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पशुपालन विभाग को मिलीं छह हजार डोज, दो दिन भी नहीं चली, एक गाय की मौत
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जींद। लंपी चर्म रोग वायरस से निपटने के लिए दो दिन पहले पशुपालन विभाग को छह हजार वैक्सीन की डोज मिली थी, जो दो दिन भी नहीं चली। ऐसे में पशुपालन विभाग के पास इस वायरस से निपटने के कोई इंतजाम नहीं हैं। गांव जलालपुर कलां में एक गाय की मौत हो गई लेकिन पशुपालन विभाग इससे बेखबर है।
जिले में अब तक 385 पशु इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं। यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। जिलाभर में एक लाख 16 हजार गोवंश हैं और पांच लाख भैंसें हैं लेकिन पशुपालन विभाग को मात्र छह हजार वैक्सीन की डोज मिली हैं। इनमें से दो हजार जयंती देवी मंदिर के सामने नंदीशाला व भिवानी रोड और बीड़ में स्थित गोशाला में गोवंश को लगाई गई हैं। जिले में अब तक इस वायरस की चपेट में एक भैंस आई थी, जो अब ठीक हो चुकी है। जिला प्रशासन ने जिले के लिए 25 हजार वैक्सीन की डिमांड भेजी है।
प्रशासन ने पशुओं को जिले से बाहर ले जाने और लेकर आने पर लगाई रोक
डीसी डॉ. मनोज कुमार ने शनिवार को सभी एसडीएम, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. रविंद्र हुड्डा, नगर परिषद ईओ सुशील कुमार के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक में निर्देश दिए गए कि पशुओं में लंपी चर्म रोग वायरस के लक्षण मिलें, उसे प्राथमिकता के आधार पर उपचार दें और अन्य पशुओं से अलग रखें। इस वायरस के कारण अगर कोई बेसहारा गोवंश मर जाता है, तो उसे खुली जगह में कम से कम आठ से दस फीट गहरे गड्ढे में दफनाया जाए। डीसी ने जिले में धारा 144 लगाते हुए निर्देश जारी किए हैं कि जिले के पशुओं को न तो बाहर भेजा जाए और न ही बाहर से आने वाले पशुओं को जिले में प्रवेश दिया जाए। बाहर से आने वाले चरवाहों व गवालों पर भी पूर्ण रोक लगाई जाए। इसके अलावा पशु मेलों पर भी प्रतिबंध के निर्देश जारी किए गए हैं।
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समय-समय पर हो फॉगिंग, एसडीएम को दिए मॉनिटरिंग के निर्देश
डीसी डॉ. मनोज कुमार ने जारी अपने निर्देशों में सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र में लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम गोशालाओं का दौरा करें। बीमार पशुओं को अलग रखने का प्रबंध करें। एक साथ पशुओं को चारा नहीं डाले और उनके पीने के लिए पानी की व्यवस्था भी अलग-अलग होनी चाहिए। समय-समय पर फॉगिंग का विशेष ध्यान रखें। सभी गोशालाओं को मृत पशुओं को दफनाने के लिए उचित ट्रैक्टर या जेसीबी का प्रबंध करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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जिले में अब तक 385 पशु इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं। यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। जिलाभर में एक लाख 16 हजार गोवंश हैं और पांच लाख भैंसें हैं लेकिन पशुपालन विभाग को मात्र छह हजार वैक्सीन की डोज मिली हैं। इनमें से दो हजार जयंती देवी मंदिर के सामने नंदीशाला व भिवानी रोड और बीड़ में स्थित गोशाला में गोवंश को लगाई गई हैं। जिले में अब तक इस वायरस की चपेट में एक भैंस आई थी, जो अब ठीक हो चुकी है। जिला प्रशासन ने जिले के लिए 25 हजार वैक्सीन की डिमांड भेजी है।
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प्रशासन ने पशुओं को जिले से बाहर ले जाने और लेकर आने पर लगाई रोक
डीसी डॉ. मनोज कुमार ने शनिवार को सभी एसडीएम, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. रविंद्र हुड्डा, नगर परिषद ईओ सुशील कुमार के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक में निर्देश दिए गए कि पशुओं में लंपी चर्म रोग वायरस के लक्षण मिलें, उसे प्राथमिकता के आधार पर उपचार दें और अन्य पशुओं से अलग रखें। इस वायरस के कारण अगर कोई बेसहारा गोवंश मर जाता है, तो उसे खुली जगह में कम से कम आठ से दस फीट गहरे गड्ढे में दफनाया जाए। डीसी ने जिले में धारा 144 लगाते हुए निर्देश जारी किए हैं कि जिले के पशुओं को न तो बाहर भेजा जाए और न ही बाहर से आने वाले पशुओं को जिले में प्रवेश दिया जाए। बाहर से आने वाले चरवाहों व गवालों पर भी पूर्ण रोक लगाई जाए। इसके अलावा पशु मेलों पर भी प्रतिबंध के निर्देश जारी किए गए हैं।
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समय-समय पर हो फॉगिंग, एसडीएम को दिए मॉनिटरिंग के निर्देश
डीसी डॉ. मनोज कुमार ने जारी अपने निर्देशों में सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र में लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम गोशालाओं का दौरा करें। बीमार पशुओं को अलग रखने का प्रबंध करें। एक साथ पशुओं को चारा नहीं डाले और उनके पीने के लिए पानी की व्यवस्था भी अलग-अलग होनी चाहिए। समय-समय पर फॉगिंग का विशेष ध्यान रखें। सभी गोशालाओं को मृत पशुओं को दफनाने के लिए उचित ट्रैक्टर या जेसीबी का प्रबंध करने के भी निर्देश दिए गए हैं।