अखिल भारतीय किसान सभा का राज्य स्तरीय सम्मेलन शनिवार को जींद में शुरू हुआ। इस मौके पर जाट धर्मशाला में किसान रैली का आयोजन किया गया। जिसमें प्रदेशभर से पहुंचे किसानों ने प्रदर्शन कर सीटीएम मनदीप कुमार के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन के माध्यम से बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई फसल का प्रति एकड़ मुआवजा 30 हजार रुपये देने की मांग की गई।
किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अशोक धवले ने कहा कि सरकार पूंजीपतियों के दबाव में काम कर रही है। इन नीतियों से किसान उजड़ जाएंगे। किसानों ने मांग की कि बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों की तुरंत गिरदावरी करवा कर कम से कम 30 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। निजी फसल बीमा कंपनियों की लूट को खत्म किया जाए। सरकारी बीमा कंपनियों के मारफत सभी किसानों का बीमा सरकार द्वारा करवाया जाए। सभी फसलों के प्राकृतिक आपदाओं के बीमा क्लेम दिया जाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ने चुनाव घोषणा पत्र में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार लागत से डेढ़ गुना अधिक भाव तय कर सरकारी खरीद की गारंटी और किसानों की संपूर्ण कर्ज मुक्ति के वादे किए थे, लेकिन अब इनसे सरकार पलट गई है। रैली में लावारिस पशुओं का समाधान करने व पशु मेले लगाने, कृषि ट्यूबवेल बिजली कनेक्शन जल्द देने, 58 वर्ष से ऊपर सभी मजदूरों-किसानों की मासिक पेंशन पांच हजार रुपये करने, शराब के खुर्दों के लाइसेंस की नीति रद्द करने, मनरेगा को खेती से जोड़ने और 600 रुपये दिहाड़ी व 200 दिन के काम की मांग की। किसान सभा के प्रदेश महासचिव फूल सिंह श्योकंद ने कहा कि सम्मेलन में किसानों के साथ मजदूर संगठनों को जोड़कर सांझा संघर्षों की रणनीति तय की जाएगी। इस मौके पर किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमराराम, इंद्रजीत सिंह, हरपाल सिंह मौजूद रहे।