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Jind News: बच्चों को संख्या ज्ञान में बनाना है दक्ष
Sun, 08 Feb 2026 01:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 08 Feb 2026 01:35 AM IST
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07जेएनडी14: एफएलएन राजेश वशिष्ठ बैठक में बातचीत करते हुए। स्रोत संस्थान
जींद। जिला मौलिक शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित बैठक में जिले के सभी खंडों के ब्लॉक कोआर्डिनेटर ने भाग लिया। अध्यक्षता करते हुए जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने कहा कि निपुण भारत मिशन का मुख्य लक्ष्य कक्षा तीसरी तक के प्रत्येक बच्चे को संख्या ज्ञान में दक्ष बनाना है।
वशिष्ठ ने कहा कि जिले के कुछ विद्यालय अभी भी कैटेगरी सी में हैं। इन विद्यालयों को बी और फिर ए कैटेगरी में लाने के लिए विद्यालय मुखियाओं और कक्षा इंचार्जों को विशेष कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला समन्वयक ने कहा कि कैटेगरी सी के विद्यालयों का क्लस्टर हेड, खंड शिक्षा अधिकारी और स्वयं ब्लॉक कोआर्डिनेटर व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण करेंगे।
इसके अतिरिक्त, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की जाएगी जो सीधे बच्चों और शिक्षकों से संवाद कर रिपोर्ट सौंपेगी। यह रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी ताकि वास्तविक धरातल पर सुधार सुनिश्चित किया जा सके। फरवरी के अंत में निदेशालय की तरफ से फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी का आयोजन किया जाएगा।
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इसमें कक्षा तीसरी के हिंदी और अंग्रेजी, दोनों माध्यमों के विद्यार्थियों का मूल्यांकन होगा। इसके लिए एससीईआरटी गुरुग्राम द्वारा डायट को फील्ड इंवेस्टिगेटर नियुक्त करने के लिए अधिकृत किया गया है। बच्चों की तैयारी के लिए निदेशालय और जिला स्तर से सैंपल पेपर भेजे जाएंगे, वहीं शिक्षकों को भी अपने स्तर पर अभ्यास पत्र तैयार करने को कहा गया है।
राजेश वशिष्ठ ने कहा कि निपुण अभियान का उद्देश्य रटने की प्रथा को खत्म कर समझ आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही बच्चों में नैतिकता और आत्मविश्वास का संचार कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। बैठक के अंत में सभी ब्लॉक कोआर्डिनेटर ने संकल्प लिया कि वे जिले को प्रदेश में निपुण भारत मिशन के तहत एक मॉडल जिला के रूप में स्थापित करने के लिए जी-जान से जुटेंगे और अपने खंडों को राज्य स्तर पर अग्रणी स्थान दिलाएंगे।
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वशिष्ठ ने कहा कि जिले के कुछ विद्यालय अभी भी कैटेगरी सी में हैं। इन विद्यालयों को बी और फिर ए कैटेगरी में लाने के लिए विद्यालय मुखियाओं और कक्षा इंचार्जों को विशेष कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला समन्वयक ने कहा कि कैटेगरी सी के विद्यालयों का क्लस्टर हेड, खंड शिक्षा अधिकारी और स्वयं ब्लॉक कोआर्डिनेटर व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण करेंगे।
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इसके अतिरिक्त, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की जाएगी जो सीधे बच्चों और शिक्षकों से संवाद कर रिपोर्ट सौंपेगी। यह रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी ताकि वास्तविक धरातल पर सुधार सुनिश्चित किया जा सके। फरवरी के अंत में निदेशालय की तरफ से फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी का आयोजन किया जाएगा।
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इसमें कक्षा तीसरी के हिंदी और अंग्रेजी, दोनों माध्यमों के विद्यार्थियों का मूल्यांकन होगा। इसके लिए एससीईआरटी गुरुग्राम द्वारा डायट को फील्ड इंवेस्टिगेटर नियुक्त करने के लिए अधिकृत किया गया है। बच्चों की तैयारी के लिए निदेशालय और जिला स्तर से सैंपल पेपर भेजे जाएंगे, वहीं शिक्षकों को भी अपने स्तर पर अभ्यास पत्र तैयार करने को कहा गया है।
राजेश वशिष्ठ ने कहा कि निपुण अभियान का उद्देश्य रटने की प्रथा को खत्म कर समझ आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही बच्चों में नैतिकता और आत्मविश्वास का संचार कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। बैठक के अंत में सभी ब्लॉक कोआर्डिनेटर ने संकल्प लिया कि वे जिले को प्रदेश में निपुण भारत मिशन के तहत एक मॉडल जिला के रूप में स्थापित करने के लिए जी-जान से जुटेंगे और अपने खंडों को राज्य स्तर पर अग्रणी स्थान दिलाएंगे।