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Jind News: टूटे दरवाजे, खराब नल दिखा रहे बदहाली की दास्तान
Wed, 06 Dec 2023 12:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 06 Dec 2023 12:36 AM IST
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05जेएनडी19-शौचालय के हालातों की जानकारी देते शहरवासी। संवाद
उचाना। शहर को खुले में शौच मुक्त करने के लिए प्रशासन द्वारा समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। लोगों को घर-घर शौचालय बनवाने के लिए जागरूक भी किया जाता है।
वहीं शहर के विभिन्न स्थानों पर बनाए गए सार्वजनिक शौचालय देखरेख के अभाव में बदहाल स्थिति में है। नगर पालिका अधिकारियों का सार्वजनिक शौचालयों की तरफ कोई ध्यान नहीं है। हरिओम उचाना खुर्द, सत्यवान उचाना कलां, वीरेंद्र उदयपुर, जयवीर डोहानाखेड़ा और अनीता देवी ने बताया कि शौचालयों के अंदर फैली गंदगी के कारण लोग इनका प्रयोग करना दूर उनके पास भी जाने से कतराते हैं। शौचालयों की बदहाल स्थिति स्वच्छता अभियान को ठेंगा दिखा रही है। पानी की व्यवस्था और नियमित सफाई के बिना शौचालयों में गंदगी का आलम बना हुआ है। सरकार द्वारा शौचालयों पर किए गए लाखों खर्च बर्बाद हो गए हैं। लोगों ने नगरपालिका अधिकारियों से मांग की है कि शौचालयों की मरम्मत कर नियमित सफाई करवाई जाए।
टूटे पड़े दरवाजे, नल और टोंटी भी नहीं
शहर में बने सार्वजनिक शौचालयों की देखभाल की जिम्मेदारी नगर पालिका की है। इन शौचालय की हालत दयनीय है। कई शौचालयों के दरवाजे टूटे पड़े हैं और इनकी टोटिंयां भी गायब हैं। किसी में भी पानी की व्यवस्था नहीं है तो किसी की टायलेट सीट और टाइल टूटी पड़ी है। खुले में शौच मुक्त करने के लिए शहर में सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण करवाया गया था तो कई स्थानों पर मोबाइल शौचालय रखवाए गए थे लेकिन सफाई के अभाव में इन शौचालय की हालत काफी खराब हो गई है। इसके कारण लोग इनका उपयोग न कर खुले में शौच कर रहे हैं। शहर में खरीददारी करने आने वाली महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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यात्री श्यामलाल का कहना है कि शौचालय आमजन की सुविधा के लिए बनाए गए थे। कई जगह तो दुकानदारों को मजबूरीवश इन शौचालयों का प्रयोग करना पड़ता है। इसके कारण हर समय आसपास दुर्गंध का वातावरण रहता है। यदि नगरपालिका द्वारा इन शौचालयों की नियमित सफाई करवाई जाए तो इन शौचालयों का सही प्रयोग किया जा सकता है। हालांकि बिना रख-रखाव के इन शौचालयों की हालत भी खस्ता हो गई है, जिससे यह प्रयोग करने की हालत में भी नहीं है।
शौचालय की मरम्मत के लिए एस्टिमेट बनाया जाएगा। जल्द ही इनकी मरम्मत करवाकर नियमित रूप से सफाई व देखभाल की जाएगी।
-- विक्रम, सचिव, नगरपालिका उचाना
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वहीं शहर के विभिन्न स्थानों पर बनाए गए सार्वजनिक शौचालय देखरेख के अभाव में बदहाल स्थिति में है। नगर पालिका अधिकारियों का सार्वजनिक शौचालयों की तरफ कोई ध्यान नहीं है। हरिओम उचाना खुर्द, सत्यवान उचाना कलां, वीरेंद्र उदयपुर, जयवीर डोहानाखेड़ा और अनीता देवी ने बताया कि शौचालयों के अंदर फैली गंदगी के कारण लोग इनका प्रयोग करना दूर उनके पास भी जाने से कतराते हैं। शौचालयों की बदहाल स्थिति स्वच्छता अभियान को ठेंगा दिखा रही है। पानी की व्यवस्था और नियमित सफाई के बिना शौचालयों में गंदगी का आलम बना हुआ है। सरकार द्वारा शौचालयों पर किए गए लाखों खर्च बर्बाद हो गए हैं। लोगों ने नगरपालिका अधिकारियों से मांग की है कि शौचालयों की मरम्मत कर नियमित सफाई करवाई जाए।
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टूटे पड़े दरवाजे, नल और टोंटी भी नहीं
शहर में बने सार्वजनिक शौचालयों की देखभाल की जिम्मेदारी नगर पालिका की है। इन शौचालय की हालत दयनीय है। कई शौचालयों के दरवाजे टूटे पड़े हैं और इनकी टोटिंयां भी गायब हैं। किसी में भी पानी की व्यवस्था नहीं है तो किसी की टायलेट सीट और टाइल टूटी पड़ी है। खुले में शौच मुक्त करने के लिए शहर में सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण करवाया गया था तो कई स्थानों पर मोबाइल शौचालय रखवाए गए थे लेकिन सफाई के अभाव में इन शौचालय की हालत काफी खराब हो गई है। इसके कारण लोग इनका उपयोग न कर खुले में शौच कर रहे हैं। शहर में खरीददारी करने आने वाली महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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यात्री श्यामलाल का कहना है कि शौचालय आमजन की सुविधा के लिए बनाए गए थे। कई जगह तो दुकानदारों को मजबूरीवश इन शौचालयों का प्रयोग करना पड़ता है। इसके कारण हर समय आसपास दुर्गंध का वातावरण रहता है। यदि नगरपालिका द्वारा इन शौचालयों की नियमित सफाई करवाई जाए तो इन शौचालयों का सही प्रयोग किया जा सकता है। हालांकि बिना रख-रखाव के इन शौचालयों की हालत भी खस्ता हो गई है, जिससे यह प्रयोग करने की हालत में भी नहीं है।
शौचालय की मरम्मत के लिए एस्टिमेट बनाया जाएगा। जल्द ही इनकी मरम्मत करवाकर नियमित रूप से सफाई व देखभाल की जाएगी।

05जेएनडी19-शौचालय के हालातों की जानकारी देते शहरवासी। संवाद

05जेएनडी19-शौचालय के हालातों की जानकारी देते शहरवासी। संवाद