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Jind News: सीएम से मिलने की चेतावनी पर बैंक मैनेजर ने सौंपे पॉलिसी के कागज
Thu, 19 Feb 2026 12:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 19 Feb 2026 12:16 AM IST
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18जेएनडी12-पुरानी अनाज मंडी में धरना दे रहे किसानों को समझाने पहुंची पुलिस। स्रोत किसान
जींद। भारतीय किसान यूनियन का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को पुरानी अनाज मंडी में दूसरे दिन जारी रहा। इसकी अध्यक्षता भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष बिंद्र नंबरदार ने की।
जिला प्रेस प्रवक्ता रामराजी ढुल ने कहा कि बैंक मैनेजर को उचाना में आयोजित रैली में किसानों ने मांगों को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलने की चेतावनी दी। इसके बाद बैंक मैनेजर ने किसानों की मांग को माना और लिखित में बैंक मैनेजर ने किसानों को कागज दिए। इसके बाद भाकियू ने भी धरने को समाप्त करने का फैसला लिया।
बारूराम रूपगढ़, जयबीर राजपुरा भैण, हिसार के जिला अध्यक्ष सतेंद्र कोथ, अजमेर रामराय, सूरजमल उपप्रधान, रमेश डूमरखा और प्रदीप बीबीपुर ने कहा कि बैंक ने किसानों के खाते से बीमा प्रीमियम राशि काट ली थी लेकिन जब बारिश के चलते फसल खराब हुई तो बैंक ने पालिसी नंबर नहीं दिया। इसके चलते उन्हें फसल खराबा नहीं मिल पाया था।
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24 जुलाई 2025 को उनका बीमा प्रीमियम कटा था। इसके बाद 26 अगस्त के आसपास बारिश से उनकी कपास की फसल खराब हो गई तो उन्होंने बीमा कंपनी के दिए टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करवाई जिस पर उनसे पालिसी नंबर मांगा गया। जब वह पालिसी नंबर लेने के लिए बैंक में आए तो उन्हें टाल मटोल करते हुए कुछ दिन का समय दिया। इसके बाद दिसंबर तक उन्हें चक्कर लगवाए गए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं करवाया। इसके विरोध में 17 फरवरी से पुरानी अनाज मंडी में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया था। दूसरे दिन भी बारिश के बीच किसान धरने पर डटे रहे।
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जिला प्रेस प्रवक्ता रामराजी ढुल ने कहा कि बैंक मैनेजर को उचाना में आयोजित रैली में किसानों ने मांगों को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलने की चेतावनी दी। इसके बाद बैंक मैनेजर ने किसानों की मांग को माना और लिखित में बैंक मैनेजर ने किसानों को कागज दिए। इसके बाद भाकियू ने भी धरने को समाप्त करने का फैसला लिया।
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बारूराम रूपगढ़, जयबीर राजपुरा भैण, हिसार के जिला अध्यक्ष सतेंद्र कोथ, अजमेर रामराय, सूरजमल उपप्रधान, रमेश डूमरखा और प्रदीप बीबीपुर ने कहा कि बैंक ने किसानों के खाते से बीमा प्रीमियम राशि काट ली थी लेकिन जब बारिश के चलते फसल खराब हुई तो बैंक ने पालिसी नंबर नहीं दिया। इसके चलते उन्हें फसल खराबा नहीं मिल पाया था।
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24 जुलाई 2025 को उनका बीमा प्रीमियम कटा था। इसके बाद 26 अगस्त के आसपास बारिश से उनकी कपास की फसल खराब हो गई तो उन्होंने बीमा कंपनी के दिए टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करवाई जिस पर उनसे पालिसी नंबर मांगा गया। जब वह पालिसी नंबर लेने के लिए बैंक में आए तो उन्हें टाल मटोल करते हुए कुछ दिन का समय दिया। इसके बाद दिसंबर तक उन्हें चक्कर लगवाए गए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं करवाया। इसके विरोध में 17 फरवरी से पुरानी अनाज मंडी में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया था। दूसरे दिन भी बारिश के बीच किसान धरने पर डटे रहे।