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Jind News: मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की दबिश, 11 एंबुलेंस में जीपीएस काम करते नहीं मिले
Fri, 28 Jun 2024 03:56 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 28 Jun 2024 03:56 AM IST
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27जेएनडी34 : नागरिक अस्पताल के रेफरल कार्यालय में रिकार्ड की जांच करती टीम। संवाद
जींद। सीएम फ्लाइंग ने वीरवार को नागरिक अस्पताल में दबिश दी। टीम ने यहां एंबुलेंस सेवा की जांच की, जिसमें काफी खामियां मिलीं। सीएम फ्लाइंग ने रिपोर्ट बनाकर स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक कार्यालय में भेज दी है।
खामियों से साफ है कि मरीजों को एंबुलेंस सेवा समय पर नहीं मिल रही है। हर एंबुलेंस में जीपीएस होना चाहिए, लेकिन 11 में यह काम नहीं कर रहा था। जीपीएस गाड़ियों में नहीं होना एक तरह की लापरवाही मानी जाती है, क्योंकि इससे गाड़ी की लोकेशन का पता नहीं चल पाता है।
सीएम फ्लाइंग के सब इंस्पेक्टर के नेतृत्व में टीम ने सुबह साढ़े 9 बजे नागरिक अस्पताल में दबिश दी। टीम ने अपने साथ अस्पताल की रेफरल सेवा के नोडल अधिकारी डॉ. रवि राणा को भी शामिल कर लिया। जांच में सीएम फ्लाइंग ने पाया कि नागरिक अस्पताल में केवल 31 एंबुलेंस हैं, जबकि यहां 47 होनी चाहिए। यहां पर केवल एक एटीएस (एडवांस लाइफ सपोर्टिंग सिस्टम) गाड़ी मिली, जोकि 2018 में छह थीं।
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रेफरल सेवा के 13 चालकों के पद खाली मिले। वहीं एंबुलेंस के साथ जाने वाले ईएमटी के भी 13 पद खाली हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। 11 एंबुलेंस में जीपीएस काम नहीं कर रहा था, जबकि हर एंबुलेंस में इसकी जरूरत होती है। हाजिरी रजिस्टर की जांच की गई तो सभी कर्मचारी उपस्थित मिले।
31 एंबुलेंस में से 30 एंबुलेंस मौके पर ही मिलीं। एक गाड़ी सीआरएसयू में ड्यूटी पर गई थी। एक जनवरी से अब तक 11515 मरीजों को एंबुलेंस के माध्यम से रेफर किया गया या फिर उनको घर पहुंचाया गया। टीम ने फोन कर सेवा ले चुके लोगों से भी फीडबैक लिया। गाड़ियों के हिसाब से 87 चालक होने चाहिए, जबकि 74 ही मिले। यहां ईएमटी के 36 पद हैं, लेकिन 12 खाली हैं। 13 एंबुलेंस में बायोमीट्रिक काम नहीं कर रही थी। दो गाड़ियों के सीसीटीवी कैमरे खराब मिले हैं।
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खामियों से साफ है कि मरीजों को एंबुलेंस सेवा समय पर नहीं मिल रही है। हर एंबुलेंस में जीपीएस होना चाहिए, लेकिन 11 में यह काम नहीं कर रहा था। जीपीएस गाड़ियों में नहीं होना एक तरह की लापरवाही मानी जाती है, क्योंकि इससे गाड़ी की लोकेशन का पता नहीं चल पाता है।
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सीएम फ्लाइंग के सब इंस्पेक्टर के नेतृत्व में टीम ने सुबह साढ़े 9 बजे नागरिक अस्पताल में दबिश दी। टीम ने अपने साथ अस्पताल की रेफरल सेवा के नोडल अधिकारी डॉ. रवि राणा को भी शामिल कर लिया। जांच में सीएम फ्लाइंग ने पाया कि नागरिक अस्पताल में केवल 31 एंबुलेंस हैं, जबकि यहां 47 होनी चाहिए। यहां पर केवल एक एटीएस (एडवांस लाइफ सपोर्टिंग सिस्टम) गाड़ी मिली, जोकि 2018 में छह थीं।
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रेफरल सेवा के 13 चालकों के पद खाली मिले। वहीं एंबुलेंस के साथ जाने वाले ईएमटी के भी 13 पद खाली हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। 11 एंबुलेंस में जीपीएस काम नहीं कर रहा था, जबकि हर एंबुलेंस में इसकी जरूरत होती है। हाजिरी रजिस्टर की जांच की गई तो सभी कर्मचारी उपस्थित मिले।
31 एंबुलेंस में से 30 एंबुलेंस मौके पर ही मिलीं। एक गाड़ी सीआरएसयू में ड्यूटी पर गई थी। एक जनवरी से अब तक 11515 मरीजों को एंबुलेंस के माध्यम से रेफर किया गया या फिर उनको घर पहुंचाया गया। टीम ने फोन कर सेवा ले चुके लोगों से भी फीडबैक लिया। गाड़ियों के हिसाब से 87 चालक होने चाहिए, जबकि 74 ही मिले। यहां ईएमटी के 36 पद हैं, लेकिन 12 खाली हैं। 13 एंबुलेंस में बायोमीट्रिक काम नहीं कर रही थी। दो गाड़ियों के सीसीटीवी कैमरे खराब मिले हैं।

27जेएनडी34 : नागरिक अस्पताल के रेफरल कार्यालय में रिकार्ड की जांच करती टीम। संवाद