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नरवाना में समान विकास रैली में राज्यसभा सांसद बीरेंद्र सिंह बोले
जींद, अमरउजाला/ब्यूरो
Updated Mon, 30 Jun 2014 12:18 AM IST
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राज्यसभा सांसद चौधरी बीरेंद्र सिंह ने समान विकास रैली में कहा कि नौकरियों में जमकर भेदभाव किया गया है। अन्य जिलों के युवा छोटी नौकरियों के लिए भी तरह गए हैं।
उन्होंने कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब 48 वर्षों से हो रहे भेदभाव का हिसाब लिया जाएगा। सरकार में आने के बाद गरीब लोगों की सुनवाई होगी। उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि काफी लोग यह सुनने आए हैं कि आज बीरेंद्र सिंह क्या फैसला लेते हैं? लेकिन निराश होने की आवश्यकता नहीं जो भी फैसला लिया जाएगा कार्यकर्ताओं की इच्छा के अनुसार लिया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं के सामने ठेठ हरियाणवी में कहा कि वह सब समझते है कि आप के चाहो हो। जो भी भविष्य का फैसला होगा आपकी इच्छा के अनुसार होगा।
इस अवसर पर उनकी पत्नी प्रेमलता, सुरेंद्रपाल एडवोकेट, हरेंद्र सिंह श्योकंद, राममेहर दनौदा, संतोष दनौदा, रामफल लोट, गुरनाम सिंह नैन, संजीव ढाकल, विनोद सिंगला, अनिल मलिक, धर्मबीर नैन और वीरेंद्र बूरा मौजूद रहे।
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कांग्रेस ने की जनता से वादाखिलाफी
बीरेंद्र सिंह ने कांग्रेस सरकार पर चुनाव घोषणा पत्र में किए वायदे पूरा नहीं करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि 2005 के चुनाव में कांग्रेस ने प्रदेश के सिखों से अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने का वायदा किया लेकिन अब तक उसको पूरा नहीं किया। उन्होंने बताया कि हरियाणा के गुरुद्वारों से 200 करोड़ रुपये प्रति वर्ष पंजाब को जाते हैं जिसमें से एक भी रुपया हरियाणा के गुुरुद्वारों में विकास पर खर्च नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि हरियाणा को बने पचास वर्ष होने को हैं लेकिन आज तक प्रदेश की अपनी राजधानी और हाईकोर्ट नहीं हैं।
राजनीतिक की भेंट चढ़ गई जमीन
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने सदैव सिद्धांत और आदर्श की राजनीति की है। उन्होंने कभी राजनीति से कुछ कमाने का प्रयास नहीं किया इसके विपरीत उनकी 15 एकड़ भूमि राजनीति की भेंट चढ़ गई। उन्होंने बताया कि उनके पास 72 एकड़ जमीन थी जो घटकर 57 एकड़ हो गई। उन्होंने साफ कहा कि जमीन दारू के चक्कर में नहीं गई। कभी जात पात की राजनीति करने में विश्वास नहीं किया। वे सदैव 36 बिरादरी के लोगों को साथ लेकर चलते हैं।
चौटाला और इनेलो भी खाली किया तरकश
बीरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री के अलावा इनेलो नेता ओमप्रकाश चौटाला की भी जमकर खिंचाई की। उन्होंने कहा कि चौटाला नरवाना से विधायक बनकर साढ़े पांच वर्ष मुख्यमंत्री रहे लेकिन कोई ऐसा काम नहीं किया जिससे इस इलाके के युवाओं को रोजगार मिल सके। आज इनेलो अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने की वकालत करती है, लेकिन विधानसभा में एक बार भी इसके लिए आवाज नहीं उठाई क्योंकि डर लगता है कहीं बादल को बुरा न लग जाए। चौटाला ने अपने कार्यकाल में चौधरी देवीलाल के नाम पर सिरसा में और चौधरी छोटूराम के नाम पर जींद में विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा की थी लेकिन सिरसा में बन गई जींद में कोई काम नहीं किया।
उन्होंने कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब 48 वर्षों से हो रहे भेदभाव का हिसाब लिया जाएगा। सरकार में आने के बाद गरीब लोगों की सुनवाई होगी। उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि काफी लोग यह सुनने आए हैं कि आज बीरेंद्र सिंह क्या फैसला लेते हैं? लेकिन निराश होने की आवश्यकता नहीं जो भी फैसला लिया जाएगा कार्यकर्ताओं की इच्छा के अनुसार लिया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं के सामने ठेठ हरियाणवी में कहा कि वह सब समझते है कि आप के चाहो हो। जो भी भविष्य का फैसला होगा आपकी इच्छा के अनुसार होगा।
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इस अवसर पर उनकी पत्नी प्रेमलता, सुरेंद्रपाल एडवोकेट, हरेंद्र सिंह श्योकंद, राममेहर दनौदा, संतोष दनौदा, रामफल लोट, गुरनाम सिंह नैन, संजीव ढाकल, विनोद सिंगला, अनिल मलिक, धर्मबीर नैन और वीरेंद्र बूरा मौजूद रहे।
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कांग्रेस ने की जनता से वादाखिलाफी
बीरेंद्र सिंह ने कांग्रेस सरकार पर चुनाव घोषणा पत्र में किए वायदे पूरा नहीं करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि 2005 के चुनाव में कांग्रेस ने प्रदेश के सिखों से अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने का वायदा किया लेकिन अब तक उसको पूरा नहीं किया। उन्होंने बताया कि हरियाणा के गुरुद्वारों से 200 करोड़ रुपये प्रति वर्ष पंजाब को जाते हैं जिसमें से एक भी रुपया हरियाणा के गुुरुद्वारों में विकास पर खर्च नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि हरियाणा को बने पचास वर्ष होने को हैं लेकिन आज तक प्रदेश की अपनी राजधानी और हाईकोर्ट नहीं हैं।
राजनीतिक की भेंट चढ़ गई जमीन
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने सदैव सिद्धांत और आदर्श की राजनीति की है। उन्होंने कभी राजनीति से कुछ कमाने का प्रयास नहीं किया इसके विपरीत उनकी 15 एकड़ भूमि राजनीति की भेंट चढ़ गई। उन्होंने बताया कि उनके पास 72 एकड़ जमीन थी जो घटकर 57 एकड़ हो गई। उन्होंने साफ कहा कि जमीन दारू के चक्कर में नहीं गई। कभी जात पात की राजनीति करने में विश्वास नहीं किया। वे सदैव 36 बिरादरी के लोगों को साथ लेकर चलते हैं।
चौटाला और इनेलो भी खाली किया तरकश
बीरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री के अलावा इनेलो नेता ओमप्रकाश चौटाला की भी जमकर खिंचाई की। उन्होंने कहा कि चौटाला नरवाना से विधायक बनकर साढ़े पांच वर्ष मुख्यमंत्री रहे लेकिन कोई ऐसा काम नहीं किया जिससे इस इलाके के युवाओं को रोजगार मिल सके। आज इनेलो अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने की वकालत करती है, लेकिन विधानसभा में एक बार भी इसके लिए आवाज नहीं उठाई क्योंकि डर लगता है कहीं बादल को बुरा न लग जाए। चौटाला ने अपने कार्यकाल में चौधरी देवीलाल के नाम पर सिरसा में और चौधरी छोटूराम के नाम पर जींद में विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा की थी लेकिन सिरसा में बन गई जींद में कोई काम नहीं किया।