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Jind News: 15 राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अंकिता ने बढ़ाया जिले का मान
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05जेएनडी23: अंकिता कौशिक हैंडबाल में जीते गए पदक दिखाते हुए। स्रोत : खिलाड़ी
जींद। भिवानी रोड निवासी राष्ट्रीय हैंडबॉल खिलाड़ी अंकिता कौशिक अपनी प्रतिभा और निरंतर मेहनत के दम पर खेल जगत में अलग पहचान बना चुकी हैं। अब तक वह 15 राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर चुकी हैं।
वर्तमान में वह सीआरएसयू, जींद से बीए, बीपीएड और एमए (योग) की पढ़ाई पूरी कर चुकी हैं तथा हैंडबॉल में गोलकीपर के रूप में अपनी मजबूत पहचान रखती हैं। अंकिता ने वर्ष 2015 में तेलंगाना में आयोजित सब जूनियर राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिता में पहली बार हिस्सा लिया था। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
उन्होंने तीन सब जूनियर राष्ट्रीय, दो स्कूल राष्ट्रीय, तीन जूनियर राष्ट्रीय, एक सीनियर राष्ट्रीय, चार अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं, हरियाणा राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं और राष्ट्रीय स्तर की अन्य प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने हर बार पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। अंकिता के पिता सुरेश कौशिक ने हमेशा उनकी खेल यात्रा में सहयोग और प्रोत्साहन दिया। कठिन अभ्यास, अनुशासन और लगन के दम पर अंकिता आज युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का लक्ष्य: अंकिता कौशिक
अंकिता का कहना है कि उनका लक्ष्य आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना और देश के लिए पदक जीतना है। उनका मानना है कि यदि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और परिवार का सहयोग मिले तो वे राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं।
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वर्तमान में वह सीआरएसयू, जींद से बीए, बीपीएड और एमए (योग) की पढ़ाई पूरी कर चुकी हैं तथा हैंडबॉल में गोलकीपर के रूप में अपनी मजबूत पहचान रखती हैं। अंकिता ने वर्ष 2015 में तेलंगाना में आयोजित सब जूनियर राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिता में पहली बार हिस्सा लिया था। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
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उन्होंने तीन सब जूनियर राष्ट्रीय, दो स्कूल राष्ट्रीय, तीन जूनियर राष्ट्रीय, एक सीनियर राष्ट्रीय, चार अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं, हरियाणा राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं और राष्ट्रीय स्तर की अन्य प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने हर बार पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। अंकिता के पिता सुरेश कौशिक ने हमेशा उनकी खेल यात्रा में सहयोग और प्रोत्साहन दिया। कठिन अभ्यास, अनुशासन और लगन के दम पर अंकिता आज युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का लक्ष्य: अंकिता कौशिक
अंकिता का कहना है कि उनका लक्ष्य आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना और देश के लिए पदक जीतना है। उनका मानना है कि यदि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और परिवार का सहयोग मिले तो वे राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं।