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Jind News: ब्राह्मण महासभा ने सरकार से मांगा कल्याण आयोग, ईडब्ल्यूएस कोटा बढ़ाने की मांग उठाई
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30जेएनडी11: ब्राह्मण धर्मशाला में आयोजित बैठक में शामिल हुए समाज के लोग। स्रोत: समाज
जींद। ब्राह्मण महासभा हरियाणा की ओर से रविवार को जिला स्तर की बैठक ब्राह्मण धर्मशाला, सफीदों रोड में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पं. सियाराम शास्त्री ने की, जबकि मंच संचालन पं. जयनारायण शास्त्री ने किया। मुख्य अतिथि ब्राह्मण महासभा हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष पं. जिले सिंह पिचौलिया रहे। बैठक में जिलेभर से बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग शामिल हुए।
पं. जिले सिंह पिचौलिया ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 14 दिसंबर 2024 को ब्राह्मण कल्याण आयोग के गठन और भगवान परशुराम के प्रकटोत्सव दिवस को सरकारी स्तर पर मनाने की घोषणा की थी लेकिन अभी तक इन घोषणाओं को लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे समाज में रोष है। मांगों को लेकर जल्द ही 151 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा।
उन्होंने बताया कि ब्राह्मण महासभा की ओर से नवंबर 2026 में विशाल ब्राह्मण महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें हरियाणा सहित देशभर से बड़ी संख्या में समाज के लोग भाग लेंगे।
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संगठन को मजबूत करने के लिए राज्य स्तर पर 151, मंडल स्तर पर 51, जिला स्तर पर 31, ब्लॉक स्तर पर 21 और गांव और वार्ड स्तर पर 11-11 सदस्यों की समितियां गठित कर करीब 60 हजार सदस्यों का संगठन खड़ा करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त आईएएस, आईपीएस, एचसीएस अधिकारियों, समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों, संतों और उच्च अधिकारियों को शामिल कर 21 सदस्यीय मार्गदर्शक मंडल बनाया जाएगा।
बैठक में महासभा के सात एजेंडों को रखा गया, जिन्हें उपस्थित सदस्यों ने हाथ उठाकर अनुमोदन किया। इस अवसर पर पं. तेलूराम, राजेश गौतम, रामफूल, रामभगत शास्त्री, राजिंदर शर्मा, सुरेश गौतम, डॉ. वेद प्रकाश, लेखराज गौतम, महाबीर, कश्मीरी लाल, भैया राम मौजूद रहे।
यह मांगें रखीं
बैठक में भगवान परशुराम के प्रकटोत्सव को सरकारी स्तर पर मनाने और ब्राह्मण कल्याण आयोग के गठन की घोषणा लागू करवाने, आरक्षण व्यवस्था में बदलाव, समान कानून लागू करने, मंदिरों के सरकारी अधिग्रहण को समाप्त करने, हिंदू मैरिज एक्ट में संशोधन, दयोली की जमीन से संबंधित कानून को सरल बनाने की मांग उठाई। ईबीपीजी कोटा बहाल करने और ईडब्ल्यूएस कोटा 10 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने सहित विभिन्न मांगें उठाई गईं। वक्ताओं ने यूजीसी, एससी और एसटी से संबंधित कानूनों में बदलाव की मांग भी रखी।
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पं. जिले सिंह पिचौलिया ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 14 दिसंबर 2024 को ब्राह्मण कल्याण आयोग के गठन और भगवान परशुराम के प्रकटोत्सव दिवस को सरकारी स्तर पर मनाने की घोषणा की थी लेकिन अभी तक इन घोषणाओं को लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे समाज में रोष है। मांगों को लेकर जल्द ही 151 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा।
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उन्होंने बताया कि ब्राह्मण महासभा की ओर से नवंबर 2026 में विशाल ब्राह्मण महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें हरियाणा सहित देशभर से बड़ी संख्या में समाज के लोग भाग लेंगे।
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संगठन को मजबूत करने के लिए राज्य स्तर पर 151, मंडल स्तर पर 51, जिला स्तर पर 31, ब्लॉक स्तर पर 21 और गांव और वार्ड स्तर पर 11-11 सदस्यों की समितियां गठित कर करीब 60 हजार सदस्यों का संगठन खड़ा करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त आईएएस, आईपीएस, एचसीएस अधिकारियों, समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों, संतों और उच्च अधिकारियों को शामिल कर 21 सदस्यीय मार्गदर्शक मंडल बनाया जाएगा।
बैठक में महासभा के सात एजेंडों को रखा गया, जिन्हें उपस्थित सदस्यों ने हाथ उठाकर अनुमोदन किया। इस अवसर पर पं. तेलूराम, राजेश गौतम, रामफूल, रामभगत शास्त्री, राजिंदर शर्मा, सुरेश गौतम, डॉ. वेद प्रकाश, लेखराज गौतम, महाबीर, कश्मीरी लाल, भैया राम मौजूद रहे।
यह मांगें रखीं
बैठक में भगवान परशुराम के प्रकटोत्सव को सरकारी स्तर पर मनाने और ब्राह्मण कल्याण आयोग के गठन की घोषणा लागू करवाने, आरक्षण व्यवस्था में बदलाव, समान कानून लागू करने, मंदिरों के सरकारी अधिग्रहण को समाप्त करने, हिंदू मैरिज एक्ट में संशोधन, दयोली की जमीन से संबंधित कानून को सरल बनाने की मांग उठाई। ईबीपीजी कोटा बहाल करने और ईडब्ल्यूएस कोटा 10 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने सहित विभिन्न मांगें उठाई गईं। वक्ताओं ने यूजीसी, एससी और एसटी से संबंधित कानूनों में बदलाव की मांग भी रखी।