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एएमओ भर्ती मामले में सिविल सर्जन को किया सस्पेंड

Fri, 05 Jun 2020 11:42 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jun 2020 11:42 PM IST
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Civil surgeon suspended in AMO recruitment case
कांग्रेस नेता प्रमोद सहवाग। - फोटो : Jind
कई दिनों तक विवादों में रहे एएमओ भर्ती मामले में आखिरकार सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान को स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक द्वारा निलंबित कर दिया गया है। अब उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक कार्यालय पंचकूला में उनको रिपोर्ट करनी होगी। वहीं यमुनानगर के पीएमओ डॉ. मनजीत सिंह को जींद का सिविल सर्जन बनाया गया है। एएमओ भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने डीसी तथा स्वास्थ्य मंत्री से की थी।
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जानकारी के लिए नागरिक अस्पताल में एएमओ समेत कुछ अन्य पदों पर भर्तियां हुई थीं। इस मामले में एक आवेदक ने शिकायत करके भर्ती में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। शिकायतकर्ता ने कहा था कि उसके नंबरों को काटकर दूसरे आवेदक को प्रथम स्थान पर दिखाकर उसका चयन करवाया गया है। हालांकि बाद में एएमओ की भर्ती को डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने रद्द कर दिया था। इस मामले की जांच एडीसी को सौंपी गई थी। इसमें एडीसी ने सिविल सर्जन को क्लीन चिट दे दी थी। इसके बाद विधायक ने दोबारा जांच की मांग की और स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक को शिकायत दी। इसकी जांच स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक ने करवाई थी। अब स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक ने सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान को सस्पेंड कर दिया है और उनके स्थान पर यमुनानगर के पीएमओ डॉ. मनजीत सिंह को जींद का सिविल सर्जन नियुक्त कर दिया है।
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अदालत की रोक के बावजूद भर्ती बनी आफत
जिस भर्ती को लेकर गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है उसमें एक एएमओ के पद पर अदालत में सुनवाई चल रही है। एएमओ की भर्ती पर अदालत ने रोक लगाई थी। इसकी ई-मेल सिविल सर्जन कार्यालय आ चुकी थी, मगर उसे नजरअंदाज करते हुए भर्ती की गई। हालांकि डीसी द्वारा बाद में भर्ती को रद्द कर दी गई।
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और लोगों पर भी गिर सकती है गाज
यही ईमेल नागरिक अस्पताल के कुछ अन्य अधिकारियों के लिए भी गले की फांस बन सकती है। दरअसल यह सूचना कई लोगों के पास थी और यह सभी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े रहे हैं। इन लोगों की भी जांच हुई है, जिसमें कई खामियां मिली हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में कुछ अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
सोमवार को करेंगे ज्वाइन
जींद के नवनियुक्त सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने कहा कि उन्हें नियुक्ति के निर्देश मिल चुके हैं। वह सोमवार को ज्वाइन करेंगे। वह इससे पहले कुरुक्षेत्र में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट थे। इसके बाद 31 जनवरी को उन्होंने यमुनानगर में पीएमओ के रूप में ज्वाइन किया था। अब वह जींद में सिविल सर्जन के रूप में सेवाएं देंगे।
राजनीति से प्रेरित है सिविल सर्जन का सस्पेंशन
कांग्रेस के टिकट पर जींद विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके प्रमोद सहवाग ने कहा कि सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान को राजनीति का शिकार बनाया गया है। भाजपा ने छह साल के शासनकाल में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में कोई सुधार नहीं किया। मेडिकल कॉलेज का आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। एक-दो चिकित्सक जींद में आते हैं, लेकिन भाजपा नेता उन्हें ही सस्पेंड करवा देते हैं। यदि भाजपा को जिले की जनता की चिंता होती तो अब तक जिले में चिकित्सकों की कमी नहीं रहती।
पांच महीने में हुए कई विवाद
करीब पांच महीने पहले सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान ने जींद में ज्वाइन किया था। शुरू से ही उनकी कार्यप्रणाली पर विवाद होते रहे। इसमें अस्पताल में स्टाफ की ड्यूटी बदलने से लेकर चिकित्सकों पर नकेल कसने। कुछ लोगों के साथ निजी व्यवहार को लेकर भी सिविल सर्जन चर्चाओं में रहे। वहीं भर्ती को लेकर जब विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा शिकायत करने गए तो सिविल सर्जन ने उन पर गंभीर आरोप लगाए थे। सिविल सर्जन ने यहां तक कह दिया था कि विधायक अपने लोगों को नौकरी लगवाना चाहते हैं। इसके चलते ही उन पर दबाव बनाया जा रहा है।
न्याय के लिए आवेदक ने लड़ी लड़ाई
विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि एएमओ भर्ती मामले में गड़बड़ी हुई थी। इसके अलावा अस्पताल में और भी कई मामले सामने आए थे। शिकायत के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने जांच की थी। इसमें किसी ने कुछ नहीं किया। एएमओ भर्ती मामले पर शिकायत करने वाले प्रार्थी के पति ने न्याय के लिए लड़ाई लड़ी थी। उसे न्याय मिला है।

विज साहब की चक्की चलती तो आहिस्ता है, लेकिन बारीक पीसती है
भर्ती को लेकर उम्मीदवार के पति ने शिकायत की थी। यह मामला स्वास्थ्य मंत्री के संज्ञान में लाया गया था। कोविड-19 के चलते इस पर कार्रवाई कुछ धीमी हुई है। इस मामले में डीसी द्वारा करवाई गई जांच भी सही ढंग से नहीं हो पाई थी। इसके बाद मुख्यालय से इसकी जांच करवाई गई। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज किसी भी प्रकार की घपलेबाजी को सहन नहीं करते। यह पूरा देश जानता है। इसके चलते सिविल सर्जन के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
डॉ. कृष्ण मिड्ढा, विधायक।
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