{"_id":"5fa435fc8ebc3e9b9c28efbd","slug":"commission-is-planning-to-make-roads-free-of-cow-dynasty-shravan-garg-jind-news-rtk581603984","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़कों को गोवंश मुक्त बनाने के लिए आयोग बना रहा है योजना : श्रवण गर्ग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़कों को गोवंश मुक्त बनाने के लिए आयोग बना रहा है योजना : श्रवण गर्ग
विज्ञापन
सफीदों। प्रदेश की सड़कों को बेसहारा गोवंश से रहित बनाने के लिए हरियाणा गोसेवा आयोग योजना तैयार कर रहा है। यह बात हरियाणा गोसेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग ने कही। वह पुरानी अनाज मंडी स्थित अपने कैंप कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि योजना के तहत एक दिसंबर से सड़कों को गोवंश मुक्त बनाने के लिए प्रदेशभर में अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत बेसहारा गोवंश को गोशालाओं, नंदीशालाओं व गोसेवा केंद्रों में उनकी क्षमता के अनुसार छोड़ा जाएगा। अभियान को लेकर एक विशेष टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा। इस नंबर पर समाज को कोई भी व्यक्ति फोन करके बेसहारा गोवंश की सूचना दे सकता है। सूचना प्राप्त होते ही उस गोवंश को तत्काल पकड़कर गोशालाओं व नंदीशालाओं में भेज दिया जाएगा। गोशालाओं व नंदीशालाओं में गोवंश के लिए चारे, पेयजल व शेड की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
प्रदेश की सड़कों पर करीब 32 हजार गोवंश दिन-रात घूम रहे हैं। इनके रखरखाव के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में एक-दो एकड़ भूमि पर ग्रामीण गोसेवा केंद्र खोले जाने की भी योजना पर कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि देसी नस्ल का ऐसा सीमन तैयार किया गया है, गाय को लगभग 85 प्रतिशत बछड़ियां पैदा होना संभावित है। यह सीमन की लागत 1200 रुपये है लेकिन इसको सरकार द्वारा अनुदान देकर केवल 200 रुपये में उपलब्ध करवाया जा रहा है।
विज्ञापन
गर्ग ने कहा कि इस बार प्रदेश में दिवाली लोगों के लिए विशेष रहेगी। लोगों को गोबर से बने दीए, गणेश और लक्ष्मी के चित्र व अन्य सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे पर्यावरण में भी शुद्धता आएगी और लोगों में गोसेवा के प्रति प्यार उमड़ेगा। इसके अलावा गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनमें गोबर से लकड़ी, दवाइयां व पंचगव्य बनाने का कार्य शुरू किया गया है। गोशालाओं में सोलर प्लांट लगाने का भी कार्य चल रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि योजना के तहत एक दिसंबर से सड़कों को गोवंश मुक्त बनाने के लिए प्रदेशभर में अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत बेसहारा गोवंश को गोशालाओं, नंदीशालाओं व गोसेवा केंद्रों में उनकी क्षमता के अनुसार छोड़ा जाएगा। अभियान को लेकर एक विशेष टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा। इस नंबर पर समाज को कोई भी व्यक्ति फोन करके बेसहारा गोवंश की सूचना दे सकता है। सूचना प्राप्त होते ही उस गोवंश को तत्काल पकड़कर गोशालाओं व नंदीशालाओं में भेज दिया जाएगा। गोशालाओं व नंदीशालाओं में गोवंश के लिए चारे, पेयजल व शेड की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
विज्ञापन
प्रदेश की सड़कों पर करीब 32 हजार गोवंश दिन-रात घूम रहे हैं। इनके रखरखाव के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में एक-दो एकड़ भूमि पर ग्रामीण गोसेवा केंद्र खोले जाने की भी योजना पर कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि देसी नस्ल का ऐसा सीमन तैयार किया गया है, गाय को लगभग 85 प्रतिशत बछड़ियां पैदा होना संभावित है। यह सीमन की लागत 1200 रुपये है लेकिन इसको सरकार द्वारा अनुदान देकर केवल 200 रुपये में उपलब्ध करवाया जा रहा है।
विज्ञापन
गर्ग ने कहा कि इस बार प्रदेश में दिवाली लोगों के लिए विशेष रहेगी। लोगों को गोबर से बने दीए, गणेश और लक्ष्मी के चित्र व अन्य सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे पर्यावरण में भी शुद्धता आएगी और लोगों में गोसेवा के प्रति प्यार उमड़ेगा। इसके अलावा गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनमें गोबर से लकड़ी, दवाइयां व पंचगव्य बनाने का कार्य शुरू किया गया है। गोशालाओं में सोलर प्लांट लगाने का भी कार्य चल रहा है।