Jind: पुलिस-ग्रामीण भिड़े, डिटेक्टिव इंचार्ज समेत दो घायल, 17 लोग गिरफ्तार, तीन वाहन जब्त
RTA की गाड़ी में डिवाइस लगाने के आरोपी को हवालात से छुड़ाने का प्रयास किया गया। परिजनों ने डिटेक्टिव थाने पर धावा बोल दिया। पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। हमले में डिटेक्टिव इंचार्ज सहित दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। ग्रामीणों को भी चोंटें आईं है।
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विस्तार
हरियाणा के जींद में आरटीए (क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण) की गाड़ी में डिवाइस लगाने के मामले में जिला परिवहन अधिकारी के चतुर्थ कर्मचारी सफाखेड़ी निवासी अमन की गिरफ्तारी के बाद शनिवार देर रात परिजनों ने डिटेक्टिव कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। पुलिस कर्मचारियों ने ग्रामीणों को जाने को कहा, लेकिन ग्रामीण नहीं माने और डिटेक्टिव स्टाफ पर युवक के अपहरण के आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू की।
ग्रामीणों को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, वहीं ग्रामीणों ने भी पुलिस पर पत्थरबाजी की। जिससे डिटेक्टिव स्टाफ के इंचार्ज आशीष कुमार और पुलिसकर्मी अमित घायल हो गए वहीं ग्रामीणों को भी चोंटें आई। देर रात ही पुलिसकर्मी व ग्रामीणों को नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां उनको प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने इस मामले में सफाखेड़ी गांव की छह महिलाओं समेत 17 लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां सभी महिलाओं को जमानत पर छोड़ दिया और 11 लोगों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
देर शाम दो और आरोपी गिरफ्तार
गाड़ी में डिवाइस लगाने के मामले में पुलिस ने सबसे पहले हिसार जिले के गांव कंवारी निवासी जगमेंद्र उर्फ कमिंडा को गिरफ्तार किया था। पुलिस रिमांड के दौरान इस मामले में अमन के शामिल होने की बात कही थी। अब अमन से पूछताछ के बाद रविवार देर सांय कैथल जिले के गांव प्योंदा निवासी शैलेंद्र उर्फ सिंदर और खरोदी निवासी सुखविंदर उर्फ बिंदर की गिगरफ्तारी हुई है।
अमन ने ही आरटीए की गाड़ी में लगाया था डिवाइस
सफाखेड़ी गांव का युवक अमन भिवानी रोड स्थित आरटीए कार्यालय में करीब दस महीने से कौशल विकास निगम के तहत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लगा हुआ है। आरटीए की गाड़ी में डिवाइस लगाने के मामले की जांच में उसका का नाम सामने आया था। परिजनों का आरोप है कि डिटेक्टिव स्टाफ की टीम अमन को 17 अगस्त को ही घर से हिरासत में लिया था। इस पर शनिवार देर रात सफाखेड़ी गांव के काफी लोग डिटेक्टिव कार्यालय पर पहुंचे गए थे। इससे वहां काफी बवाल हुआ और ग्रामीणों को भगाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
इन ग्रामीणों की हुई गिरफ्तारी
घटना की सूचना मिलने पर डीएसपी उचाना नरसिंह, डीएसपी रोहताश, डीएसपी रवि खुंडिया, शहर, सिविल लाइन तथा सदर थाना प्रभारी भारी संख्या में पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने मौक से 17 लोगों को काबू कर उनके तीन वाहन जब्त कर लिए थे। गिरफ्तार लोगों की पहचान गांव सफाखेड़ी निवासी गजे सिंह, समिया, रमेश, संदीप, रवि, सुरेंद्र, राजीव, सतपाल, भानमती, कौशल्या, रिसाली, सुनीता, गांव संदलाना निवासी जयंत, बलजीत, गांव दुर्जनपुर निवासी शमशेर के रूप में हुई, जबकि कुछ लोग अंधेरे का फायदा उठा कर फरार होने में कामयाब हो गए।
परिजनों के आरोप बेबुनियाद हैं। अमन को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया है। इसके विरोध में ग्रामीणों ने हंगामा किया तो पुलिस ने रात को ही मौके से 17 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। पथराव में डिटेक्टिव स्टाफ प्रभारी समेत दो पुलिसकर्मी घायल हुए। शहर थाना पुलिस ने डिटेक्टिव स्टाफ प्रभारी आशीष की शिकायत पर पुलिस ने 17 लोगों को नामजद कर 20-30 अन्य के खिलाफ मारपीट करने, तोड़फोड़ करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। -रवि खुंडिया, डीएसपी
अमन ही काटता था ओवरलोडिंग वाहनों की रसीद, पैसों का हिसाब-किताब भी उसके पास था
जींद जिला परिवहन विभाग की गाड़ी में डिवाइस लगाने के मामले की जांच उनके खुद कार्यालय तक पहुंच गई है। इस मामले की जांच में सामने आया कि कार्यालय में हरियाणा कौशल विकास निगम के तहत लगे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अमन ने ही आरटीए की गाड़ी में डिवाइस लगाया था। यह खुलासा खुद अमन ने पुलिस पूछताछ में किया है।
आरोपी अमन का नाम पिछले दिनों पकड़े गए आरोपी हिसार जिले के गांव कंवारी गांव निवासी जगमेंद्र उर्फ कमिंडा ने पुलिस रिमांड के दौरान बताया था। अमन हमेशा आरटीए (क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण) टीम के साथ ही रहता था। आरटीए टीम को किसी भी रोड पर ओवरलोडिंग वाहनों पर कार्रवाई करने के लिए जाना होता था तो अधिकारी हर बार अमन को साथ लेकर जाते थे।
वह खुद ओवरलोडिंग वाहनों की रसीद काटता था। कार्यालय में तो कभी आता ही नहीं था। रविवार को पुलिस ने आरोपी अमन को अदालत में पेश किया, जहां पुलिस ने अमन को एक दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ करेगी।
आरोपी अमन आरटीए कार्यालय में करीब दस महीने पहले हरियाणा कौशल विकास निगम के तहत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के तौर पर भर्ती हुआ था। आरोपी अमन जिला कार्यालय में कभी-कभार ही आता था। आरटीए की टीम उसे अक्सर जींद-पटियाला नेशनल हाईवे स्थित सफाखेड़ी गांव से ही चेकिंग के दौरान लेकर जाती थी। आरोपी अमन की गिरफ्तारी के बाद इस मामले की परतें खुलने लगी हैं। इतना जरूर है कि इस मामले में विभाग के कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक की मिलीभगत है। कमाई का हिस्सा कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक जाता था।
कंवारी के जगमेंद्र से अमन ने हिसार से मंगवाया था डिवाइस
आरटीए कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी अमन ने यह डिवाइस हिसार से मंगवाया था। यह डिवाइस कंवारी गांव निवासी जगमेंद्र उर्फ कमिंडा हिसार से लेकर आया था और डिवाइस की राशि अमन ने ही दी थी। अमन ने कार्यालय में नियुक्ति के तीन-चार महीने बाद ही यह डिवाइस आरटीए की गाड़ी में लगा दिया था। तभी से विभाग को चूना लगाया जा रहा था। हालांकि इस मामले में अभी तक केवल एक कर्मचारी का नाम आया है। अमन से पूछताछ में कार्यालय के कई कर्मचारी और अधिकारियों के नाम निकलकर सामने सकते हैं।
अमन के बारे में पता करने गए थे परिजन
ताऊ के लड़के अंकित ने बताया कि वह शनिवार रात डिटेक्टिव थाना में अमन के बारे में पता करने गए थे, क्योंकि अमन कई दिनों से घर नहीं पहुंचा था। इस पर पुलिस कर्मचारियों ने बताया था कि उसे एक मामले में गिरफ्तार किया है। परिजनों ने जब पुलिस से एफआईआर की कॉपी मांगी तो पुलिस ने कॉपी देने से मना कर दिया। जब विरोध किया तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। इसमें उनको गंभीर चोंटें आई।
पुलिस पर आरोप, गिरफ्तारी के पांच दिन बाद भी अदालत में नहीं किया पेश
परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस अमन को फोन कॉल कर घर से बाहर बुलाकर 17 अगस्त को ही गिरफ्तार कर ले गई थी। परिजनों को दो दिन तक अमन का कोई सुराग नहीं लगा। उसके बाद परिजनों ने उचाना पुलिस थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। परिजनों को फिर पता चला कि जींद पुलिस अमन को ले गई है और उसे डिटेक्टिव स्टाफ कार्यालय ले जाया गया है। इसके बावजूद पुलिस ने अमन को पांच दिन बीत जाने के बाद भी अदालत में पेश नहीं किया और न ही उसकी गिरफ्तारी दिखाई।
अमन ने ही आरटीए की गाड़ी में जीपीएस लगाया था। अमन ने पूछताछ में खुलासा किया है। आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान इस मामले में किस-किस अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत है, इस बारे में पूछताछ की जाएगी। वहीं डिटेक्टिव थाने पर हमला करने के आरोपी 17 लोगों को भी अदालत में पेश किया। उनमें छह महिलाओं को जमानत पर छोड़ दिया और 11 लोगों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अमन को पुलिस ने शनिवार दोपहर बाद ढाई बजे गिरफ्तार किया था। -रवि खुंडिया, डीएसपी, जींद।