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Jind News: सिविल सर्जन ने नर्सिंग स्टाफ को लगाई फटकार, डिलीवरी की संख्या बढ़ाने के दिए निर्देश
Thu, 28 Nov 2024 12:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 28 Nov 2024 12:41 AM IST
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27जेएनडी18: डिलीवरी की संख्या बढ़ाने को लेकर अधिकारियों व कर्मचारियों को सिविल सर्जन द्वारा लिख
अलेवा। पीएचसी नगूरां में डिलीवरी की संख्या जीरो मामले में स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारी सख्त मूड में नजर आए। सिविल सर्जन डाॅ. गोपाल गोयल ने सीएचसी अलेवा व पीएचसी नगूरां के अधिकारियों और नर्सिंग स्टाफ को पत्र लिखा। पत्र के माध्यम से पीएचसी नगूरां पर डिलीवरी की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ भविष्य में ऐसा नहीं हो पाने पर एसएमओ व नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
करीब आठ साल पहले पूर्व सीएम मनोहर लाल के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव नगूरां में पीएचसी का निर्माण करवाया गया था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती इस पीएचसी में स्टाफ की नियुक्ति करना था। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने ग्रामीणों की मांग पर पीएचसी नगूरां में एक पुरुष चिकित्सा अधिकारी, एक महिला चिकित्सा अधिकारी, एक पुरुष स्वास्थ्य निरीक्षक, एक महिला स्वास्थ्य निरीक्षक, एक फार्मासिस्ट, चार स्टाफ नर्स, दो लैब टेक्नीशियनों के साथ-साथ आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्ति कर पीएचसी को सुचारू रूप से चलाने की कवायद तेज की। स्वास्थ्य विभाग ने पंचायत की मांग पर मार्च में डिलीवरी हट तो शुरू करवा दिया। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मायूसी के चलते स्टाफ नर्स गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी के लिए मनाने मेंं कामयाब नहीं हो पाई। इसके कारण स्वास्थ्य विभाग नगूरां पीएचसी में मार्च से अब तक केवल मात्र 19 डिलीवरी ही कर पाया है।
200 ने कराया पंजीकरण, 19 हो पाई डिलीवरी
पीएचसी पर एएनसी (प्रसव पूर्व देखभाल) के लिए 200 महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन भी करवाया है। लेकिन पीएचसी पर तैनात स्टाफ नर्स नौ महीने में केवल मात्र 19 डिलीवरी करवाने में ही सफल हो पाई है।
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पांच स्वीकृत पदों में से तीन स्टाफ नर्स तैनात, एक का किया डेपुटेशन
नगूरां पीएचसी पर स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डिलीवरी हट के लिए पांच स्टाफ नर्स के पद स्वीकृत हैं। इसमें दो नियमित व तीन एनएचएम के अधीन आते हैं। पीएचसी पर फिलहाल चार पद ही भरे हैं। इसमें से एक नर्सिंग स्टाफ को डेपुटेशन पर सीएचसी कंडेला भेजा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक पीएचसी पर नर्सिंग स्टाफ के सहायता के लिए किसी महिला वार्ड सहायक को नहीं लगाया है। इसके चलते डिलीवरी के लिए पहुंची महिलाओं की डिलीवरी कराने के लिए स्टाफ नर्स को साथ में आई महिलाओं का सहारा लेना पड़ता है।
डिलीवरी बढ़ाने के दिए निर्देश
पीएचसी नगूरां में डिलीवरी की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसमें अगर किसी स्वास्थ्यकर्मी ने लापरवाही बरती तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। महिलाओं का बिना जरूरत के रेफर न करें। जितनी ज्यादा हो सके पीएचसी में ही डिलीवरी करवाने के निर्देश दिए हैं।
- डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन, जींद।
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करीब आठ साल पहले पूर्व सीएम मनोहर लाल के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव नगूरां में पीएचसी का निर्माण करवाया गया था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती इस पीएचसी में स्टाफ की नियुक्ति करना था। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने ग्रामीणों की मांग पर पीएचसी नगूरां में एक पुरुष चिकित्सा अधिकारी, एक महिला चिकित्सा अधिकारी, एक पुरुष स्वास्थ्य निरीक्षक, एक महिला स्वास्थ्य निरीक्षक, एक फार्मासिस्ट, चार स्टाफ नर्स, दो लैब टेक्नीशियनों के साथ-साथ आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्ति कर पीएचसी को सुचारू रूप से चलाने की कवायद तेज की। स्वास्थ्य विभाग ने पंचायत की मांग पर मार्च में डिलीवरी हट तो शुरू करवा दिया। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मायूसी के चलते स्टाफ नर्स गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी के लिए मनाने मेंं कामयाब नहीं हो पाई। इसके कारण स्वास्थ्य विभाग नगूरां पीएचसी में मार्च से अब तक केवल मात्र 19 डिलीवरी ही कर पाया है।
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200 ने कराया पंजीकरण, 19 हो पाई डिलीवरी
पीएचसी पर एएनसी (प्रसव पूर्व देखभाल) के लिए 200 महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन भी करवाया है। लेकिन पीएचसी पर तैनात स्टाफ नर्स नौ महीने में केवल मात्र 19 डिलीवरी करवाने में ही सफल हो पाई है।
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पांच स्वीकृत पदों में से तीन स्टाफ नर्स तैनात, एक का किया डेपुटेशन
नगूरां पीएचसी पर स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डिलीवरी हट के लिए पांच स्टाफ नर्स के पद स्वीकृत हैं। इसमें दो नियमित व तीन एनएचएम के अधीन आते हैं। पीएचसी पर फिलहाल चार पद ही भरे हैं। इसमें से एक नर्सिंग स्टाफ को डेपुटेशन पर सीएचसी कंडेला भेजा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक पीएचसी पर नर्सिंग स्टाफ के सहायता के लिए किसी महिला वार्ड सहायक को नहीं लगाया है। इसके चलते डिलीवरी के लिए पहुंची महिलाओं की डिलीवरी कराने के लिए स्टाफ नर्स को साथ में आई महिलाओं का सहारा लेना पड़ता है।
डिलीवरी बढ़ाने के दिए निर्देश
पीएचसी नगूरां में डिलीवरी की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसमें अगर किसी स्वास्थ्यकर्मी ने लापरवाही बरती तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। महिलाओं का बिना जरूरत के रेफर न करें। जितनी ज्यादा हो सके पीएचसी में ही डिलीवरी करवाने के निर्देश दिए हैं।
- डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन, जींद।