{"_id":"69f4ecf71167ec8ebe036ddb","slug":"citu-and-the-sarv-karmchari-sangh-staged-a-protest-on-labour-day-jind-news-c-199-1-jnd1010-152635-2026-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: मजदूर दिवस पर सीटू और सर्व कर्मचारी संघ ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: मजदूर दिवस पर सीटू और सर्व कर्मचारी संघ ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
जींद। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सीटू, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और रिटायर्ड कर्मचारी संघ ने विभिन्न मांगों को लेकर संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। नगर परिषद कार्यालय पर आयोजित जनसभा के बाद कर्मचारियों और मजदूरों ने पुराने बस अड्डे तक रोष प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संयुक्त रूप से कपूर सिंह, संजीव ढांडा, विक्रम सिंह और बिजेंद्र सिंह ने की और संचालन संदीप जाजवान व सोहन लाल ने किया। सभा की शुरुआत में शिकागो के शहीद मजदूरों को एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
महिला नेताओं सुनीता कालीरमन व नीलम ने कहा कि मिड-डे मील और आशा वर्करों को नाममात्र वेतन देकर उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। संगठनों ने न्यूनतम वेतन 26000 रुपये करने, मनरेगा की पूर्ण बहाली, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और निर्माण मजदूरों का बंद पोर्टल दोबारा शुरू करने की मांग उठाई। उन्होंने मिड-डे मील वर्करों का बकाया मानदेय जारी करने की मांग करते हुए कहा कि आशा वर्करों को ऑनलाइन काम के नाम पर दी जा रही धमकियां बंद हों।
विज्ञापन
विरोध में कर्मचारियों केंद्र और राज्य सरकार पर पूंजीपतियों के साथ मिलकर मजदूरों के अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया। उन्होंने श्रम कानूनों को तुरंत रद्द करने की मांग की। इस दौरान फिलिस्तीन का समर्थन किया गया और ईरान व वेनेजुएला पर अमेरिकी आर्थिक नाकेबंदी की आलोचना की।
विज्ञापन
कार्यक्रम की अध्यक्षता संयुक्त रूप से कपूर सिंह, संजीव ढांडा, विक्रम सिंह और बिजेंद्र सिंह ने की और संचालन संदीप जाजवान व सोहन लाल ने किया। सभा की शुरुआत में शिकागो के शहीद मजदूरों को एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
विज्ञापन
महिला नेताओं सुनीता कालीरमन व नीलम ने कहा कि मिड-डे मील और आशा वर्करों को नाममात्र वेतन देकर उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। संगठनों ने न्यूनतम वेतन 26000 रुपये करने, मनरेगा की पूर्ण बहाली, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और निर्माण मजदूरों का बंद पोर्टल दोबारा शुरू करने की मांग उठाई। उन्होंने मिड-डे मील वर्करों का बकाया मानदेय जारी करने की मांग करते हुए कहा कि आशा वर्करों को ऑनलाइन काम के नाम पर दी जा रही धमकियां बंद हों।
विज्ञापन
विरोध में कर्मचारियों केंद्र और राज्य सरकार पर पूंजीपतियों के साथ मिलकर मजदूरों के अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया। उन्होंने श्रम कानूनों को तुरंत रद्द करने की मांग की। इस दौरान फिलिस्तीन का समर्थन किया गया और ईरान व वेनेजुएला पर अमेरिकी आर्थिक नाकेबंदी की आलोचना की।