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Jind News: शौचालय के टूटे दरवाजे, सोच कर भी नहीं जा सकतीं महिलाएं
Sun, 21 Apr 2024 01:56 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 21 Apr 2024 01:56 AM IST
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20जेएनडी14 : महिला शौचालय पर लटका ताला तथा पुरुष शौचालय का टूटा दरवाजा। संवाद
जींद। नागरिक अस्पताल में करोड़ों रुपये की लागत से इमारतें तो बना दी गईं, लेकिन मरीजों को शौचालय की मूलभूत सुविधा उपलब्ध करवाने में अस्पताल प्रशासन नाकाम रहा है। शवगृह के पास 2011 में 11 लाख रुपये की लागत से महिला व पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए गए थे। पहले तो इनका रखरखाव ठीक था, लेकिन अब इनको बंद कर दिया गया है। बाद में आमजन के दबाव में इन शौचालयों को खोला गया, लेकिन देखरेख की कमी के कारण यह अब शोपीस बनकर रह गया है। इनकी न तो समय पर सफाई होती है और न ही देखरेख। इनमें गंदगी के ढेर लगे हैं। टोटियां टूटी हुई हैं। ऐसे में यहां आने वाली महिला व पुरुषों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1600 की ओपीडी होती है। इसके अलावा आधार कार्ड अपडेट करवाने समेत अन्य कार्य के लिए लोग आते हैं। शवगृह के पास ही शौचालय बनवाया गया है, लेकिन रखरखाव के अभाव में यह उपयोग करने लायक नहीं है। यहां टोटियां भी टूटी पड़ी हैं। कई बार तो इनमें पानी ही नहीं रहता। इसके अलावा शौचालय के दरवाजे टूटे हुए हैं। इसके चलते यहां महिलाएं शौच करने की सोच भी नहीं सकती हैं। महिला शौचालय के बाहर तो ताला लगा हुआ है लेकिन स्वास्थ्य अधिकारियों का इसकी ओर कोई ध्यान नहीं है। नागरिक अस्पताल में आए रवि, सुनील, विजेंद्र ने बताया कि पुरानी बिल्डिंग में शौचालय व्यवस्था का जनाजा निकला हुआ है। गंभीर मरीज को जब परिजन शौच करवाने आते हैं तो यहां सफाई नहीं होने के कारण मुंह पर कपड़ा ढककर रखना पड़ता है। अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में गर्भवती महिलाओं की जांच होती है। इसके अलावा पुरानी बिल्डिंग में ही इमरजेंसी वार्ड व लैब भी है। रात के समय आपातकालीन स्थिति में मरीज व उनके परिजनों को इमरजेंसी वार्ड में रूकना पड़ता है। वहीं लैब में मरीजों के सैंपल लेकर जांच होती है। ऐसे में यहां मरीजों की भीड़ रहती है। मरीजों का कहना है कि शौचालयों में साफ.-सफाई की व्यवस्था होनी चाहिए।
शव गृह के पास शौचालय एडीसी कार्यालय की ओर से बनवाया गया है। उनके द्वारा यहां सफाई कर्मचारी की व्यवस्था नहीं करवाई गई है। प्रयास किया जाएगा कि शौचालय को ठीक करवाया जाए। इसके साथ ही अस्पताल परिसर में अन्य शौचालयों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करवाया जाएगा। इसके लिए सफाई कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाएंगे ताकि आमजन को किसी तरह की परेशानी न हो। -डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन
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नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1600 की ओपीडी होती है। इसके अलावा आधार कार्ड अपडेट करवाने समेत अन्य कार्य के लिए लोग आते हैं। शवगृह के पास ही शौचालय बनवाया गया है, लेकिन रखरखाव के अभाव में यह उपयोग करने लायक नहीं है। यहां टोटियां भी टूटी पड़ी हैं। कई बार तो इनमें पानी ही नहीं रहता। इसके अलावा शौचालय के दरवाजे टूटे हुए हैं। इसके चलते यहां महिलाएं शौच करने की सोच भी नहीं सकती हैं। महिला शौचालय के बाहर तो ताला लगा हुआ है लेकिन स्वास्थ्य अधिकारियों का इसकी ओर कोई ध्यान नहीं है। नागरिक अस्पताल में आए रवि, सुनील, विजेंद्र ने बताया कि पुरानी बिल्डिंग में शौचालय व्यवस्था का जनाजा निकला हुआ है। गंभीर मरीज को जब परिजन शौच करवाने आते हैं तो यहां सफाई नहीं होने के कारण मुंह पर कपड़ा ढककर रखना पड़ता है। अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में गर्भवती महिलाओं की जांच होती है। इसके अलावा पुरानी बिल्डिंग में ही इमरजेंसी वार्ड व लैब भी है। रात के समय आपातकालीन स्थिति में मरीज व उनके परिजनों को इमरजेंसी वार्ड में रूकना पड़ता है। वहीं लैब में मरीजों के सैंपल लेकर जांच होती है। ऐसे में यहां मरीजों की भीड़ रहती है। मरीजों का कहना है कि शौचालयों में साफ.-सफाई की व्यवस्था होनी चाहिए।
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शव गृह के पास शौचालय एडीसी कार्यालय की ओर से बनवाया गया है। उनके द्वारा यहां सफाई कर्मचारी की व्यवस्था नहीं करवाई गई है। प्रयास किया जाएगा कि शौचालय को ठीक करवाया जाए। इसके साथ ही अस्पताल परिसर में अन्य शौचालयों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करवाया जाएगा। इसके लिए सफाई कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाएंगे ताकि आमजन को किसी तरह की परेशानी न हो। -डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन

20जेएनडी14 : महिला शौचालय पर लटका ताला तथा पुरुष शौचालय का टूटा दरवाजा। संवाद
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