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सफाई कर्मियों की हड़ताल से चरमराई सफाई व्यवस्था
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नरवाना। शहर में डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाले सफाई कर्मियों की हड़ताल के कारण सफाई व्यवस्था चरमराने लगी है। कई जगहों पर गंदगी के ढेर लगे हैं। दुर्गंध से लोग बेहाल हैं। सफाई कर्मियों का आरोप है कि ठेकेदार उन्हें काम से हटाकर दूसरे लोगों को काम दे रहा है।
नरवाना नगरपरिषद द्वारा पिछले साल फरवरी घर-घर से कूड़ा उठान का टेंडर दिया गया था। इसके तहत शहर की सभी कॉलोनियों में घर-घर जाकर कूड़ा एकत्रित किया जाता है। अब यह टेंडर जनवरी 2022 में समाप्त हो गया, लेकिन नया टेंडर खुलने में समय लग रहा है। इस पर नगर परिषद विभाग ने विशेषज्ञ मंजूरी लेकर पुराने टेंडर को तीन महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है। आरोप है कि ठेकेदार ने राजनीतिक दबाव के कारण पुराने सफाई कर्मचारियों को हटाकर नए कर्मचारियों को रखना शुरू कर दिया। इसके बाद लगभग 75 पुराने कर्मचारी बिफर गए और नप प्रशासन के खिलाफ नगर परिषद में धरना शुरू कर दिया। धरने के दूसरे दिन जगदीश बुम्बक जिला प्रधान सफाई कर्मचारी यूनियन ने अध्यक्षता की। वही कर्मचारियों ने ठेकेदार द्वारा रखे नए कर्मचारियों को भी कार्य नहीं करने दिया और उनके समर्थन में आने की बात कही। जिसके कारण पिछले कई दिनों से शहर में कूड़ा उठान का कार्य बंद है। कूड़ा उठान बंद होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि नप की सुविधा के बाद लोग डोर टू डोर सुविधा के आदी हो चुके हैं। दूसरे दिन की हड़ताल के दौरान कर्मचारी बलिंद्र, डिंपल, मनजीत, सचिन, संजय, ललित, विकास, अमित, सुरेंद्र सिंसर ने कहा कि सफाई कर्मचारियों द्वारा इस बारे नोटिस सौंपने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि नगर परिषद नरवाना द्वारा पिछले एक साल से चल रहे डोर टू डोर सफाई अभियान टेंडर की कार्य अवधि समाप्त हो चुकी है। नया टेंडर लगने के बाद पुराने सफाई कर्मचारियों को हटाकर नए कर्मचारियों को रखा जा रहा है। वहीं इस बारे में नगरपरिषद के कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुरेश चौहान पहले ही कह चुके हैं कि यह मामला ठेकेदार का है।
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नरवाना नगरपरिषद द्वारा पिछले साल फरवरी घर-घर से कूड़ा उठान का टेंडर दिया गया था। इसके तहत शहर की सभी कॉलोनियों में घर-घर जाकर कूड़ा एकत्रित किया जाता है। अब यह टेंडर जनवरी 2022 में समाप्त हो गया, लेकिन नया टेंडर खुलने में समय लग रहा है। इस पर नगर परिषद विभाग ने विशेषज्ञ मंजूरी लेकर पुराने टेंडर को तीन महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है। आरोप है कि ठेकेदार ने राजनीतिक दबाव के कारण पुराने सफाई कर्मचारियों को हटाकर नए कर्मचारियों को रखना शुरू कर दिया। इसके बाद लगभग 75 पुराने कर्मचारी बिफर गए और नप प्रशासन के खिलाफ नगर परिषद में धरना शुरू कर दिया। धरने के दूसरे दिन जगदीश बुम्बक जिला प्रधान सफाई कर्मचारी यूनियन ने अध्यक्षता की। वही कर्मचारियों ने ठेकेदार द्वारा रखे नए कर्मचारियों को भी कार्य नहीं करने दिया और उनके समर्थन में आने की बात कही। जिसके कारण पिछले कई दिनों से शहर में कूड़ा उठान का कार्य बंद है। कूड़ा उठान बंद होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि नप की सुविधा के बाद लोग डोर टू डोर सुविधा के आदी हो चुके हैं। दूसरे दिन की हड़ताल के दौरान कर्मचारी बलिंद्र, डिंपल, मनजीत, सचिन, संजय, ललित, विकास, अमित, सुरेंद्र सिंसर ने कहा कि सफाई कर्मचारियों द्वारा इस बारे नोटिस सौंपने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि नगर परिषद नरवाना द्वारा पिछले एक साल से चल रहे डोर टू डोर सफाई अभियान टेंडर की कार्य अवधि समाप्त हो चुकी है। नया टेंडर लगने के बाद पुराने सफाई कर्मचारियों को हटाकर नए कर्मचारियों को रखा जा रहा है। वहीं इस बारे में नगरपरिषद के कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुरेश चौहान पहले ही कह चुके हैं कि यह मामला ठेकेदार का है।
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