{"_id":"81d5c61c26ec2ed90ed4d9e84be1ca80","slug":"crime-hindi-news-1002","type":"story","status":"publish","title_hn":"डंडों से पीटकर युवक की हत्या करने के दोषी को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डंडों से पीटकर युवक की हत्या करने के दोषी को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला जींद
Updated Sat, 28 Nov 2015 12:42 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव सिंधवीखेड़ा में लगभग एक साल पहले युवक अमित की डंडों से हमला कर हत्या करने के जुर्म में अदालत ने दोषी प्रदीप को उम्रकैद की सजा सुनाई है। गांव से एक लड़की लापता होने के चलते दोषी ने अमित पर शक करते हुए उससे रंजिश रखनी शुरू कर दी थी। इसी के चलते उसने अमित की हत्या कर दी थी।
विज्ञापन
अदालत में चले अभियोग के अनुसार 12 दिसंबर 2014 को गांव सिंधवीखेड़ा निवासी दलसिंह ने सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसका बेटा अमित खेतों में काम कर रहा था। इसी दौरान खेतों का पड़ोसी प्रदीप वहां पहुंच गया। प्रदीप ने रंजिश के चलते अमित पर लाठी व डंडों से हमला कर दिया।
विज्ञापन
इसमें अमित की मौत हो गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रदीप के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। शुक्रवार को अदालत ने मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी प्रदीप को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
लड़की गायब करने के शक पर की थी हत्या
सिंधवीखेड़ा के दलसिंह ने शिकायत दी थी कि उसको कोई औलाद नहीं थी। इसके बाद उसने अपने भाई के बेटे अमित को गोद लिया था। 22 वर्षीय दत्तक पुत्र अमित पहले टाटा एस गाड़ी चलाता था। करीब ढाई साल पहले उसके पड़ोस से एक लड़की संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गई थी।
इस पर पड़ोसियों ने अमित पर शक जाहिर किया था, लेकिन तीन दिन बाद वो घर आ गई थी। इसको लेकर गांव में पंचायत भी हुई, लेकिन उसमें अमित का कसूर साबित नहीं हो पाया। बताया गया है कि उसी समय से गांव का प्रदीप उससे रंजिश रखे हुए था, जिसके चलते उसकी हत्या की गई।
बेरहमी से की गई थी हत्या
अमित की डंडों से पीट-पीटकर निर्मम हत्या की गई थी। हमलावर ने लगभग 40 वार कर उसे अधमरा कर दिया और वहां से फरार हो गया। अमित के सिर पर कोई चोट थी, लेकिन हाथ-पैर और छाती के निचले हिस्से पर खूब डंडे मारे गए। उसकी पसलियां तक टूटी हुई थी।