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तीन वर्ष बाद भी नागरिक अस्पताल में शुरू नहीं हो पाई ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट

Tue, 19 Jul 2022 12:09 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jul 2022 12:09 AM IST
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Blood Component Separation Unit could not start in civil hospital even after three years
नागरिक अस्पताल में स्थित ब्लड बैंक का फाइल फोटो। - फोटो : Jind
जींद। नागरिक अस्पताल में तीन वर्ष बाद ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट शुरू नहीं हो पाई है। तीन वर्ष पहले इस यूनिट के कुछ भाग नागरिक अस्पताल में आए थे लेकिन वह स्वास्थ्य निदेशालय ने अंबाला भेज दिए। इसके बाद यूनिट के कुछ अन्य भाग आ लेकिन अभी तक सभी पार्ट्स नहीं मिलने के कारण जिले के लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। मरीजों को प्लाज्मा, आरबीसी व प्लेटलेट्स चढ़ाने के लिए अन्य जिलों का रुख करना पड़ता है। थैलेसीमिया, स्वाइन फ्लू व डेंगू के मरीजों के लिए यह यूनिट बहुत जरूरी है।
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नागरिक अस्पताल में मरीजों को प्लाज्मा, आरबीसी, प्लेटलेट्स की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए तीन वर्ष पहले कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट लगनी थी। इस मशीन के कुछ पार्ट्स नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक में आ भी गए थे लेकिन अन्य भाग नहीं आए। इसके बाद स्वास्थ्य निदेशालय के आदेश पर इन पार्ट्सों को अंबाला के नागरिक अस्पताल में भेज दिया। लगभग छह महीने पहले इस मशीन के कुछ पार्ट्स नागरिक अस्पताल में पहुंचे थे। इस मशीन के कुछ पार्ट्स और आने थे लेकिन वह नहीं आ पाए। इस कारण यह मशीन शुरू नहीं हो रही है। मशीन शुरू नहीं होने के कारण काफी लोग निजी अस्पतालों में महंगे दामों पर इलाज करवाने को मजबूर हैं।
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एक ब्लड यूनिट से चल सकता है तीन मरीजों का काम
जिन मरीजों का सड़क दुर्घटना या ऑपरेशन के समय ब्लड अधिक निकल जाता है, उन मरीजों को होल (पूरे) ब्लड चढ़ाया जाता है लेकिन अन्य मरीजों में बीमारी के कारण प्लाज्मा, आरबीसी प प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं, इसलिए इन मरीजों को ब्लड के यही पाटर्स चढ़ाए जाते हैं। थैलेसीमिया मरीज को आरबीसी, स्वाइन फ्लू, डेंगू व मलेरिया जैसी बीमारियों में प्लेटलेट्स तथा क्रियोनिक बीमारियों में मरीज को प्लाज्मा की जरूरत होती है। ऐसे में इन मरीजों को होल ब्लड चढ़ाया जाए तो उससे मरीज के शरीर में ब्लड की मात्रा बढ़ जाती है और उसे हृदयघात का खतरा हो जाता है। इसके अलावा बच्चों को भी होल ब्लड दिया ही नहीं जा सकता। बच्चें में जिस कंपोनेंट की कमी होती है, वही दिया जाता है। ऐसे में एक ब्लड यूनिट तीन मरीजों के काम आ सकती है।
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ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट के कुछ पार्ट्स काफी समय पहले आए थे, जो नागरिक अस्पताल अंबाला में शिफ्ट कर दिए गए। इस समय इस यूनिट के कुछ पार्ट्स नहीं मिले हैं। यह पार्ट्स मिलते ही यूनिट को शुरू कर दिया जाएगा।
-डॉ. अजय चालिया, प्रभारी ब्लड बैंक।
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