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Jind News: नागरिक अस्पताल में 4 दिन से एंटी रेबीज वैक्सीन खत्म
Tue, 17 Jun 2025 01:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 17 Jun 2025 01:40 AM IST
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16जेएनडी06: नागरिक अस्पताल में खाली पड़ा टीकाकरण कक्ष। संवाद
जींद। नागरिक अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन का स्टॉक खत्म हो गया है। इसके कारण जिन लोगों को कुत्ते, बंदर या किसी अन्य जानवर ने काटा है, उनको वैक्सीन लगवाने के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। यह वैक्सीन पिछले 4 दिन से अस्पताल में खत्म है। इसके कारण यहां पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 50 से ज्यादा लोग वैक्सीन लगवाने के लिए आते हैं, लेकिन अब उनको बाजार से 450 रुपये की खरीदकर यह वैक्सीन लगवानी पड़ रही है। इससे पहले भी कई बार वैक्सीन खत्म होने की स्थिति नागरिक अस्पताल में आ चुकी है। फिलहाल अस्पताल प्रशासन ने स्वास्थ्य निदेशालय को वैक्सीन की डिमांड भेजी है, जल्द ही वैक्सीन मिलने की उम्मीद है।
एंटी रेबीज वैक्सीन बंदर, कुत्ता या फिर कोई जानवर काट ले तो उसके 48 घंटे तक लगवानी जरूरी होती है। खासकर कुत्तों में रैबीज के कारण ज्यादा परेशानी होती है। कोई पागल कुत्ता यदि व्यक्ति को काट ले और उसे समय पर वैक्सीन नहीं लगे तो व्यक्ति पागल भी हो सकता है।
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रैबीज एक घातक बीमारी है जो एक वायरस के कारण होती है। यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी) पर हमला करती है। संक्रमित स्तनधारी रेबीज वायरस को मनुष्यों और अन्य स्तनधारियों तक पहुंचा सकते हैं। इस बीमारी का कोई इलाज भी नहीं है। शहर में इस समय बंदरों व कुत्तों की संख्या इतनी अधिक बढ़ गई है लोग परेशान हैं।
-- औसतन 50 लोग आते हैं इंजेक्शन लगवाने
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 50 मरीज कुत्ते, बंदर काटे के इंजेक्शन लगवाने के लिए आते हैं। प्रतिमाह की बात की जाए तो इसकी संख्या 1500 से पार चली जाती है। इनमें प्रतिदिन 20 से 22 इंजेक्शन बीपीएल और आयुष्मान कार्ड धारक लगवाते हैं। इसके अलावा जिन लोगों के बीपीएल या आयुष्मान कार्ड नहीं बने हैं, उन्हें 100 रुपये की स्लिप कटवानी होती है। उस स्लिप को दिखा कर नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग में इंजेक्शन लगवाया जाता है। अगर निजी तौर पर एआरवी लगवाई जाती है तो एक इंजेक्शन की कीमत ही 450 रुपये तक आती है। सोमवार को काफी लोगों ने बाजार से खरीदकर अस्पताल में वैक्सीन लगवाई। इसलिए आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए यह बड़ा बोझ बन सकता है।
मनुष्य में रेबीज के लक्षण
रैबीज होने पर बेचैनी होना, खाना-पानी निगलने में दिक्कत, सांस लेनें में तकलीफ होती है।
यह है उपचार
कुत्ते, बंदर के काटने पर तुरंत चिकित्सक से उपचार करवा एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाएं। काटे हुए स्थान को कम से कम 10 से 15 मिनट तक साबुन से साफ करें। जितना जल्दी हो सके वैक्सीन या एआरवी के टीके लगवाएं। पालतू कुत्तों को इंजेक्शन लगवाएं। कुत्ते या बंदर के काटने पर इलाज में लापरवाही न बरतें।
एआरवी वैक्सीन को लेकर डिमांड भेजी जा चुकी है। उम्मीद है कि मंगलवार तक वैक्सीन नागरिक अस्पताल में उपलब्ध हो जाएगी। अस्पताल में सोमवार को ही एंटी रैबीज वैक्सीन खत्म हुई है। आमजन को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
-डॉ. राजेश भोला डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल जींद
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नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 50 से ज्यादा लोग वैक्सीन लगवाने के लिए आते हैं, लेकिन अब उनको बाजार से 450 रुपये की खरीदकर यह वैक्सीन लगवानी पड़ रही है। इससे पहले भी कई बार वैक्सीन खत्म होने की स्थिति नागरिक अस्पताल में आ चुकी है। फिलहाल अस्पताल प्रशासन ने स्वास्थ्य निदेशालय को वैक्सीन की डिमांड भेजी है, जल्द ही वैक्सीन मिलने की उम्मीद है।
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एंटी रेबीज वैक्सीन बंदर, कुत्ता या फिर कोई जानवर काट ले तो उसके 48 घंटे तक लगवानी जरूरी होती है। खासकर कुत्तों में रैबीज के कारण ज्यादा परेशानी होती है। कोई पागल कुत्ता यदि व्यक्ति को काट ले और उसे समय पर वैक्सीन नहीं लगे तो व्यक्ति पागल भी हो सकता है।
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रैबीज एक घातक बीमारी है जो एक वायरस के कारण होती है। यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी) पर हमला करती है। संक्रमित स्तनधारी रेबीज वायरस को मनुष्यों और अन्य स्तनधारियों तक पहुंचा सकते हैं। इस बीमारी का कोई इलाज भी नहीं है। शहर में इस समय बंदरों व कुत्तों की संख्या इतनी अधिक बढ़ गई है लोग परेशान हैं।
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 50 मरीज कुत्ते, बंदर काटे के इंजेक्शन लगवाने के लिए आते हैं। प्रतिमाह की बात की जाए तो इसकी संख्या 1500 से पार चली जाती है। इनमें प्रतिदिन 20 से 22 इंजेक्शन बीपीएल और आयुष्मान कार्ड धारक लगवाते हैं। इसके अलावा जिन लोगों के बीपीएल या आयुष्मान कार्ड नहीं बने हैं, उन्हें 100 रुपये की स्लिप कटवानी होती है। उस स्लिप को दिखा कर नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग में इंजेक्शन लगवाया जाता है। अगर निजी तौर पर एआरवी लगवाई जाती है तो एक इंजेक्शन की कीमत ही 450 रुपये तक आती है। सोमवार को काफी लोगों ने बाजार से खरीदकर अस्पताल में वैक्सीन लगवाई। इसलिए आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए यह बड़ा बोझ बन सकता है।
मनुष्य में रेबीज के लक्षण
रैबीज होने पर बेचैनी होना, खाना-पानी निगलने में दिक्कत, सांस लेनें में तकलीफ होती है।
यह है उपचार
कुत्ते, बंदर के काटने पर तुरंत चिकित्सक से उपचार करवा एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाएं। काटे हुए स्थान को कम से कम 10 से 15 मिनट तक साबुन से साफ करें। जितना जल्दी हो सके वैक्सीन या एआरवी के टीके लगवाएं। पालतू कुत्तों को इंजेक्शन लगवाएं। कुत्ते या बंदर के काटने पर इलाज में लापरवाही न बरतें।
एआरवी वैक्सीन को लेकर डिमांड भेजी जा चुकी है। उम्मीद है कि मंगलवार तक वैक्सीन नागरिक अस्पताल में उपलब्ध हो जाएगी। अस्पताल में सोमवार को ही एंटी रैबीज वैक्सीन खत्म हुई है। आमजन को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
-डॉ. राजेश भोला डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल जींद