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भाजपा ने तीन पुराने चेहरों पर जताया विश्वास, दो उम्मीदवार बदले

Mon, 30 Sep 2019 11:57 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 30 Sep 2019 11:57 PM IST
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bjp espresses confidence on 3 old faces, e candidates  chenged
विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने सोमवार शाम को जींद जिले के पांचों विधानसभा क्षेत्रों में अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने तीन पुराने चेहरों पर विश्वास जताते हुए दो उम्मीदवारों को बदल दिया है। जुलाना से परमेंद्र ढुल और सफीदों से कुछ दिन पहले शामिल हुए बचन सिंह आर्य को टिकट दिया है। टिकट की घोषणा होते ही उम्मीदवारों के घर समर्थकों का तांता लग गया तो जिनको टिकट नहीं मिला उनके चेहरे पर मायूसी छा गई। गौरतलब है कि कई नेता टिकट के लिए दावेदारी कर रहे थे।
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पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने नरवाना विधानसभा सीट पर संतोष दनौदा को मैदान में उतारा था, लेकिन वे इनेलो के पिरथी नंबरदार से हार गई थीं। वहीं जींद विधानसभा सीट पर पूर्व मंत्री सुरेंद्र बरवाला को उम्मीदवार बनाया था, वे भी इनेलो के डॉ. हरिचंद मिड्ढा से हार गए थे। आठ माह पहले हुए उपचुनाव में डॉ. हरिचंद मिड्ढा के बेटे डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने जींद विधानसभा सीट पर कमल खिला दिया था। जुलाना में पिछले चुनाव में भाजपा को हराने वाले परमेंद्र ढुल को ही इस बार उम्मीदवार बनाया गया है। उचाना कलां में पिछली बार विजयी रही राज्यसभा सांसद बीरेंद्र सिंह की पत्नी व हिसार से सांसद बृजेंद्र सिंह की मां प्रेम लता को दोबारा से उम्मीदवार बनाया गया है। सफीदों में कुछ दिन पहले ही भाजपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री बचन सिंह आर्य को टिकट दिया है।
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नरवाना से 15 नेताओं ने किया था आवेदन
नरवाना विधानसभा से इस बार भाजपा का टिकट पाने के लिए 15 नेताओं ने आवेदन किया था, लेकिन भाजपा हाईकमान ने संतोष दनौदा को टिकट दिया। संतोष दनौदा पिछले चुनाव में भी भाजपा की उम्मीदवार थीं। वे इनेलो के पिरथी सिंह नंबरदार से 9152 वोटों से हार गई थीं। संतोष जहां नरवाना में पैदा हुईं, वहीं उसकी शादी हलके के गांव दनौदा में हुई है। संतोष दनौदा का जन्म दो सितंबर 1977 में नरवाना के रामदासिया मोहल्ला चोपड़ा पत्ती वार्ड नंबर 19 में एक साधारण परिवार में हुआ। इनकी माता का नाम बिमला देवी है जो गृहणी हैं। इनके पिता पूर्व पार्षद बीरबल दास 40 वर्ष से नरवाना में बिजली मिस्त्री का काम करते हैं।
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इनेलो से दो बार विधायक रहे परमेंद्र ढुल भाजपा के उम्मीदवार
जुलाना विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने दो बार इनेलो से विधायक चुने गए परमेंद्र सिंह ढुल पर विश्वास जताया है। परमेंद्र सिंह ढुल 2009 व 2014 में इनेलो के टिकट पर दो बार विधायक बने। इससे पहले उन्होंने 2005 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जुलाना से ही चुनाव लड़ा था, लेकिन वह हार गए थे। परमेंद्र सिंह ढुल पूर्व मंत्री दल सिंह के पुत्र हैं। लगभग दो महीने पहले परमेंद्र सिंह ढुल ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और इसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गए थे।
सफीदों से पूर्वमंत्री बच्चन सिंह आर्य को मिला टिकट
सफीदों विधानसभा क्षेत्र से पूर्व मंत्री बच्चन सिंह आर्य पर भाजपा ने अपना दांव खेला है। टिकट मिलने के उनके निवास पर जश्न का माहौल रहा। टिकट मिलने पर पूर्व मंत्री बच्चन सिंह आर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला व सांसद रमेश कौशिक का धन्यवाद किया है।
बच्चन सिंह आर्य पिछले 28 वर्षों से सफीदों विधानसभा क्षेत्र की सक्रिय राजनीति में हैं। उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी सन 1991 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ कर शुरू की थी। 1991 में वह विधायक बनने के साथ-साथ हरियाणा सरकार में मंत्री भी रहे। उसके उपरांत वर्ष 2004 में उन्होंने निर्दलीय तौर पर चुनाव लड़ा और 43,721 वोटों से भारी जीत दर्ज करके विरोधियों को चित्त कर दिया। हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनावों में वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए।
मिड्ढा ने जीती पहली जंग
आठ माह पहले जींद विधानसभा उपचुनाव में भाजपा के लिए कमल खिलाने वाले डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने टिकट प्राप्त कर पहली जंग जीत ली है। हालांकि मौजूदा विधायक होते हुए, उनका टिकट पक्का माना जा रहा था, लेकन पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले कुछ नेता इसका विरोध कर रहे थे। इसके बावजूद पार्टी ने मिड्ढा पर विश्वास जताया है। मिड्ढा के पिता डॉ. हरिचंद मिड्ढा जींद से इनेलो के टिकट पर दो बार विधायक बने थे। पिछले साल उनके निधन के चलते ही यह सीट खाली होने पर उपचुनाव हुआ था।

उचाना से दोबारा फिर बनी प्रेमलता भाजपा की उम्मीदवार
उचाना कलां से भाजपा विधायक प्रेमलता को दोबारा भाजपा का टिकट मिल गया है। हालांकि पार्टी में परिवारवाद पर काफी चर्चा चल रही थी, लेकिन इसके बावजूद प्रेमलता टिकट लेने में सफल रहीं। गौरतलब है कि उनके पति बीरेंद्र सिंह राज्यसभा सांसद हैं और बेटे बृजेंद्र सिंह हिसार लोकसभा से सांसद हैं। प्रेमलता ने बीते विस चुनाव में इनेलो उम्मीदवार दुष्यंत चौटाला को हराकर पहली बार जिले में भाजपा का कमल खिलाया था। 69 साल की प्रेमलता ने स्नातक व बीएड की पढ़ाई की है।
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