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महाराष्ट्र भेजे जाएंगे लावारिस नंदी और बैल : मंगला
jind
Updated Fri, 02 Sep 2016 12:44 AM IST
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सांड़
- फोटो : ब्यूरो
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हरियाणा गो-सेवा आयोग के अध्यक्ष भानी राम मंगला ने कहा कि प्रदेश में लावारिस घूमने वाले नंदी व बैल कुछ दिनों के बाद सड़कों पर दिखाई नहीं देंगे। प्रदेश सरकार ऐसे नंदी और बैलों को उन राज्यों में भेजेंगे, जहां बैलों से खेती की जा रही है। महाराष्ट्र सरकार के साथ बैल भेजने को लेकर बातचीत चल रही है। गो सेवा आयोग के अध्यक्ष भानी राम मंगला बुधवार देर साम रेस्ट हॉउस में गो शाला संचालकों व व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गो वंश को संरक्षण प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्घ है। इसी प्रतिबद्धता के तहत गो वंश के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की जा रही है। प्रदेश मेें कृषि व अन्य क्षेत्रों में तेजी से मशीनीकरण हो रहा है, जिसके परिणाम स्वरूप खेती में बैलों का प्रयोग लगभग नहीं के बराबर हो गया है। इसी वजह से बैल व नंदी सड़कों पर आवारा घूम रहे हैं, जो अक्सर सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनते है। अब सरकार द्वारा इन बैलों व नंदियों को मांग के अनुरूप देश के अन्य राज्यों में मुफ्त मुहैया करवाने का निर्णय लिया गया। कोई भी राज्य आवश्यकता अनुसार हरियाणा से बैलों की मांग कर सकता है। बैठक में डीसी विनय सिंह, गौ सेवा आयोग के सदस्य कुलदीप खर्ब, सज्जन गर्ग, आचार्य योगेंद्र मौजूद रहे।
50 एकड़ जमीन उपलब्ध करवाने वाले गांवों में खोली जाएंगी गो शालाएं
मंगला ने कहा कि गो संरक्षण व संवर्धन के लिए जो ग्राम पंचायतें 50 एकड़ भूमि उपलब्ध करवाएंगी, उन गांव में राज्य सरकार द्वारा गो शालाएं भी स्थापित करवाई जाएंगी। प्रदेश की रजिस्ट्रड गो शालाओं में सरकार द्वारा एक गोबर गैस प्लांट स्थापित करवाया जाएगा। इसके पीछे राज्य सरकार की मंशा ठोस व तरल कूड़ा-करकट का सही निष्पादन कर गो शालाओं को उचित मात्रा में बायो गैस उपलब्ध करवाना है। अगर कोई व्यक्ति देशी नस्ल की गायों का डेयरी पालन करता है।
लावारिस सांड़ों की हो रही नसबंदी
आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में लावारिस घूमने वाले सांड़ों की संख्या में और अधिक बढ़ोतरी न हो, इसके लिए संाड़ों का नसबंदी का कार्य शुरू किया जा चुका है। जींद जिले में 2700 संाड़ों का और पूरे हरियाणा में 23,000 हजार संाड़ों की नसबंदी की जा चुकी है।
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प्रदेश में खुलेंगे गो मूत्र बैंक
आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि गाय के दूध से लेकर मूत्र तक में अनेक रोगों को खत्म करने की क्षमता है। इसलिए राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में गोमूत्र बैंक स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। जल्द ही प्रदेश के विभिन्न जिलों में गोमूत्र बैंक स्थापित करवाए जाएंगे। आगामी 13 नवंबर को जींद में राज्य स्तरीय गोपाष्ठमी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
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50 एकड़ जमीन उपलब्ध करवाने वाले गांवों में खोली जाएंगी गो शालाएं
मंगला ने कहा कि गो संरक्षण व संवर्धन के लिए जो ग्राम पंचायतें 50 एकड़ भूमि उपलब्ध करवाएंगी, उन गांव में राज्य सरकार द्वारा गो शालाएं भी स्थापित करवाई जाएंगी। प्रदेश की रजिस्ट्रड गो शालाओं में सरकार द्वारा एक गोबर गैस प्लांट स्थापित करवाया जाएगा। इसके पीछे राज्य सरकार की मंशा ठोस व तरल कूड़ा-करकट का सही निष्पादन कर गो शालाओं को उचित मात्रा में बायो गैस उपलब्ध करवाना है। अगर कोई व्यक्ति देशी नस्ल की गायों का डेयरी पालन करता है।
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लावारिस सांड़ों की हो रही नसबंदी
आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में लावारिस घूमने वाले सांड़ों की संख्या में और अधिक बढ़ोतरी न हो, इसके लिए संाड़ों का नसबंदी का कार्य शुरू किया जा चुका है। जींद जिले में 2700 संाड़ों का और पूरे हरियाणा में 23,000 हजार संाड़ों की नसबंदी की जा चुकी है।
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प्रदेश में खुलेंगे गो मूत्र बैंक
आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि गाय के दूध से लेकर मूत्र तक में अनेक रोगों को खत्म करने की क्षमता है। इसलिए राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में गोमूत्र बैंक स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। जल्द ही प्रदेश के विभिन्न जिलों में गोमूत्र बैंक स्थापित करवाए जाएंगे। आगामी 13 नवंबर को जींद में राज्य स्तरीय गोपाष्ठमी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।