोड़ रुपये डूबे थे अब वैसी ही एक और कंपनी ने जुलाना के लगभग 600 लोगों के लगभग चार करोड़ रुपये पानी में डूबो दिए। कंपनी ने अपनी वेेबसाइट से साइट को हटा लिया है और यू-ट्यूब पर पड़े कंपनी के रिव्यू को भी हटा लिया है। कंपनी से धोखा खाने के बाद अब जुलाना पुलिस में पीड़ितों ने कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है।
लोगों ने जुलाना पुलिस में एक शिकायत दी है कि पिछले कई माह से जीवनदीप इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड ने ऐडवर्शल क्लब के नाम की एक वेबसाइट बनाई थी। इसमें लिंक क्लिक के नाम पर लोगों को लुभावने सपने दिखाए जाते थे। इस कंपनी में चार प्लान के तहत लोगों को इसमें ज्वाइंनिंग करवाया जाता था और एक चैन सिस्टम के तहत लोगों को प्रॉफिट दिया जाता था। शिकायतकर्ता दीपक मलिक ने बताया कि क्लब की वेबसाइट पर चार प्रकार के प्लान दिए गए थे जिसमें 6,900, 17,500, 34,500, 59,000 और एक लाख रुपये के प्लान दिए गए थे। इसमें आरटीजीएस के माध्यम से जीवनदीप इंडस्टीज प्राइवेट लिमिटेड के नाम बैंकों से रुपये ट्रांसफर होते थे। उसके बाद यह प्लान एक्टीवेट किए जाते थे।
इसमें प्लान के माध्यम से लिंक क्लिक करने के रुपये कंपनी देती थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि यह कंपनी चार अप्रैल को फरार हो गई। कंपनी ने इंटरनेट पर वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट एडवर्शलक्लब डॉट कॉम को भी हटा लिया है। कंपनी ने शुरुआत में प्रचार प्रसार के लिए यू-ट्यूब पर अपना रिव्यू भी डाला था। उसको भी हटा लिया है। इसमें जुलाना के लोगों के लगभग चार करोड़ रुपये कंपनी लेकर फरार हो गई है। बताया जा रहा है कि जुलाना से लगभग 600 से ज्यादा लोग इस कंपनी में जुड़े थे। इसके बाद पीड़ित दीपक मलिक, बिजेंद्र बुआना, मोहन जांगड़ा, महेंद्र सिंह, ईश्वर ठाकुर, विजेंद्र, दीपक, रिंकू, रामनिवास लाठर सहित कई लोगों ने कंपनी के पदाधिकारियों के खिलाफ जुलाना पुलिस को शिकायत के माध्यम से मामला दर्ज करने और उनके रुपये की रिकवरी करवाने की मांग की है।
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आठ रुपये देती थी लिंक क्लिक करने के
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कंपनी ज्वाइनिंग करवाने के बाद वेबसाइट पर यूजर नेम और पासवर्ड मुहैया करवाती थी। उसके बाद प्लान के हिसाब से क्लिक करने का कार्य देती थी। बताया जाता है कि 34 हजार 500 रुपये के प्लान पर सिंगल व्यक्ति को 50 क्लिक देती थी और आठ के हिसाब से 400 प्रतिदिन के देती थी। इसमें कंपनी लगभग 10 या 15 प्रतिशत रुपये टीडीएस और सर्विस चार्ज की कटौती करती थी। इसके बाद 340 रुपये प्रतिदिन के बनते थे। वैसे ही कंपनी यह भी आफर देती थी कि अगर वह अपने लेफ्ट और राइट में एक-एक व्यक्ति को जोड़ते हैं, तो एक साइड का 10 प्रतिशत हिस्सा इंसेंटिव के नाम पर देती थी। इसी लालच में काफी संख्या में लोगों ने दूसरों को कंपनी के साथ जोड़ा। यहीं नहीं एक साल तक रुपये देने के वायदे करती थी।
कोर्ट के माध्यम से होगी कार्रवाई
ऐसी ही एक शिकायत आई है, लेकिन इस मामले पर कोर्ट के माध्यम से कार्रवाई होगी। इसलिए शिकायतकर्ता को पहले कोर्ट केस करना होगा। कोर्ट के आदेशों के बाद ही कंपनी के लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। -रोहताश ढुल, थाना प्रभारी जुलाना।
लोगों ने जुलाना पुलिस में एक शिकायत दी है कि पिछले कई माह से जीवनदीप इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड ने ऐडवर्शल क्लब के नाम की एक वेबसाइट बनाई थी। इसमें लिंक क्लिक के नाम पर लोगों को लुभावने सपने दिखाए जाते थे। इस कंपनी में चार प्लान के तहत लोगों को इसमें ज्वाइंनिंग करवाया जाता था और एक चैन सिस्टम के तहत लोगों को प्रॉफिट दिया जाता था। शिकायतकर्ता दीपक मलिक ने बताया कि क्लब की वेबसाइट पर चार प्रकार के प्लान दिए गए थे जिसमें 6,900, 17,500, 34,500, 59,000 और एक लाख रुपये के प्लान दिए गए थे। इसमें आरटीजीएस के माध्यम से जीवनदीप इंडस्टीज प्राइवेट लिमिटेड के नाम बैंकों से रुपये ट्रांसफर होते थे। उसके बाद यह प्लान एक्टीवेट किए जाते थे।
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इसमें प्लान के माध्यम से लिंक क्लिक करने के रुपये कंपनी देती थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि यह कंपनी चार अप्रैल को फरार हो गई। कंपनी ने इंटरनेट पर वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट एडवर्शलक्लब डॉट कॉम को भी हटा लिया है। कंपनी ने शुरुआत में प्रचार प्रसार के लिए यू-ट्यूब पर अपना रिव्यू भी डाला था। उसको भी हटा लिया है। इसमें जुलाना के लोगों के लगभग चार करोड़ रुपये कंपनी लेकर फरार हो गई है। बताया जा रहा है कि जुलाना से लगभग 600 से ज्यादा लोग इस कंपनी में जुड़े थे। इसके बाद पीड़ित दीपक मलिक, बिजेंद्र बुआना, मोहन जांगड़ा, महेंद्र सिंह, ईश्वर ठाकुर, विजेंद्र, दीपक, रिंकू, रामनिवास लाठर सहित कई लोगों ने कंपनी के पदाधिकारियों के खिलाफ जुलाना पुलिस को शिकायत के माध्यम से मामला दर्ज करने और उनके रुपये की रिकवरी करवाने की मांग की है।
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आठ रुपये देती थी लिंक क्लिक करने के
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कंपनी ज्वाइनिंग करवाने के बाद वेबसाइट पर यूजर नेम और पासवर्ड मुहैया करवाती थी। उसके बाद प्लान के हिसाब से क्लिक करने का कार्य देती थी। बताया जाता है कि 34 हजार 500 रुपये के प्लान पर सिंगल व्यक्ति को 50 क्लिक देती थी और आठ के हिसाब से 400 प्रतिदिन के देती थी। इसमें कंपनी लगभग 10 या 15 प्रतिशत रुपये टीडीएस और सर्विस चार्ज की कटौती करती थी। इसके बाद 340 रुपये प्रतिदिन के बनते थे। वैसे ही कंपनी यह भी आफर देती थी कि अगर वह अपने लेफ्ट और राइट में एक-एक व्यक्ति को जोड़ते हैं, तो एक साइड का 10 प्रतिशत हिस्सा इंसेंटिव के नाम पर देती थी। इसी लालच में काफी संख्या में लोगों ने दूसरों को कंपनी के साथ जोड़ा। यहीं नहीं एक साल तक रुपये देने के वायदे करती थी।
कोर्ट के माध्यम से होगी कार्रवाई
ऐसी ही एक शिकायत आई है, लेकिन इस मामले पर कोर्ट के माध्यम से कार्रवाई होगी। इसलिए शिकायतकर्ता को पहले कोर्ट केस करना होगा। कोर्ट के आदेशों के बाद ही कंपनी के लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। -रोहताश ढुल, थाना प्रभारी जुलाना।