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Jind News: खराब फसलों का ब्योरा देने के लिए खुला क्षतिपूर्ति पोर्टल
Mon, 03 Mar 2025 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 03 Mar 2025 12:12 AM IST
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02जेएनडी10: बारिश व तेज हवा के कारण गिरी रिटोली गांव में गेहूं की फसल। संवाद
जींद। बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि के कारण रबी की फसलों को हुए नुकसान की जानकारी देने के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा क्षतिपूर्ति पोर्टल रविवार को दोपहर बाद शुरू हुआ। इसके कारण अभी तक एक भी किसान ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। हालांकि दो दिन पहले डीसी ने पोर्टल खुलने की बात कही थी।
अब किसान इस पोर्टल पर अपनी फसलों के हुए नुकसान का ब्योरा दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद जिला राजस्व विभाग की ओर से बर्बाद हुई फसलों की गिरदावरी की जाएगी और फिर किसानों को मुआवजा वितरित किया जाएगा। अटल सेवा केंद्र (सीएससी) से या अपने स्मार्ट मोबाइल फोन से भी किसान यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। फसल खराबे की रिपोर्ट भेजने के लिए किसान अपने एंड्रॉयड मोबाइल फोन से भी फसल खराबे का फोटो खींचकर मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपलोड कर सकता है। इसमें किसान खुद ही फसल खराबे का अनुमानित भेज सकता है। इसके पास एंड्रॉयड मोबाइल फोन नहीं है, उसको सीएससी (अटल सेवा केंद्र) का सहारा लेना पड़ेगा। पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड करने के लिए किसान अपना मोबाइल नंबर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जो फसल रजिस्ट्रेशन के समय अपलोड कराया था। इसके अलावा परिवार पहचान पत्र के आईडी नंबर से या फिर फसल रजिस्ट्रेशन के समय जो आईडी नंबर मिला था, उससे भी फसल खराबे की रिपोर्ट अपलोड की जा सकती है। यह प्रक्रिया किसानों को जल्द से जल्द करनी होगी, क्योंकि इसके बाद जिला राजस्व विभाग की तरफ से बर्बाद हुई फसलों की गिरदावरी कराई जाएगी और उसके बाद किसानों को मुआवजा वितरित किया जाएगा।
197 क्षतिपूर्ति सहायक नियुक्त
पिछले साल भी इन दिनों बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ था। खराब हुई फसलों की गिरदावरी करने को लेकर प्रशासन ने 197 क्षतिपूर्ति सहायक नियुक्त किए थे। इन क्षतिपूर्ति सहायकों को 500-500 एकड़ का सर्वे किया था और उसकी रिपोर्ट क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपलोड कर दी थी।
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पिछले साल स्लैब अनुसार मिला था मुआवजा
प्रदेश सरकार ने पिछले साल हुए फसल खराबे का मुआवजा देने के लिए स्लैब बनाई थी, जिसमें जीरो से 24 प्रतिशत तक फसल खराब होने पर किसान को कोई मुआवजा नहीं दिया था। इसके बाद 25 से 32 प्रतिशत की स्लैब बनाई गई थी। जिसमें खराबे की प्रतिशतता अनुसार मुआवजा दिया गया था। 33 से 49 प्रतिशत, 50 से 74 प्रतिशत और 75 से 100 प्रतिशत की स्लैब बनाई थी। इनके अनुसार फसल खराबे का आंकलन कर मुआवजा वितरित किया गया था।
वर्जन
बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों का ब्योरा देने के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया है। अब किसान खराब हुई फसलों का ब्योरा पोर्टल पर दे सकते हैं। किसानों को यह ब्योरा जल्द से जल्द देना होगा, ताकि उसके बाद राजस्व विभाग का गिरदावरी का कार्य जल्द शुरू हो सके और किसानों को समय पर मुआवजा वितरित किया जा सके।
-- राजकुमार, जिला राजस्व अधिकारी जींद
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अब किसान इस पोर्टल पर अपनी फसलों के हुए नुकसान का ब्योरा दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद जिला राजस्व विभाग की ओर से बर्बाद हुई फसलों की गिरदावरी की जाएगी और फिर किसानों को मुआवजा वितरित किया जाएगा। अटल सेवा केंद्र (सीएससी) से या अपने स्मार्ट मोबाइल फोन से भी किसान यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। फसल खराबे की रिपोर्ट भेजने के लिए किसान अपने एंड्रॉयड मोबाइल फोन से भी फसल खराबे का फोटो खींचकर मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपलोड कर सकता है। इसमें किसान खुद ही फसल खराबे का अनुमानित भेज सकता है। इसके पास एंड्रॉयड मोबाइल फोन नहीं है, उसको सीएससी (अटल सेवा केंद्र) का सहारा लेना पड़ेगा। पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड करने के लिए किसान अपना मोबाइल नंबर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जो फसल रजिस्ट्रेशन के समय अपलोड कराया था। इसके अलावा परिवार पहचान पत्र के आईडी नंबर से या फिर फसल रजिस्ट्रेशन के समय जो आईडी नंबर मिला था, उससे भी फसल खराबे की रिपोर्ट अपलोड की जा सकती है। यह प्रक्रिया किसानों को जल्द से जल्द करनी होगी, क्योंकि इसके बाद जिला राजस्व विभाग की तरफ से बर्बाद हुई फसलों की गिरदावरी कराई जाएगी और उसके बाद किसानों को मुआवजा वितरित किया जाएगा।
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197 क्षतिपूर्ति सहायक नियुक्त
पिछले साल भी इन दिनों बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ था। खराब हुई फसलों की गिरदावरी करने को लेकर प्रशासन ने 197 क्षतिपूर्ति सहायक नियुक्त किए थे। इन क्षतिपूर्ति सहायकों को 500-500 एकड़ का सर्वे किया था और उसकी रिपोर्ट क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपलोड कर दी थी।
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पिछले साल स्लैब अनुसार मिला था मुआवजा
प्रदेश सरकार ने पिछले साल हुए फसल खराबे का मुआवजा देने के लिए स्लैब बनाई थी, जिसमें जीरो से 24 प्रतिशत तक फसल खराब होने पर किसान को कोई मुआवजा नहीं दिया था। इसके बाद 25 से 32 प्रतिशत की स्लैब बनाई गई थी। जिसमें खराबे की प्रतिशतता अनुसार मुआवजा दिया गया था। 33 से 49 प्रतिशत, 50 से 74 प्रतिशत और 75 से 100 प्रतिशत की स्लैब बनाई थी। इनके अनुसार फसल खराबे का आंकलन कर मुआवजा वितरित किया गया था।
वर्जन
बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों का ब्योरा देने के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया है। अब किसान खराब हुई फसलों का ब्योरा पोर्टल पर दे सकते हैं। किसानों को यह ब्योरा जल्द से जल्द देना होगा, ताकि उसके बाद राजस्व विभाग का गिरदावरी का कार्य जल्द शुरू हो सके और किसानों को समय पर मुआवजा वितरित किया जा सके।