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दूसरे दिन भी रहा नोटों का टोटा, कारोबार को लगा बट्टा
jind
Updated Thu, 10 Nov 2016 11:50 PM IST
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बैंक रोड पर पीएनबी में पैसे बदलवाने पहुंचे लोग।
- फोटो : bureau
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केंद्र सरकार द्वारा एक हजार और पांच सौ के नोट बंद करने के बाद दूसरे दिन भी बाजार में नोटों काक टोटा रहा। इसके चलते खरीद-बिक्री बंद रही। जिसकी वजह से बाजार को करोड़ों रुपये का बट्टा लगा है। हालांकि कुछ लोग बड़ी वस्तुओं की खरीददारी चेक के द्वारा करते नजर आए। नोटों के कारण हालांकि बैंकों में भीड़ रही, लेकिन बाजार में सन्नाटा रहा। वहीं दूसरी ओर सुबह से ही शहर के बैंकों में लोगों की कतार देखने को मिली। सुबह से ही लोग पुराने नोट बदलवाने के लिए बैंकों में कतार में लग गए। बैंकाें ने चार हजार रुपये तक के एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट बदलने शुरू कर दिए और दस हजार रुपये तक के छोटे नोट बैंक खाते से निकाले गए। इसके बावजूद बाजार में खरीददारी करने वालों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। बुधवार के मुकाबले बृहस्पतिवार को पांच सौ और एक हजार रुपये के नोटों का प्रचलन बहुत कम हुआ। वहीं बैंक अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार से एटीएम काम करने लगेंगी और इसके बाद दिक्कत नहीं आएगी।
हालांकि बैंक खुलने का समय सुबह दस बजे से है, लेकिन लोग नौ बजे ही बैंकों के बाहर पहुंचने लगे। बैंक खुलने के समय तक यहां लंबी-लंबी लाइन लग गई। नोट बदलवाने के लिए कुछ बहुत ही बुजुर्ग लोग लाइनों में लगे नजर आए। इन लोगों को उस समय निराशा हाथ लगी, जब कुछ बैंकों ने करेंसी नहीं होने के कारण नोट बदलने और खाते से पैसे निकालने में असमर्थता जताई। इससे लोगों को काफी परेशानी हुई। इसमें जींद के हुडा काम्लेक्स स्थित यूनाइटेड बैंक, इंडियन बैंक, आंध्रा बैंक सहित कई अन्य बैंक शामिल रहे। वहीं एसबीआई, एसबीओपी, पीएनबी, आईसीआईसीआई, एक्सिस बैंक सहित कुछ बैंकों ने दिन भर करेंसी बदली और नकदी भी नियमानुसार निकाली।
जिले भर में 100 करोड़ का कारोबार
बृहस्पतिवार को बैंक खुलते ही लोग करेंसी बदलवाने और पैसे निकलवाने के लिए बैंकों की ओर दौड़े। हालांकि सामान्य दिनों में जिला भर में करीब 200 करोड़ रुपये का लेनदेन होता है, लेकिन बृहस्पतिवार को कैसे निकलवाने की अधिकतम सीमा दस हजार रुपये और रुपये बदलने की अधिकतम सीमा चार हजार रुपये तय की गई थी। इसके चलते करीब एक सौ करोड़ रुपये का लेनदेन होने की उम्मीद है।
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डाक घर का कैश खत्म
सुबह से ही डाक घर में पैसे निकलवाने और बदलवाने वालों की लंबी लाइन लगी। यहां सुबह 11 बजे ही कैश समाप्त हो गया। इसके बाद लोग लाइन में लग कर कैश आने का इंतजार करते रहे। दोपहर दो बजे कैश आया और लोगों को राहत मिली।
पुलिस पहरे में बदली करेंसी
बैंकों में अराजकता से बचने के लिए प्रशासन ने खास इंतजाम किए थे। इसके लिए हर बैंक में अलग से पुलिसकर्मियों की ड्यूट लगी थी, जो भीड़ को नियंत्रित कर रहे थे। इसके अलावा एसबीआई मुख्य शाखा रोहतक रोड पर उपभोक्ताओं को बैंक से बाहर ही रोका गया। यहां सुरक्षाकर्मी बैंक से बाहर ही लोगों की लाइन बनवा रहे थे और एक समय में आठ-दस लोगों को ही अंदर भेजा।
छुट गया काम
मैं फेरी लगाकर अपने परिवार का पेट पालता हूं। सुबह जल्दी पैसे बदलवाने के लिए डाकघर आया, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। जैसे ही मेरा नंबर आने को हुआ, कैश समाप्त हो गया। अब करीब एक घंटे से कैश की इंतजार में हूं।
- हरीश, शिव चौक निवासी
सिर्फ 100 रुपये तक के नोटों से कारोबार
शादियों के सीजन के कारण अधिकतर लोग बड़े नोट लेकर ही सामान खरीदने आते हैं, लेकिन इतना जोखिम नहीं उठाना चाहते। ऐसे में सिर्फ 100 रुपये और इससे छोटे नोटों से ही कारोबार किया जा रहा है। मार्केट में एकाध ग्राहक ही छोटे नोट लेकर आता है। इसलिए पूरा बाजार सूनसान है।
- सुशील शर्मा, जूता व्यापारी।
नोट बदलवाने के लिए महिलाएं लगी लाइन में, पुलिस मुस्तैद
बृहस्पतिवार को बैंकों में सुबह ही पांच सौ, एक हजार के नोटों को जमा करवाने, बदलवाने वाले लोगों की लाइनें लगनी शुरू हो गई। बैंकों में नोट चेंज करवाने के लिए पहुंचे लोगों की भीड़ देखते हुए पुलिस कर्मचारियों को बैंकों में तैनात किया गया। थाना प्रभारी राजकुमार, पुलिस पीसीआर में पुलिस कर्मचारी बैंक रोड पर गश्त कर रहे थे। सबसे अधिक भीड़ डाकघर रोड पर स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, रेलवे रोड पर पंजाब नेशनल बैंक में रही। स्टेट बैंक ऑफ पटियाला में नोट चेंज करवाने आए बैंक उपभोक्ता के पास पुलिस कर्मचारी की तकरार भी लाइन में लगने को लेकर हुई। यहां कुछ देर तक माहौल गर्मा गया। लोगों ने मामला शांत करवाया गया। बैंकों में नोट जमा करवाने के साथ-साथ कुछ उपभोक्ताओं ने अपने लॉकर में रखे सामान को भी निकाला। बैंकों में पुरूषों की लंबी लाइनों को देखते हुए यहां अनेकों लोग अपने परिवार की महिलाओं के साथ पहुंचे। महिलाओं की भीड़ बैंकों की लाइनों में कम होने से महिलाओं ने भी नोट बदलवाने के लिए जमा करवाए।
नरवाना डाक घर में नहीं बदली करेंसी, सिर्फ जमा हुए पैसे
नरवाना। 50 और 1000 रुपये के नोट बंद होने के बाद वीरवार को शहर के लोग नोट बदलवाने के लिए बैंकों में पहुंचे। सभी बैंकों में नोट बदलने की व्यवस्था उचित तरीके से की गई थी लगभग लोगों को राशि दी गई, लेकिन काफी लोग नए नोटों के चक्कर में बैंक पहुंचे थे किसी बैंक ने नए नोट नहीं दिए गए। लोगों ने बैंकों में कैश भी जमा करवाया। लेकिन पोस्ट ऑफिस में सिर्फ कैश जमा किया । कैश नहीं होने के कारण लोगों ने वितरित नहीं किया गया।
पोस्ट ऑफिस में नहीं बदला कैश: सुनील
बड़नपुर गांव के सुनील ने बताया कि वह शहर केे पोस्ट ऑफिस में नोट बदलवाने गया था, लेकिन वहां पर कैश नहीं बदला। पोस्ट ऑफिस में ग्राहकों नई करेंसी आने के बाद ही कैश देने की बात कही गई।
सफीदों में 12 करोड़ के नोट हुए जमा
सफीदों। 500 व 1000 रुपये के नोटों को बंद करने के बाद गुरुवार को कस्बे के सभी बैंकों में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। बैंकों के सुबह आठ बजे खुलते ही लोगों की पैसे जमा करवाने व बदलवाने के लिए जद्दोजहद शुरू हो गई। शहर के सभी बैंक मैनेजरों के अनुसार आज पहले दिन करीब 12 करोड़ रुपये बैंकों के खातों में जमा हो गया और करीब ढाई करोड़ रुपये की नकदी बदलवाई गई। क्षेत्र के दो डाकघरों में भी करीब 75 लाख रुपये जमा किए गए। सभी बैंकों में अभी तक नए नोट नहीं आने से बैंक अधिकारियों द्वारा लोगों को बदले मेें 10, 20, 50, 100 रुपये के पुराने नोट ही दिए गए। बाजार में 500 व 1000 रुपये के नोट की ऐवज में 400 रुपये व 800 रुपये का सामान या नोट दिए जा रहे हैं। जिससे जिन लोगों को आवश्यक सामान की जरूरत है, उन्होंने मजबूरन दुकानदारों से सामान की खरीद की। शहर में ज्यादातर दुकान खाली रही, छोटे रुपये नहीं होने से लोगों द्वारा खरीददारी कम की गई।
फैसले से बुकीज में मची खलबली
सरकार की ओर से 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने के फरमान से बुकीज सकते में है। सट्टा कारोबारी तथा दो नंबर का धंधा करने वालों को जोरदार झटका लगा है। अलग समय में करोड़ों का साम्राज्य खड़ा करने वालों ने सपने में भी नहीं सोचा था कि ऐसा भी हो सकता है।
सुबह से लगे हैं लाइन में
सुबह सात बजे से बैंक के बाहर खड़े हैं, लेकिन बैंक कर्मी पैसे जमा करवाने के बारे में कुछ नहीं बता रहे। जिससेें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं।
सतबीर, कर्मगढ़ गांव निवासी।
गाड़ी बुकिं ग करनी पड़ी रद्द
आज हमने बुकिंग लेकर बाहर जाना था लेकिन जरूरत के हिसाब से पैसे नहीं मिलने के कारण काफी नुकसान हुआ हैं। बैंक से केवल चार हजार रुपये ही बदले जा रहे हैं।
सुनील शर्मा, गाड़ी मालिक।
फैसला सही, लेकिन परेशानी भरा
सरकार ने एक हजार व पांच सौ के नोट बंद करने का फैसला अच्छा है, लेकिन जरूरतमंद चीजों को खरीदने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं।
माया देवी, गृहणी।
पैसे के लेने के लिए कटवाए चक्कर
सुबह से स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के बाहर बैठी हूं लेकिन जब बैंक खुला तो ये कहकर चक्कर कटवा दिए की पहचान पत्र की फोटो कापी लेकर आएं। जिससे कारण काफी परेशानी हुई।
- चंद्रपति बुजुर्ग महिला।
किसानों करना पड़ रहा भारी परेशानी का सामना
आज किसानों की समस्या को लेकर स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के मैनेजर से मिलने आया हूं किसानों का खेतों में बीजाई का समय है जिससे किसान को बीज नहीं मिल पा रहा। इससे किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं।
- पवन गर्ग, जिला प्रधान खाद्य बीज भंडार कीटनाशक।
बैंक ने पैसे देने से कर दिया मना
सुबह से ही यहां बैंक खुलने के इंतजार में था लेकिन जब मेरा नंबर आया तो बैंक ने पैसे देने मना कर दिया। ये कहा कि हमारे पास खुले पैसे नहीं हैं।
राजकुमार पिंडारा।
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हालांकि बैंक खुलने का समय सुबह दस बजे से है, लेकिन लोग नौ बजे ही बैंकों के बाहर पहुंचने लगे। बैंक खुलने के समय तक यहां लंबी-लंबी लाइन लग गई। नोट बदलवाने के लिए कुछ बहुत ही बुजुर्ग लोग लाइनों में लगे नजर आए। इन लोगों को उस समय निराशा हाथ लगी, जब कुछ बैंकों ने करेंसी नहीं होने के कारण नोट बदलने और खाते से पैसे निकालने में असमर्थता जताई। इससे लोगों को काफी परेशानी हुई। इसमें जींद के हुडा काम्लेक्स स्थित यूनाइटेड बैंक, इंडियन बैंक, आंध्रा बैंक सहित कई अन्य बैंक शामिल रहे। वहीं एसबीआई, एसबीओपी, पीएनबी, आईसीआईसीआई, एक्सिस बैंक सहित कुछ बैंकों ने दिन भर करेंसी बदली और नकदी भी नियमानुसार निकाली।
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जिले भर में 100 करोड़ का कारोबार
बृहस्पतिवार को बैंक खुलते ही लोग करेंसी बदलवाने और पैसे निकलवाने के लिए बैंकों की ओर दौड़े। हालांकि सामान्य दिनों में जिला भर में करीब 200 करोड़ रुपये का लेनदेन होता है, लेकिन बृहस्पतिवार को कैसे निकलवाने की अधिकतम सीमा दस हजार रुपये और रुपये बदलने की अधिकतम सीमा चार हजार रुपये तय की गई थी। इसके चलते करीब एक सौ करोड़ रुपये का लेनदेन होने की उम्मीद है।
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डाक घर का कैश खत्म
सुबह से ही डाक घर में पैसे निकलवाने और बदलवाने वालों की लंबी लाइन लगी। यहां सुबह 11 बजे ही कैश समाप्त हो गया। इसके बाद लोग लाइन में लग कर कैश आने का इंतजार करते रहे। दोपहर दो बजे कैश आया और लोगों को राहत मिली।
पुलिस पहरे में बदली करेंसी
बैंकों में अराजकता से बचने के लिए प्रशासन ने खास इंतजाम किए थे। इसके लिए हर बैंक में अलग से पुलिसकर्मियों की ड्यूट लगी थी, जो भीड़ को नियंत्रित कर रहे थे। इसके अलावा एसबीआई मुख्य शाखा रोहतक रोड पर उपभोक्ताओं को बैंक से बाहर ही रोका गया। यहां सुरक्षाकर्मी बैंक से बाहर ही लोगों की लाइन बनवा रहे थे और एक समय में आठ-दस लोगों को ही अंदर भेजा।
छुट गया काम
मैं फेरी लगाकर अपने परिवार का पेट पालता हूं। सुबह जल्दी पैसे बदलवाने के लिए डाकघर आया, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। जैसे ही मेरा नंबर आने को हुआ, कैश समाप्त हो गया। अब करीब एक घंटे से कैश की इंतजार में हूं।
- हरीश, शिव चौक निवासी
सिर्फ 100 रुपये तक के नोटों से कारोबार
शादियों के सीजन के कारण अधिकतर लोग बड़े नोट लेकर ही सामान खरीदने आते हैं, लेकिन इतना जोखिम नहीं उठाना चाहते। ऐसे में सिर्फ 100 रुपये और इससे छोटे नोटों से ही कारोबार किया जा रहा है। मार्केट में एकाध ग्राहक ही छोटे नोट लेकर आता है। इसलिए पूरा बाजार सूनसान है।
- सुशील शर्मा, जूता व्यापारी।
नोट बदलवाने के लिए महिलाएं लगी लाइन में, पुलिस मुस्तैद
बृहस्पतिवार को बैंकों में सुबह ही पांच सौ, एक हजार के नोटों को जमा करवाने, बदलवाने वाले लोगों की लाइनें लगनी शुरू हो गई। बैंकों में नोट चेंज करवाने के लिए पहुंचे लोगों की भीड़ देखते हुए पुलिस कर्मचारियों को बैंकों में तैनात किया गया। थाना प्रभारी राजकुमार, पुलिस पीसीआर में पुलिस कर्मचारी बैंक रोड पर गश्त कर रहे थे। सबसे अधिक भीड़ डाकघर रोड पर स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, रेलवे रोड पर पंजाब नेशनल बैंक में रही। स्टेट बैंक ऑफ पटियाला में नोट चेंज करवाने आए बैंक उपभोक्ता के पास पुलिस कर्मचारी की तकरार भी लाइन में लगने को लेकर हुई। यहां कुछ देर तक माहौल गर्मा गया। लोगों ने मामला शांत करवाया गया। बैंकों में नोट जमा करवाने के साथ-साथ कुछ उपभोक्ताओं ने अपने लॉकर में रखे सामान को भी निकाला। बैंकों में पुरूषों की लंबी लाइनों को देखते हुए यहां अनेकों लोग अपने परिवार की महिलाओं के साथ पहुंचे। महिलाओं की भीड़ बैंकों की लाइनों में कम होने से महिलाओं ने भी नोट बदलवाने के लिए जमा करवाए।
नरवाना डाक घर में नहीं बदली करेंसी, सिर्फ जमा हुए पैसे
नरवाना। 50 और 1000 रुपये के नोट बंद होने के बाद वीरवार को शहर के लोग नोट बदलवाने के लिए बैंकों में पहुंचे। सभी बैंकों में नोट बदलने की व्यवस्था उचित तरीके से की गई थी लगभग लोगों को राशि दी गई, लेकिन काफी लोग नए नोटों के चक्कर में बैंक पहुंचे थे किसी बैंक ने नए नोट नहीं दिए गए। लोगों ने बैंकों में कैश भी जमा करवाया। लेकिन पोस्ट ऑफिस में सिर्फ कैश जमा किया । कैश नहीं होने के कारण लोगों ने वितरित नहीं किया गया।
पोस्ट ऑफिस में नहीं बदला कैश: सुनील
बड़नपुर गांव के सुनील ने बताया कि वह शहर केे पोस्ट ऑफिस में नोट बदलवाने गया था, लेकिन वहां पर कैश नहीं बदला। पोस्ट ऑफिस में ग्राहकों नई करेंसी आने के बाद ही कैश देने की बात कही गई।
सफीदों में 12 करोड़ के नोट हुए जमा
सफीदों। 500 व 1000 रुपये के नोटों को बंद करने के बाद गुरुवार को कस्बे के सभी बैंकों में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। बैंकों के सुबह आठ बजे खुलते ही लोगों की पैसे जमा करवाने व बदलवाने के लिए जद्दोजहद शुरू हो गई। शहर के सभी बैंक मैनेजरों के अनुसार आज पहले दिन करीब 12 करोड़ रुपये बैंकों के खातों में जमा हो गया और करीब ढाई करोड़ रुपये की नकदी बदलवाई गई। क्षेत्र के दो डाकघरों में भी करीब 75 लाख रुपये जमा किए गए। सभी बैंकों में अभी तक नए नोट नहीं आने से बैंक अधिकारियों द्वारा लोगों को बदले मेें 10, 20, 50, 100 रुपये के पुराने नोट ही दिए गए। बाजार में 500 व 1000 रुपये के नोट की ऐवज में 400 रुपये व 800 रुपये का सामान या नोट दिए जा रहे हैं। जिससे जिन लोगों को आवश्यक सामान की जरूरत है, उन्होंने मजबूरन दुकानदारों से सामान की खरीद की। शहर में ज्यादातर दुकान खाली रही, छोटे रुपये नहीं होने से लोगों द्वारा खरीददारी कम की गई।
फैसले से बुकीज में मची खलबली
सरकार की ओर से 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने के फरमान से बुकीज सकते में है। सट्टा कारोबारी तथा दो नंबर का धंधा करने वालों को जोरदार झटका लगा है। अलग समय में करोड़ों का साम्राज्य खड़ा करने वालों ने सपने में भी नहीं सोचा था कि ऐसा भी हो सकता है।
सुबह से लगे हैं लाइन में
सुबह सात बजे से बैंक के बाहर खड़े हैं, लेकिन बैंक कर्मी पैसे जमा करवाने के बारे में कुछ नहीं बता रहे। जिससेें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं।
सतबीर, कर्मगढ़ गांव निवासी।
गाड़ी बुकिं ग करनी पड़ी रद्द
आज हमने बुकिंग लेकर बाहर जाना था लेकिन जरूरत के हिसाब से पैसे नहीं मिलने के कारण काफी नुकसान हुआ हैं। बैंक से केवल चार हजार रुपये ही बदले जा रहे हैं।
सुनील शर्मा, गाड़ी मालिक।
फैसला सही, लेकिन परेशानी भरा
सरकार ने एक हजार व पांच सौ के नोट बंद करने का फैसला अच्छा है, लेकिन जरूरतमंद चीजों को खरीदने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं।
माया देवी, गृहणी।
पैसे के लेने के लिए कटवाए चक्कर
सुबह से स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के बाहर बैठी हूं लेकिन जब बैंक खुला तो ये कहकर चक्कर कटवा दिए की पहचान पत्र की फोटो कापी लेकर आएं। जिससे कारण काफी परेशानी हुई।
- चंद्रपति बुजुर्ग महिला।
किसानों करना पड़ रहा भारी परेशानी का सामना
आज किसानों की समस्या को लेकर स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के मैनेजर से मिलने आया हूं किसानों का खेतों में बीजाई का समय है जिससे किसान को बीज नहीं मिल पा रहा। इससे किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं।
- पवन गर्ग, जिला प्रधान खाद्य बीज भंडार कीटनाशक।
बैंक ने पैसे देने से कर दिया मना
सुबह से ही यहां बैंक खुलने के इंतजार में था लेकिन जब मेरा नंबर आया तो बैंक ने पैसे देने मना कर दिया। ये कहा कि हमारे पास खुले पैसे नहीं हैं।
राजकुमार पिंडारा।