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Jind News: बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान कर रक्त पट्टिकाएं तैयार की
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11जेएनडी08: स्वास्थ्यकर्मी ग्रामीणों को मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए पोस्टर देकर जागरूक
जींद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरकरामजी के अंतर्गत गांव बराह कलां में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रैपिड फीवर मास सर्वे अभियान चलाया। स्वास्थ्य सुपरवाइजर विजेंद्र सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की और मौसमी एवं मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक किया।
अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मी सोनू, संत कुमार, जितेंद्र सैनी, अमित, संदीप, संजय, कविता और जिंकी ने गांव के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया। टीम ने बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान कर उनके रक्त पट्टिकाएं तैयार कीं, ताकि मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सके।
स्वास्थ्य सुपरवाइजर विजेंद्र सिंह ने बताया कि नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों को मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण, कारण और बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि बुखार आने पर लापरवाही न बरतें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं। समय पर जांच और उपचार से गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।
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स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि मलेरिया में ठंड लगने के साथ तेज बुखार आना, बार-बार बुखार चढ़ना-उतरना, पसीना आना, शरीर में थकावट, सिरदर्द और उल्टी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। उन्होंने लोगों को पूरी बाजू के कपड़े पहनने, मच्छरदानी का उपयोग करने तथा मच्छरों से बचाव के लिए नीम के पत्तों का धुआं करने की सलाह दी।
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अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मी सोनू, संत कुमार, जितेंद्र सैनी, अमित, संदीप, संजय, कविता और जिंकी ने गांव के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया। टीम ने बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान कर उनके रक्त पट्टिकाएं तैयार कीं, ताकि मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सके।
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स्वास्थ्य सुपरवाइजर विजेंद्र सिंह ने बताया कि नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों को मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण, कारण और बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि बुखार आने पर लापरवाही न बरतें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं। समय पर जांच और उपचार से गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।
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स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि मलेरिया में ठंड लगने के साथ तेज बुखार आना, बार-बार बुखार चढ़ना-उतरना, पसीना आना, शरीर में थकावट, सिरदर्द और उल्टी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। उन्होंने लोगों को पूरी बाजू के कपड़े पहनने, मच्छरदानी का उपयोग करने तथा मच्छरों से बचाव के लिए नीम के पत्तों का धुआं करने की सलाह दी।