{"_id":"67422a31ae91812ca802bba4","slug":"congress-had-deprived-the-dsc-community-of-its-rights-in-the-year-2006-bedi-jind-news-c-199-1-sroh1009-126159-2024-11-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेस ने वर्ष 2006 में किया था डीएससी समाज को अधिकार से वंचित : बेदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांग्रेस ने वर्ष 2006 में किया था डीएससी समाज को अधिकार से वंचित : बेदी
विज्ञापन
जींद। हरियाणा के सामाजिक न्याय और अधिकारी मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जींद में महर्षि वाल्मीकि जयंती समारोह में डीएससी समाज को बड़ी सौगात देने का काम करेंगे। उन्होंने यह बात एकलव्य स्टेडियम में रविवार को होने वाली महर्षि वाल्मीकि जयंती समारोह एवं मुख्यमंत्री सम्मान समारोह की अंतिम तैयारियों का जायजा लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि डीएससी समाज पिछले 18 सालों से अपनी मांग को लेकर आंदोलन कर रहा था। इस दौरान कांग्रेस ने डीएससी समाज को लाठियां मारने और जेल भेजने का काम किया। इस मामले में जब सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया तो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आरक्षण में वर्गीकरण करके डीएससी समाज को इसकी सौगात दी। उन्होंने कहा कि 1995 में हरियाणा में एससी वर्ग के आरक्षण में वर्गीकरण किया गया था। यह 11 साल चला। इस दौरान 2006 में पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने वर्गीकरण को गलत बताया तब पंजाब ने रातों-रात विधानसभा का सत्र बुलाकर वर्गीकरण का एक्ट बना दिया, लेकिन हरियाणा की तत्कालीन सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया और उसने समाज को सुप्रीम कोर्ट का रास्ता दिखा दिया। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में वर्गीकरण को सही करार दिया है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने केवल रोजगार में वर्गीकरण को गलत बताया था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने शिक्षा और रोजगार दोनों में वर्गीकरण को खत्म करने का काम किया। इस अवसर पर उनके साथ भाजपा के जिला अध्यक्ष तेजेंद्र ढूल, पार्टी के प्रदेश सचिव जवाहर सैनी, पंडित दीपक बुडायन, राजेश सैनी बनिया खेड़ा मौजूद रहे।
बाक्स
राजनीति में भी आरक्षण की मांग
उन्होंने कहा कि समाज ने मुख्यमंत्री को एक मांग पत्र सौंपा है। इसमें राजनीतिक हिस्सेदारी में भी आरक्षण की मांग की है। मुख्यमंत्री अब जो भी देंगे समाज को मंजूर होगा, क्योंकि उन्होंने समाज को जो दिया है वह बहुत है। राजनीति में भागीदारी को लेकर पूछे गए प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि बीसीए और बीसीबी की तर्ज पर लोकल बॉडी और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में ओएससी और डीएससी के वर्गीकरण की मांग समाज ने की है।
विज्ञापन
बाक्स
कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि समाज में इस रैली को लेकर पूरा जोश है और जींद में चौधरी देवीलाल और बंसीलाल की ऐतिहासिक रैलियों का जिक्र होता है, लेकिन यह रैली सभी रैलियों का रिकॉर्ड तोड़ने का काम करेगी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि डीएससी समाज पिछले 18 सालों से अपनी मांग को लेकर आंदोलन कर रहा था। इस दौरान कांग्रेस ने डीएससी समाज को लाठियां मारने और जेल भेजने का काम किया। इस मामले में जब सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया तो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आरक्षण में वर्गीकरण करके डीएससी समाज को इसकी सौगात दी। उन्होंने कहा कि 1995 में हरियाणा में एससी वर्ग के आरक्षण में वर्गीकरण किया गया था। यह 11 साल चला। इस दौरान 2006 में पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने वर्गीकरण को गलत बताया तब पंजाब ने रातों-रात विधानसभा का सत्र बुलाकर वर्गीकरण का एक्ट बना दिया, लेकिन हरियाणा की तत्कालीन सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया और उसने समाज को सुप्रीम कोर्ट का रास्ता दिखा दिया। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में वर्गीकरण को सही करार दिया है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने केवल रोजगार में वर्गीकरण को गलत बताया था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने शिक्षा और रोजगार दोनों में वर्गीकरण को खत्म करने का काम किया। इस अवसर पर उनके साथ भाजपा के जिला अध्यक्ष तेजेंद्र ढूल, पार्टी के प्रदेश सचिव जवाहर सैनी, पंडित दीपक बुडायन, राजेश सैनी बनिया खेड़ा मौजूद रहे।
विज्ञापन
बाक्स
राजनीति में भी आरक्षण की मांग
उन्होंने कहा कि समाज ने मुख्यमंत्री को एक मांग पत्र सौंपा है। इसमें राजनीतिक हिस्सेदारी में भी आरक्षण की मांग की है। मुख्यमंत्री अब जो भी देंगे समाज को मंजूर होगा, क्योंकि उन्होंने समाज को जो दिया है वह बहुत है। राजनीति में भागीदारी को लेकर पूछे गए प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि बीसीए और बीसीबी की तर्ज पर लोकल बॉडी और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में ओएससी और डीएससी के वर्गीकरण की मांग समाज ने की है।
विज्ञापन
बाक्स
कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि समाज में इस रैली को लेकर पूरा जोश है और जींद में चौधरी देवीलाल और बंसीलाल की ऐतिहासिक रैलियों का जिक्र होता है, लेकिन यह रैली सभी रैलियों का रिकॉर्ड तोड़ने का काम करेगी।