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114 केसों का आपसी सहमति से हुआ निपटारा
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
Updated Sun, 13 Sep 2015 12:11 AM IST
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लोगों के आपसी विवादों को निपटाने में राष्ट्रीय लोक अदालतें अहम भूमिका निभा रही हैं। बिना किसी दबाव के इन लोक अदालतों में आपसी सहमती से विवादों का निपटान किया जा रहा है। इसी कड़ी के तहत शनिवार को जींद, नरवाना और सफीदों की न्यायिक परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
न्यायिक परिसरों में इस राष्ट्रीय लोक अदालत में 339 केस समाधान के लिए रखे गए। इनमें से 114 केसों का निपटारा आपसी सहमति से कर लिया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक किस्म के आपसी छोटे मोटे झगड़ों को सौहार्दपूर्ण माहौल में निपटाया गया। जींद, नरवाना और सफीदों में आयोजित लोक अदालतों में अलग-अलग मामलों से 1449795 रुपये की रिकवरी भी हुई।
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लोगों के आपसी विवादों को सहमति से निपटाने के लिए शनिवार को जींद, नरवाना और सफीदों की न्यायिक परिसर में लोक अदालतों का आयोजन किया गया था। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी हरलीन ए शर्मा ने बताया कि जींद में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंचनमाही और मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अमरेंद्र शर्मा के नेतृत्व में दो बेंच बनाए गए थे। इनमें 198 विवाद समाधान के लिए रखे गए। इसमें से 51 विवादों का निपटारा किया गया और 27644 रुपये मुआवजा राशि रिकवरी हुई। नरवाना में एक बेंच बनाया गया था। एक सौ विवाद समाधान के लिए रखे गए थे, जिनमें से 51 का निपटारा कर लिया गया और 18300 रुपये की राशि रिकवरी हुई। इसी प्रकार सफीदों में एक बेंच बनाया गया था। इसमें 41 विवाद समाधान के लिए रखे गए जिनमें से 23 का निपटारा कर दिया गया और 1403851 रुपये रुपये की समझौता राशि रिकवरी हुई।
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मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी हरलीन ए शर्मा ने बताया कि इस लोक अदालत में 138 एनआई एक्ट, क्रिमिनल केस, मोटर व्हीकल एक्ट, सिविल सूट इत्यादि के केस निपटाए गए। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत आपसी मामलों को सुलझाने में काफी कारगर साबित हो रही हैं। इन अदालतों में लोगों को जल्दी न्याय मिल जाता है। इस अदालत में न किसी की जीत होती है और न किसी पक्ष की हार। दोनों पक्षों की आपसी सहमति से उनके विवादों का निपटान करवा दिया जाता है। जबकि दूसरी अदालतों में लोगों को न्याय के लिए काफी लंबे समय तक चक्कर काटने पड़ते हैं। वहीं इस अदालत में मौके पर ही लोगों के विवादों का समाधान करवा दिया जाता है।
लोक अदालत में सफीदों से हुई सबसे ज्यादा रिकवरी
लोगों के आपसी विवादों का निपटान करवाने के लिए शनिवार को जींद, नरवाना और सफीदों में आयोजित की गई लोक अदालतों में रिकवरी के मामले में सफीदों की लोक अदालत नंबर वन रही। इस लोक अदालत में कुल 41 मामले रखे गए थे। इनमें से 23 मामलों को आपसी सहमति से निपटा दिया गया। इस दौरान लोक अदालत ने 1403851 रुपये की समझौता राशि रिकवरी की। जबकि जींद में 198 विवाद समाधान के लिए रखे गए। इसमें से 51 विवादों का निपटारा किया गया और 27644 रुपये मुआवजा राशि रिकवरी हुई। इसी प्रकार नरवाना में एक सौ विवाद समाधान के लिए रखे गए थे, जिनमें से 51 का निपटारा कर लिया गया और 18300 रुपये की राशि रिकवरी हुई। इस प्रकार सफीदों की लोक अदालत में सबसे ज्यादा रिकवरी हुई।