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Jind News: जीपीएस सिस्टम के अभाव में बसों की ट्रैकिंग अधर में
Thu, 13 Nov 2025 12:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 13 Nov 2025 12:04 AM IST
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12जेएनडी15 : सामान्य बस अड्डे पर खड़ी बस। संवाद
जींद। यात्रियों की सुविधा के लिए रोडवेज बसों की लोकेशन बताने वाला एप अगस्त में लांच किया हुआ था लेकिन तकनीकी खामियों के चलते यह अभी तक सुचारू रूप से काम नहीं कर पा रहा है।
बसों में जीपीएस सिस्टम न लगने के कारण यात्रियों को एप से कोई खास लाभ नहीं मिल रहा। फिलहाल केवल जींद डिपो की दस एसी बसों में ही यह सुविधा उपलब्ध है, वह भी कई बार कनेक्टिविटी टूटने से सही लोकेशन नहीं दिखा पाती।
एप खुलते ही बस नंबर मांगता है जिससे यात्रियों को उलझन का सामना करना पड़ रहा है। एप का उद्देश्य यात्रियों को बस की लाइव लोकेशन, ऑनलाइन टिकट बुकिंग और बस के आगमन-प्रस्थान की जानकारी देना था।
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जींद डिपो में लगभग 170 बसें ऑनरूट हैं जिनसे प्रतिदिन करीब 15 हजार यात्री सफर करते हैं और डिपो को लगभग 10 लाख रुपये की आय होती है। फिलहाल एप अभी ट्रायल पर है और ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क कमजोर होने से इसकी उपयोगिता प्रभावित हो रही है। यात्रियों को उम्मीद है कि तकनीकी खामियां दूर कर इसे जल्द पूरी तरह चालू किया जाएगा।
वर्जन
डिपो की रोडवेज बसों में लाइव लोकेशन एप ट्रायल मोड पर है। इसकी मानीटरिंग हो रही है। फिलहाल डिपो की दस एसी बसों में एप से बसों की लोकेशन का पता लगाया जा सकता है। बाकि बसों में अभी एप कनेक्ट नहीं हो पाया है।-राहुल जैन, रोडवेज महाप्रबंधक, जींद डिपो
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बसों में जीपीएस सिस्टम न लगने के कारण यात्रियों को एप से कोई खास लाभ नहीं मिल रहा। फिलहाल केवल जींद डिपो की दस एसी बसों में ही यह सुविधा उपलब्ध है, वह भी कई बार कनेक्टिविटी टूटने से सही लोकेशन नहीं दिखा पाती।
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एप खुलते ही बस नंबर मांगता है जिससे यात्रियों को उलझन का सामना करना पड़ रहा है। एप का उद्देश्य यात्रियों को बस की लाइव लोकेशन, ऑनलाइन टिकट बुकिंग और बस के आगमन-प्रस्थान की जानकारी देना था।
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जींद डिपो में लगभग 170 बसें ऑनरूट हैं जिनसे प्रतिदिन करीब 15 हजार यात्री सफर करते हैं और डिपो को लगभग 10 लाख रुपये की आय होती है। फिलहाल एप अभी ट्रायल पर है और ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क कमजोर होने से इसकी उपयोगिता प्रभावित हो रही है। यात्रियों को उम्मीद है कि तकनीकी खामियां दूर कर इसे जल्द पूरी तरह चालू किया जाएगा।
वर्जन
डिपो की रोडवेज बसों में लाइव लोकेशन एप ट्रायल मोड पर है। इसकी मानीटरिंग हो रही है। फिलहाल डिपो की दस एसी बसों में एप से बसों की लोकेशन का पता लगाया जा सकता है। बाकि बसों में अभी एप कनेक्ट नहीं हो पाया है।-राहुल जैन, रोडवेज महाप्रबंधक, जींद डिपो