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कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगाने का अभियान हुआ शुरु
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वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाते वरिष्ठ दंत सर्जन डॉ. रमेश पांचाल, साथ में हैं डॉ. गोपाल गोयल, पीएमओ डॉ. ब
- फोटो : Jind
स्वास्थ्य विभाग ने अपने कर्मचारियों और अधिकारियों को कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगाने का अभियान सोमवार से शुरू कर दिया है। नागरिक अस्पताल के पीपी सेंटर में वैक्सीन लगाई गई। जिले में अब तक 3903 स्वास्थ्य कर्मचारियों और अधिकारियों ने पहली डोज लगवाई है। अब इन्हें दूसरी डोज लगाई जाएगी। जिन कर्मचारियों ने अब तक पहली डोज नहीं लगवाई है, उन्हें 20 फरवरी तक का समय दिया गया है। इसके बाद इन्हें वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी। पहले यह तारीख 15 फरवरी थी, जिसे अब बढ़ा दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ फ्रंट लाइन वर्कर को पहली डोज लगाने का कार्यक्रम भी जारी रहेगा। अब तक 1144 फ्रंट लाइन वर्कर ने पहली डोज लगवाई है।
जिले में 16 जनवरी से कोरोना वैक्सीन लगाने कार्यक्रम शुरू किया गया था। जिला स्वास्थ्य विभाग को अब तक कोविशील्ड वैक्सीन की 18,000 डोज मिल चुकी है। अब तक जिले में 5047 कर्मचारियों और अधिकारियों ने वैक्सीन लगाई है। सबसे पहले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को वैक्सीन लगाई गई। उसके बाद फ्रंट लाइन वर्कर पुलिस, होमगार्ड, राजस्व, स्थानीय निकाय एवं पंचायती राज विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों को वैक्सीन लगाई गई। अभी तक 3903 स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों तथा 1144 फ्रंट लाइन वर्कर को वैक्सीन लगाई गई है। जिन 3903 कर्मचारियों एवं अधिकारियों को वैक्सीन लगाई गई है, उनको दूसरी डोज लगाने का कार्य सोमवार से शुरू कर दिया गया। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग फ्रंट लाइन वर्कर को भी पहली डोज लगाने का अभियान चला रहा है।
आशा के अनुरूप वैक्सीन नहीं लगवा रहे लोग
स्वास्थ्य विभाग के लगभग 7000 कर्मचारियों और अधिकारियों को वैक्सीन लगाई जानी थी, लेकिन अभी तक 3903 को ही वैक्सीन लग पाई है। यह आंकड़ा लगभग आधा ही हुआ है। वहीं तीन हजार फ्रंट लाइन वर्कर को वैक्सीन लगनी थी, जो अभी तक केवल 1144 को ही लगी है। स्वास्थ्य विभाग बार-बार वैक्सीन के प्रति लोगों को जागरूक भी कर रहा है कि इससे शरीर में कोई हानि नहीं होती, बल्कि इससे कोरोना संक्रमण से मुक्ति मिलेगी, उसके बावजूद लोग वैक्सीन लगवाने में काफी कम रुचि दिखा रहे हैं।
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वैक्सीन की दूसरी डोज लगाने का अभियान शुरू हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को पहली डोज लगाने के लिए 20 फरवरी तक तारीख बढ़ा दी है। इसके बाद इस विभाग के लोगों को वैक्सीन की पहली डोज नहीं लगाई जाएगी। फ्रंट लाइन वर्कर के लिए पहली डोज लगाने का अभियान भी निरंतर जारी है। वैक्सीन लगाने के बाद व्यक्ति के शरीर पर कोई भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। वैक्सीनेशन के बाद व्यक्ति के दिमाग से कोरोना का भय खत्म हो जाता है।
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जिले में 16 जनवरी से कोरोना वैक्सीन लगाने कार्यक्रम शुरू किया गया था। जिला स्वास्थ्य विभाग को अब तक कोविशील्ड वैक्सीन की 18,000 डोज मिल चुकी है। अब तक जिले में 5047 कर्मचारियों और अधिकारियों ने वैक्सीन लगाई है। सबसे पहले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को वैक्सीन लगाई गई। उसके बाद फ्रंट लाइन वर्कर पुलिस, होमगार्ड, राजस्व, स्थानीय निकाय एवं पंचायती राज विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों को वैक्सीन लगाई गई। अभी तक 3903 स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों तथा 1144 फ्रंट लाइन वर्कर को वैक्सीन लगाई गई है। जिन 3903 कर्मचारियों एवं अधिकारियों को वैक्सीन लगाई गई है, उनको दूसरी डोज लगाने का कार्य सोमवार से शुरू कर दिया गया। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग फ्रंट लाइन वर्कर को भी पहली डोज लगाने का अभियान चला रहा है।
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आशा के अनुरूप वैक्सीन नहीं लगवा रहे लोग
स्वास्थ्य विभाग के लगभग 7000 कर्मचारियों और अधिकारियों को वैक्सीन लगाई जानी थी, लेकिन अभी तक 3903 को ही वैक्सीन लग पाई है। यह आंकड़ा लगभग आधा ही हुआ है। वहीं तीन हजार फ्रंट लाइन वर्कर को वैक्सीन लगनी थी, जो अभी तक केवल 1144 को ही लगी है। स्वास्थ्य विभाग बार-बार वैक्सीन के प्रति लोगों को जागरूक भी कर रहा है कि इससे शरीर में कोई हानि नहीं होती, बल्कि इससे कोरोना संक्रमण से मुक्ति मिलेगी, उसके बावजूद लोग वैक्सीन लगवाने में काफी कम रुचि दिखा रहे हैं।
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वैक्सीन की दूसरी डोज लगाने का अभियान शुरू हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को पहली डोज लगाने के लिए 20 फरवरी तक तारीख बढ़ा दी है। इसके बाद इस विभाग के लोगों को वैक्सीन की पहली डोज नहीं लगाई जाएगी। फ्रंट लाइन वर्कर के लिए पहली डोज लगाने का अभियान भी निरंतर जारी है। वैक्सीन लगाने के बाद व्यक्ति के शरीर पर कोई भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। वैक्सीनेशन के बाद व्यक्ति के दिमाग से कोरोना का भय खत्म हो जाता है।