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फर्जी कागजात के आधार पर पांच साल से बुढ़ापा पेंशन ले रहा था दंपती, केस दर्ज

Sat, 15 Jan 2022 12:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 15 Jan 2022 12:06 AM IST
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Couple was taking old age pension for five years on the basis of fake documents, case registered
जींद। फर्जी कागजातों के आधार पर बुढ़ापा पेंशन लेने के आरोप में सदर थाना नरवाना पुलिस ने दंपती के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दंपती पिछले पांच साल से फर्जी कागजात के आधार पर पेंशन ले रहा था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ता को सूचना मिली थी कि गांव झील निवासी बलिंद्र उर्फ वीरेंद्र और उसकी पत्नी सेवा देवी फर्जी कागजात के आधार पर वर्ष 2016-17 से बुढ़ापा पेंशन ले रहे हैं। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता द्वारा बलिंद्र उर्फ वीरेंद्र के कागजातों की जांच की गई तो उसमें आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज लगाए हुए थे। इसमें उसकी जन्मतिथि एक जनवरी 1946 दर्शाई गई थी। टीम ने जब दस्तावेजों को जांचा तो उसका जन्म 1956 में पाया गया। जो दस्तावेज बलिंद्र ने पेंशन बनवाने के दौरान लगाए थे, उसमें स्कूल प्रमाणपत्र किसी दूसरे व्यक्ति का था। इसी प्रकार बलिंद्र की पत्नी सेवा देवी के पेंशन दस्तावेजों को खंगाला गया तो उसमें जन्मतिथि एक जनवरी 1949 दिखाई गई। जो बेटे के स्कूल प्रमाणपत्र के आधार पर उसके बेटे की जन्मतिथि 25 जनवरी 1973 दिखाई गई थी। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने जब जांच की तो सेवा देवी द्वारा प्रस्तुत किया गया बेटे का स्कूल प्रमाणपत्र रोशन नाम के व्यक्ति के बेटे का था। आधार कार्ड व पैन कार्ड में भी जन्मतिथि के साथ छेड़छाड़ कर गलत दर्शाया गया था।
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सेवा देवी 29 अगस्त 2016 से बुढ़ापा पेंशन ले रही थी जबकि उसका पति बलिंद्र नौ अगस्त 2017 से बुढ़ापा पेंशन ले रहा था। जांच रिपोर्ट के आधार पर सदर थाना नरवाना पुलिस ने बलिंद्र तथा उसकी पत्नी सेवा देवी के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, फर्जी कागजातों का सहारा लेने समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। सदर थाना नरवाना के जांच अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री उड़नदस्ता द्वारा दंपती की बुढ़ापा पेंशन की जांच की गई थी। जिसमें दोनों द्वारा फर्जी कागजातों का सहारा लेना पाया गया। जिसके आधार पर दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
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