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Jind News: अंबाला रूट बंद... पटरी से उतरी ट्रेनों की व्यवस्था
Tue, 30 Apr 2024 01:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 30 Apr 2024 01:52 AM IST
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जींद। अंबाला रेलवे रूट बंद होने से ट्रेनों की व्यवस्था पटरी से उतर गई है। इसके कारण रेलवे प्रबंधन की परेशानी बढ़ गई है। इतनी ज्यादा संख्या में ट्रेनों को खड़ा करने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है। इसके कारण दिल्ली-बठिंडा रेलमार्ग की नियमित ट्रेनें अपने निर्धारित समय पर नहीं पहुंच पा रही हैं। यह ट्रेनें आधा-आधा घंटा तक आउटर पर खड़ी रहती हैं। इससे यात्रियों को परेशानी होती है।
किसी भी स्टेशन की बात करें तो हर समय सवारी गाड़ी खड़ी मिलती हैं, लेकिन इनका यात्रियों को कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है। कारण यह है कि इन ट्रेनों का कोई भी ठहराव निर्धारित नहीं है। जहां ट्रैक खाली मिलता है वहीं रोक दी जाती है। उसके बाद घंटा-घंटा खड़ी रहती है। इससे यात्रियों को समझ में नहीं आता कि यह गाड़ियां नियमित चलने वाली है या नहीं। इससे यात्रियों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। यदि अंबाला रूट की सवारी गाड़ियों का नरवाना, जींद, रोहतक जंक्शन पर निर्धारित ठहराव कर दिया जाए तो हजारों यात्रियों को इनका फायदा मिल सकता है।
दिल्ली-बठिंडा रेलमार्ग पर पड़ने वाले जुलाना, बिशनपुरा, जैजैवंती, किनाना, जींद, बरसोला, उचाना, घासो और नरवाना जंक्शन के सभी प्लेटफार्म पर रोजाना मालगाड़ी तथा सवारी गाड़ियां खड़ी रहती हैं। इन ट्रेनों के ट्रैक पर बढ़ते दबाव को देखते हुए रेलवे ने दो पैसेंजर ट्रेनों तक को रद्द कर दिया है। वहीं नियमित चलने वाली ट्रेनें भी काफी देरी से पहुंच रही हैं।
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सोमवार को भी 50 से ज्यादा ट्रेनों का हुआ आवागमन
अंबाला रूट की सवारी गाड़ियां सोमवार को भी दिल्ली-बठिंडा रेलवे ट्रैक से गुजरीं। वहीं कुरुक्षेत्र और नई दिल्ली जाने वाली पैसेंजर गाड़ियों को हर रोज की तरह रद्द रखा गया। ट्रेनों के आवागमन से कोटा एक्सप्रेस 12 बजकर 51 मिनट पर जींद जंक्शन पर पहुंची, जबकि इसके आने का निर्धारित समय 10 बजकर 45 मिनट है। इसके अलावा श्रीगंगानगर से दिल्ली जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस भी प्रभावित रही। इस ट्रेन को जगह नहीं मिलने से घासो, उचाना और बरसोला जंक्शन पर लूप लाइन से गुजारा गया।
जंक्शन पर नहीं बैठने की जगह
जींद और नरवाना जंक्शन पर पुराने भवन को तोड़कर नया बनाया जा रहा है। जंक्शन पर काफी पेड़ों को भी काट दिया गया है। इसके कारण यात्रियों को बैठने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है। गर्मी में लोग धूप में खड़े होकर ट्रेन का इंतजार करते रहते हैं। इसको लेकर रेलवे ने कोई व्यवस्था नहीं की है। इसके अलावा जंक्शन पर पीने के पानी की भी समस्या है। जंक्शन पर निर्माण के चलते प्याऊ और कूलरों को हटा दिया गया है।
अंबाला रूट की सवारी और माल गाड़ियों को जींद जंक्शन से गुजारा जा रहा है। इन ट्रेनों का कोई निर्धारित ठहराव नहीं है। कुरुक्षेत्र और नई दिल्ली जाने वाली पैसेंजर ट्रेनें रद्द चल रही हैं। -जयप्रकाश, अधीक्षक, रेलवे जंक्शन जींद।
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किसी भी स्टेशन की बात करें तो हर समय सवारी गाड़ी खड़ी मिलती हैं, लेकिन इनका यात्रियों को कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है। कारण यह है कि इन ट्रेनों का कोई भी ठहराव निर्धारित नहीं है। जहां ट्रैक खाली मिलता है वहीं रोक दी जाती है। उसके बाद घंटा-घंटा खड़ी रहती है। इससे यात्रियों को समझ में नहीं आता कि यह गाड़ियां नियमित चलने वाली है या नहीं। इससे यात्रियों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। यदि अंबाला रूट की सवारी गाड़ियों का नरवाना, जींद, रोहतक जंक्शन पर निर्धारित ठहराव कर दिया जाए तो हजारों यात्रियों को इनका फायदा मिल सकता है।
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दिल्ली-बठिंडा रेलमार्ग पर पड़ने वाले जुलाना, बिशनपुरा, जैजैवंती, किनाना, जींद, बरसोला, उचाना, घासो और नरवाना जंक्शन के सभी प्लेटफार्म पर रोजाना मालगाड़ी तथा सवारी गाड़ियां खड़ी रहती हैं। इन ट्रेनों के ट्रैक पर बढ़ते दबाव को देखते हुए रेलवे ने दो पैसेंजर ट्रेनों तक को रद्द कर दिया है। वहीं नियमित चलने वाली ट्रेनें भी काफी देरी से पहुंच रही हैं।
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सोमवार को भी 50 से ज्यादा ट्रेनों का हुआ आवागमन
अंबाला रूट की सवारी गाड़ियां सोमवार को भी दिल्ली-बठिंडा रेलवे ट्रैक से गुजरीं। वहीं कुरुक्षेत्र और नई दिल्ली जाने वाली पैसेंजर गाड़ियों को हर रोज की तरह रद्द रखा गया। ट्रेनों के आवागमन से कोटा एक्सप्रेस 12 बजकर 51 मिनट पर जींद जंक्शन पर पहुंची, जबकि इसके आने का निर्धारित समय 10 बजकर 45 मिनट है। इसके अलावा श्रीगंगानगर से दिल्ली जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस भी प्रभावित रही। इस ट्रेन को जगह नहीं मिलने से घासो, उचाना और बरसोला जंक्शन पर लूप लाइन से गुजारा गया।
जंक्शन पर नहीं बैठने की जगह
जींद और नरवाना जंक्शन पर पुराने भवन को तोड़कर नया बनाया जा रहा है। जंक्शन पर काफी पेड़ों को भी काट दिया गया है। इसके कारण यात्रियों को बैठने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है। गर्मी में लोग धूप में खड़े होकर ट्रेन का इंतजार करते रहते हैं। इसको लेकर रेलवे ने कोई व्यवस्था नहीं की है। इसके अलावा जंक्शन पर पीने के पानी की भी समस्या है। जंक्शन पर निर्माण के चलते प्याऊ और कूलरों को हटा दिया गया है।
अंबाला रूट की सवारी और माल गाड़ियों को जींद जंक्शन से गुजारा जा रहा है। इन ट्रेनों का कोई निर्धारित ठहराव नहीं है। कुरुक्षेत्र और नई दिल्ली जाने वाली पैसेंजर ट्रेनें रद्द चल रही हैं। -जयप्रकाश, अधीक्षक, रेलवे जंक्शन जींद।