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अतिक्रमण पर मंत्री बोले बिल्डिंग तोड़ते वक्त हाथ पांव कांपते हैं तो कहीं ओर लगा दें
jind
Updated Sat, 07 Jan 2017 12:17 AM IST
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शहर की शिवपुरी कॉलोनी के अतिक्रमण की फाइल देखते मंत्री कृष्ण बेदी।
- फोटो : bureau
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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण बेदी ने शुक्रवार को डीआरडीए हॉल में परिवेदना समिति की बैठक में शिरकत की। इस दौरान एजेंडा में शामिल 15 शिकायतों के अलावा कई अन्य शिकायतों को भी सुना। शहर में अतिक्रमण की एक शिकायत पर मंत्री ने नगर परिषद के अधिकारियों को आदेश दिए कि यदि सरकारी जमीन पर कब्जा है तो इसे हटाया जाए। चाहे बिल्डिंग तोड़नी पड़े। उन्होंने सख्ती से नगर परिषद के एमई को आदेश दिए कि कब्जा हटवाते वक्त उनके हाथ पांव कांपते हैं तो उन्हें कहीं और भेज देते हैं। इस पर एमई बलराज सिंगला ने कहा कि उन्होंने बहुत अतिक्रमण तोड़े हैं। मीटिंग दो शिकायतों को निरस्त किया गया, शेष शिकायतों को अगली मीटिंग के लिए विचाराधीन रखा गया।
दरअसल शिवपुरी कॉलोनी निवासी शमशेर सिंह ने परिवेदना समिति को शिकायत दी थी कि कुछ लोगों ने गली पर कब्जा कर रखा है। यहां तक की राजा वाली कच्ची गोहर जो 42 फुट चोड़ी है, इस पर मकान बनाया गया है। इस पर नगर परिषद के एमई ने बताया कि तहसीलदार से पैमाइश करवाई गई है, यहां अतिक्रमण नहीं है। उनको रोकते हुए डीसी विनय सिंह ने कहा कि यदि नगर परिषद का क्षेत्र है तो तहसीलदार से क्यों पैमाइश करवाई जा रही है। फरियादियों ने बताया कि राजा की गोहर पर अवैध कब्जा किया गया है। इन लोगों ने नगर परिषद के अधिकारियों पर भी सवाल उठाए कि पहले वे यहां गली बता रहे थे, अब मना कर रहे हैं। इस पर मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि यदि सरकारी जमीन पर कोई कब्जा है तो उसे हटवाया जाए। उन्होंने एमई बलराज सिंगला से पूछा कि यदि बिल्डिंग तोड़ते वक्त उनके हाथ पांव कांपते हैं तो उन्हें कहीं और भेज देते हैं।
बीडीपीओ पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप
रधाना गांव के लोगों ने आरोप लगाए कि पूर्व सरपंच ने विकास कार्यों की राशि में गड़बड़ की है। समाज कल्याण विभाग की पेंशन में भी गोलमाल हुआ है, लेकिन प्रशासन सही कार्रवाई नहीं कर रहा। इस पर बीडीपीओ ने जवाब दिया कि इसमें पूर्व सरपंच की ओर दो लाख 49 हजार 629 रुपये की रिकवरी बनती है। इसकी कार्रवाई की जा रही है। इस पर शिकायतकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने दस लोगों द्वारा गलत तरीके से पेंशन लेने की शिकायत साक्ष्यों के साथ दी थी, लेकिन महज चार पर ही कार्रवाई की गई है। सवाल उठाए कि इसमें पंचायत विभाग के ग्राम सचिव व जेई को बचाया जा रहा है। इस पर डीसी विनय सिंह ने बताया कि संबंधित पंचायत सचिव से स्पष्टीकरण मांगा गया है, लेकिन जेई की संलिप्तता नहीं है। यदि सचिव जवाब नहीं देता तो उसके खिलाफ केस दर्ज करवाया जाएगा।
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बीडीपीओ का पक्ष सुनकर मंत्री बोले, मुझे आपका मामला ठीक नहीं लगा
शिकायत नंबर 12 में बधाना गांव के लोगों ने शिकायत दी कि गांव की 1417 कनाल 16 मरले जमीन पर लोगों ने कब्जा किया है। बार-बार शिकायत के बावजूद इसे हटवाया नहीं जा रहा है। इस पर जवाब देते हुए अलेवा के बीडीपीओ सतबीर सिंह ने कहा कि गांव के लोगों आपसी रजामंदी से पूरी जमीन पर कब्जा किया है। इस पर मंत्री भड़क गए और बीडीपीओ से पूछा कि आपकी रिटायरमेंट के कितने दिन बचे हैं। जवाब मिला कि वे रिटायरमेंट पर हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि मुझे आपका मामला ठीक नहीं लग रहा है। मंत्री ने कहा कि यदि गांव में मिली भगत कर ऐसा किया है तो कब्जे हटवाओ। मंत्री ने कहा कि क्या आपकी भी मिलीभगत है। जैसे ही बीडीपीओ मंत्री का जवाब देने लगे, उन्हें कुछ लोगों ने रोक दिया। इसके बाद मामले की जांच एसडीएम सतबीर सिंह को दी गई। साथ में परिवेदना समिति के सदस्य बलकार सिंह और रामफल शर्मा भी मौका देखेंगे।
साहब गली नहीं बनी, चेयपर्सन कहते हैं पहले कॉलोनी में स्वागत करवाओ
एजेंडे से बाहर की शिकायत सुनते हुए काठ मंडी निवासी विजय जांगड़ा ने कहा कि वे भाजपा कार्यकर्ता। उनकी कॉलोनी में गली बननी शुरू हुई, लेकिन दोनों ओर नालियां बनाकर छोड़ दी गई हैं। इससे काफी परेशानी हो रही हैं। इस बार में जब नगर परिषद चेयरपर्सन से बात की तो उन्होंने कहा कि पहले कॉलोनी में उनके स्वागत का कार्यक्रम करवाओ। इस पर मंत्री ने कहा कि वे भाषण नहीं दें अपनी समस्या बताएं। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को गली पूरी बनाने के निर्देश दिए। वहीं नगर परिषद की चेयरपर्सन पूनम सैनी के अनुसार सभी वार्डों में समान रूप से विकास करवाया जा रहा है। सभी आरोप बेबुनियाद हैं। जो काम शुरू हुआ है, वह पूरा भी होगा।
पूर्व सैनिक बोला साहब थाने में पिस्तौल जमा करवाया था एक साल से भटक रहा हूं
इसी दौरान पिल्लूखेड़ा निवासी सेना से रिटायर सुभाष चंद्र ने फरियाद की कि उसने अपना पिस्तौल पिल्लूखेड़ा थाना में जमा करवाया था, लेकिन अब तक नहीं मिला है। इससे उसका रोजगार भी बंद हो गया है। सुभाष चंद्र ने बताया कि वह कैश एजेंसियों के लिए सुरक्षाकर्मी का काम करता था। इस पर एसएसपी शशांक आनंद ने बताया कि पिल्लूखेड़ा थाना में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान लूट व आगजनी हो गई थी। इसमें काफी हथियार गायब हुए थे, सात हथियार अभी भी नहीं मिले हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि पीड़ित समस्या का समाधान किया जाए।
बीडीपीओ को पड़ी फटकार
नरवाना उपमंडल के उझाना गांव में पंचायती जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में बीडीपीओ राजेश कुमार ने कहा कि वहां पर पक्के कब्जे हैं। इस पर शिकायतकर्ता ने कहा कि सिर्फ तार लगाकर कब्जे किए गए हैं। मंत्री ने बीडीपीओ से पूछा कि क्या उन्होंने मौका देखा है। इस पर बीडीपीओ ने नहीं में जवाब दिया। मंत्री ने कहा कि बिना मौका देखे वे मीटिंग में क्यों आए हैं।
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दरअसल शिवपुरी कॉलोनी निवासी शमशेर सिंह ने परिवेदना समिति को शिकायत दी थी कि कुछ लोगों ने गली पर कब्जा कर रखा है। यहां तक की राजा वाली कच्ची गोहर जो 42 फुट चोड़ी है, इस पर मकान बनाया गया है। इस पर नगर परिषद के एमई ने बताया कि तहसीलदार से पैमाइश करवाई गई है, यहां अतिक्रमण नहीं है। उनको रोकते हुए डीसी विनय सिंह ने कहा कि यदि नगर परिषद का क्षेत्र है तो तहसीलदार से क्यों पैमाइश करवाई जा रही है। फरियादियों ने बताया कि राजा की गोहर पर अवैध कब्जा किया गया है। इन लोगों ने नगर परिषद के अधिकारियों पर भी सवाल उठाए कि पहले वे यहां गली बता रहे थे, अब मना कर रहे हैं। इस पर मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि यदि सरकारी जमीन पर कोई कब्जा है तो उसे हटवाया जाए। उन्होंने एमई बलराज सिंगला से पूछा कि यदि बिल्डिंग तोड़ते वक्त उनके हाथ पांव कांपते हैं तो उन्हें कहीं और भेज देते हैं।
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बीडीपीओ पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप
रधाना गांव के लोगों ने आरोप लगाए कि पूर्व सरपंच ने विकास कार्यों की राशि में गड़बड़ की है। समाज कल्याण विभाग की पेंशन में भी गोलमाल हुआ है, लेकिन प्रशासन सही कार्रवाई नहीं कर रहा। इस पर बीडीपीओ ने जवाब दिया कि इसमें पूर्व सरपंच की ओर दो लाख 49 हजार 629 रुपये की रिकवरी बनती है। इसकी कार्रवाई की जा रही है। इस पर शिकायतकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने दस लोगों द्वारा गलत तरीके से पेंशन लेने की शिकायत साक्ष्यों के साथ दी थी, लेकिन महज चार पर ही कार्रवाई की गई है। सवाल उठाए कि इसमें पंचायत विभाग के ग्राम सचिव व जेई को बचाया जा रहा है। इस पर डीसी विनय सिंह ने बताया कि संबंधित पंचायत सचिव से स्पष्टीकरण मांगा गया है, लेकिन जेई की संलिप्तता नहीं है। यदि सचिव जवाब नहीं देता तो उसके खिलाफ केस दर्ज करवाया जाएगा।
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बीडीपीओ का पक्ष सुनकर मंत्री बोले, मुझे आपका मामला ठीक नहीं लगा
शिकायत नंबर 12 में बधाना गांव के लोगों ने शिकायत दी कि गांव की 1417 कनाल 16 मरले जमीन पर लोगों ने कब्जा किया है। बार-बार शिकायत के बावजूद इसे हटवाया नहीं जा रहा है। इस पर जवाब देते हुए अलेवा के बीडीपीओ सतबीर सिंह ने कहा कि गांव के लोगों आपसी रजामंदी से पूरी जमीन पर कब्जा किया है। इस पर मंत्री भड़क गए और बीडीपीओ से पूछा कि आपकी रिटायरमेंट के कितने दिन बचे हैं। जवाब मिला कि वे रिटायरमेंट पर हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि मुझे आपका मामला ठीक नहीं लग रहा है। मंत्री ने कहा कि यदि गांव में मिली भगत कर ऐसा किया है तो कब्जे हटवाओ। मंत्री ने कहा कि क्या आपकी भी मिलीभगत है। जैसे ही बीडीपीओ मंत्री का जवाब देने लगे, उन्हें कुछ लोगों ने रोक दिया। इसके बाद मामले की जांच एसडीएम सतबीर सिंह को दी गई। साथ में परिवेदना समिति के सदस्य बलकार सिंह और रामफल शर्मा भी मौका देखेंगे।
साहब गली नहीं बनी, चेयपर्सन कहते हैं पहले कॉलोनी में स्वागत करवाओ
एजेंडे से बाहर की शिकायत सुनते हुए काठ मंडी निवासी विजय जांगड़ा ने कहा कि वे भाजपा कार्यकर्ता। उनकी कॉलोनी में गली बननी शुरू हुई, लेकिन दोनों ओर नालियां बनाकर छोड़ दी गई हैं। इससे काफी परेशानी हो रही हैं। इस बार में जब नगर परिषद चेयरपर्सन से बात की तो उन्होंने कहा कि पहले कॉलोनी में उनके स्वागत का कार्यक्रम करवाओ। इस पर मंत्री ने कहा कि वे भाषण नहीं दें अपनी समस्या बताएं। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को गली पूरी बनाने के निर्देश दिए। वहीं नगर परिषद की चेयरपर्सन पूनम सैनी के अनुसार सभी वार्डों में समान रूप से विकास करवाया जा रहा है। सभी आरोप बेबुनियाद हैं। जो काम शुरू हुआ है, वह पूरा भी होगा।
पूर्व सैनिक बोला साहब थाने में पिस्तौल जमा करवाया था एक साल से भटक रहा हूं
इसी दौरान पिल्लूखेड़ा निवासी सेना से रिटायर सुभाष चंद्र ने फरियाद की कि उसने अपना पिस्तौल पिल्लूखेड़ा थाना में जमा करवाया था, लेकिन अब तक नहीं मिला है। इससे उसका रोजगार भी बंद हो गया है। सुभाष चंद्र ने बताया कि वह कैश एजेंसियों के लिए सुरक्षाकर्मी का काम करता था। इस पर एसएसपी शशांक आनंद ने बताया कि पिल्लूखेड़ा थाना में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान लूट व आगजनी हो गई थी। इसमें काफी हथियार गायब हुए थे, सात हथियार अभी भी नहीं मिले हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि पीड़ित समस्या का समाधान किया जाए।
बीडीपीओ को पड़ी फटकार
नरवाना उपमंडल के उझाना गांव में पंचायती जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में बीडीपीओ राजेश कुमार ने कहा कि वहां पर पक्के कब्जे हैं। इस पर शिकायतकर्ता ने कहा कि सिर्फ तार लगाकर कब्जे किए गए हैं। मंत्री ने बीडीपीओ से पूछा कि क्या उन्होंने मौका देखा है। इस पर बीडीपीओ ने नहीं में जवाब दिया। मंत्री ने कहा कि बिना मौका देखे वे मीटिंग में क्यों आए हैं।