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Jind News: पराली-कचरा जलाने और सड़क की धूल पर लगेगी रोक, डीसी ने अधिकारियों को दिए निर्देश
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जींद। आगामी सर्दी के मौसम में वायु प्रदूषण की संभावित स्थिति से निपटने और जिले की वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने शुक्रवार को संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को पराली और कचरा जलाने, सड़क की धूल, निर्माण गतिविधियों, औद्योगिक उत्सर्जन तथा वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि वायु प्रदूषण की रोकथाम केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। सभी संबंधित विभागों, स्थानीय निकायों, शिक्षण संस्थानों और आमजन के सामूहिक प्रयासों से ही वायु गुणवत्ता में सुधार संभव है।
उन्होंने पराली जलाने की घटनाओं की रोकथाम के लिए गांव स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने और किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों तथा उपलब्ध कृषि यंत्रों की जानकारी देने के निर्देश दिए। बैठक में एसडीएम सत्यवान मान, डीएमसी अनिल दून, सीटीएम मोनिका, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अश्विनी कुमार भी मौजूद रहे।
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स्कूल-कॉलेजों में होंगे जागरूकता कार्यक्रम
डीसी ने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में भी विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए। विद्यार्थियों को पराली व कचरा जलाने से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी देने के साथ पोस्टर, स्लोगन, रैली, शपथ और अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएं। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में कचरा जलाने पर प्रभावी रोक लगाने तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही किसी भी स्थान पर कचरा जलाए जाने की घटना नहीं होनी चाहिए। सड़कों से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए नियमित मैकेनिकल स्वीपिंग, पानी का छिड़काव और अन्य उपाय करने को कहा गया।
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उन्होंने अधिकारियों को पराली और कचरा जलाने, सड़क की धूल, निर्माण गतिविधियों, औद्योगिक उत्सर्जन तथा वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि वायु प्रदूषण की रोकथाम केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। सभी संबंधित विभागों, स्थानीय निकायों, शिक्षण संस्थानों और आमजन के सामूहिक प्रयासों से ही वायु गुणवत्ता में सुधार संभव है।
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उन्होंने पराली जलाने की घटनाओं की रोकथाम के लिए गांव स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने और किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों तथा उपलब्ध कृषि यंत्रों की जानकारी देने के निर्देश दिए। बैठक में एसडीएम सत्यवान मान, डीएमसी अनिल दून, सीटीएम मोनिका, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अश्विनी कुमार भी मौजूद रहे।
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स्कूल-कॉलेजों में होंगे जागरूकता कार्यक्रम
डीसी ने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में भी विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए। विद्यार्थियों को पराली व कचरा जलाने से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी देने के साथ पोस्टर, स्लोगन, रैली, शपथ और अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएं। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में कचरा जलाने पर प्रभावी रोक लगाने तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही किसी भी स्थान पर कचरा जलाए जाने की घटना नहीं होनी चाहिए। सड़कों से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए नियमित मैकेनिकल स्वीपिंग, पानी का छिड़काव और अन्य उपाय करने को कहा गया।