फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   challenge by creating whatsapp group traveling without tickets in roadways buses

रोडवेज बसों में बिना टिकट यात्रा करने वाले व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर दे रहे चुनौती

Mon, 07 Oct 2019 12:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 07 Oct 2019 12:06 AM IST
विज्ञापन
challenge by creating whatsapp group traveling without tickets in roadways buses
रोडवेज बसों में बिना टिकट यात्रा करने वाले युवकों को पकड़ने के लिए चेकिंग टीम के लिए व्हाट्सएप ग्रुप चुनौती बने हुए हैं। एक साल में जींद डिपो की फ्लाइंग टीम पांच व्हाट्सएप ग्रुप को पकड़ कर प्रत्येक सदस्य पर 10 से 15 हजार रुपये जुर्माना लगा चुकी है। एक व्हाट्सएप ग्रुप में 200 से 250 सदस्य जुड़े होते हैं। विभिन्न रूटों पर जाने वाले युवकों ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाया हुआ है। ग्रुप के किसी भी सदस्य को रोडवेज चेकिंग टीम की सूचना मिलती है तो वह ग्रुप पर अपडेट करके सभी को सावधान कर देता है। बिना टिकट यात्रा करने से रोडवेज को राजस्व का नुकसान होता है। चेकिंग टीम इंचार्ज ने टीमों की संख्या बढ़ाने की मांग की है, ताकि बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों पर अंकुश लगाया जा सके। जींद डिपो में तीन चेकिंग टीमें हैं, जो हाईवे पर चेकिंग करती हैं। इससे ग्रामीण रूट खाली पड़े रहते हैं। कम स्टाफ होने का फायदा लोकल रूटों पर बिना टिकट सफर करने वाले यात्री उठाते हैं। इसमें ज्यादातर कॉलेज व विभिन्न शिक्षण संस्थान में पढ़ने वाले युवा हैं, जो रोडवेज बसों का पास ही नहीं बनवाते। यह सभी पकड़े जाने से बचने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाते हैं, जो एक दूसरे को जांच टीम की लोकेशन बताते रहते हैं।
विज्ञापन

जींद डिपो में हैं छह फ्लाइंग टीम
जींद डिपो में छह फ्लाइंग टीमें हैं। वहीं जींद डिपो की 164 बसों का लगभग 250 रूटों पर आवागमन होता है, जिस कारण डिपो को काफी परेशानी होती है। कुछ शरारती तत्व व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये जांच टीम की लोकेशन का पता लगा लेते हैं। इसमें दैनिक यात्री अधिक शामिल हैं। जिस भी रूट पर टीम रहती है तो उस रूट के यात्री व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये टीम की लोकेशन अपडेट कर देते हैं। बिना टिकट वाले यात्री अगले स्टॉपेज पर टिकट ले लेते हैं और पकड़ में आने से बच जाते हैं। टिकट देने से मना करके कुछ यात्री बस से पिछले ही स्टॉपेज पर रुक जाते हैं।
विज्ञापन

डिपो करता है प्रतिदिन 15 से 16 लाख रुपये का राजस्व
डिपो प्रतिदिन 15 से 16 लाख रुपये राजस्व के रूप में जमा करता है। डिपो के पास चेकिंग टीम की कमी है। इस कारण बिना टिकट यात्रियों पर रोक नहीं लगा पा रहा है। फिर भी अपने स्तर पर कर्मचारी बसों की नियमित रूप से जांच करते हैं। बिना टिकट यात्री पाए जाने पर जुर्माना वसूला जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जीएस दूहन, वर्क शॉप मैनेजर जींद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed