{"_id":"53ed6f7037d1e556990e4f3e7253e8b7","slug":"agriculture-hindi-news-4","type":"story","status":"publish","title_hn":"धान खरीद को लेकर मार्केट कमेटी व एचडब्ल्यूसी आमने-सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धान खरीद को लेकर मार्केट कमेटी व एचडब्ल्यूसी आमने-सामने
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
Updated Sat, 24 Oct 2015 10:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नई अनाज मंडी में धान की खरीद को लेकर मार्केट कमेटी व खरीद एजेंसी हरियाणा वेयर हाउस के अधिकारी आमने-सामने हो गए। दोनों ही विभागों की आपसी खींचतान में धान की खरीद नहीं हो रही है और किसान मंडियों में रहने पर मजबूर हैं। मार्केट कमेटी के सचिव रामकुमार लोहान ने हरियाणा वेयर हाउस के अधिकारियों पर समय पर बोली न करने का आरोप लगाते हुए एक शिकायत एसडीएम सफीदों, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी व एचडब्ल्यूसी के एमडी के पास भेजा है।
मार्केट कमेटी सचिव का कहना है कि धान की बोली सही समय पर नहीं आने से किसानों की धान की खरीद नहीं हो रही है और किसान काफी परेशान है। खरीद एजेंसी मनमाना तरीका अपनाकर मंडी में धान की बोली नहीं कर रही है। जबकि हरियाणा वेयर हाउस के टेक्रिकल एक्सपर्ट परचेजर सुरेंद्र गोदारा ने कमेटी सचिव के आरोपों को गलत ठहराया है। उनका कहना है कि वेयर हाउस के अधिकारी मार्केट कमेटी सचिव के कहे अनुसार ही बोली करा रहे हैं। सचिव जहां बोली करने के आदेश देते हैं, वहीं हम बोली करा रहे हैं। किस किसान की बोली करानी है, इसकी जिम्मेदारी मार्केट कमेटी के सचिव की होती है। उन्हें नहीं पता की कौन सी ढेरी कब आई और कहां पड़ी है, क्योंकि मंडी में धान की पहुंच की पर्ची बनाना कमेटी का कार्य है। अब इसमें क्षेत्र के किसानों की फसल रह रही है, तो हमारा क्या कसूर है
विज्ञापन
खींचतान में किसान हुए परेशान
मंडी में धान लेकर पहुंचे किसान शमशेर सिंह, अंग्रेज, प्रगट सिंह, सतपाल, जगदीश, मेजर सिंह, मंजीत ने कहा कि अधिकारी एक दूसरे से सांठ गांठ कर बाहर से आई हुई धान की बोली पहले करा रहे हैं। इससे क्षेत्र के किसानों को दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले चार दिनों से क्षेत्र के किसानों की धान की खरीद नहीं की जा रही है। जिससे किसान आज भी मंडी में ही डेरा जमाए हुए हैं और अपनी धान के बिकने का इंतजार कर रहा है।
विज्ञापन