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Jind News: उचाना में आढ़ती कल तक रोजाना दो घंटे धरना देंगे
Thu, 04 Apr 2024 01:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 04 Apr 2024 01:04 AM IST
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03जेएनडी06: उचाना पुरानी मंडी में धरने पर बैठे आढ़ती। संवाद
उचाना। सरसों की खरीद करने और एमएसपी पर खरीदी जाने वाली फसलों पर ढाई प्रतिशत कमीशन देने की मांग को लेकर बुधवार को उचाना मंडी के आढ़तियों ने दो घंटे तक हड़ताल रखी। उन्होंने मार्केट कमेटी सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष प्रकट किया। धरने की अध्यक्षता आढ़ती दलबीर श्योकंद, राजेंद्र बुडायन ने की।
मंडी प्रधान सत्यवान पेगां ने बताया कि सरकार आढ़तियों की मांग पूरा नहीं कर रही है। सरसों की खरीद पर भी आढ़तियों को ढाई प्रतिशत आढ़त देने की मांग है, लेकिन वह नहीं दी जा रही है। अब गेहूं की सरकारी खरीद में भी पूरी आढ़त नहीं दी जा रही है। यदि उनकी मांग सरकार ने नहीं मानी तो 5 अप्रैल तक ऐसे ही रोजाना मंडी में दो घंटे तक प्रदर्शन किया जाएगा। 5 अप्रैल के बाद प्रदेश आढ़ती एसोसिएशन जो फैसले लेगी उसके अनुसार कार्य किया जाएगा।
रामनिवास करसिंधु ने कहा कि आढ़ती अपनी मांगों को लेकर संगठित हैं। अपने हक की लड़ाई से वह पीछे नहीं हटेंगे। सरकार की मंशा शुरू से ही आढ़तियों को समाप्त करने की रही है। आढ़ती अपनी मजदूरी के रूप में ढाई प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं, मगर सरकार है कि इसे लगातार कर कर रही है। सरसों पर सरकार कमीशन नहीं दे रही है। सरकार की मंशा पूरी तरह से आढ़ती विरोधी है।
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यह हैं मांगें
-फसल खरीद पर 2.50 प्रतिशत आढ़त दी जाए।
-सरकार की ओर से खरीदी जाने वाली सभी फसलों का भुगतान किसान की सहमति के अनुसार आढ़ती या किसान के स्वयं के खाते में अदा किया जाय।
-मार्केट कमेटी के लाइसेंस की अवधि जीएसटी की तरह असीमित होनी चाहिए या जब तक फर्म अपना कार्य बंद न कर दे। बार-बार रिन्युअल कराने की जरूरत न हो।
-मार्केट कमेटी की लाइसेंस की फीस एकमुश्त हो।
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मंडी प्रधान सत्यवान पेगां ने बताया कि सरकार आढ़तियों की मांग पूरा नहीं कर रही है। सरसों की खरीद पर भी आढ़तियों को ढाई प्रतिशत आढ़त देने की मांग है, लेकिन वह नहीं दी जा रही है। अब गेहूं की सरकारी खरीद में भी पूरी आढ़त नहीं दी जा रही है। यदि उनकी मांग सरकार ने नहीं मानी तो 5 अप्रैल तक ऐसे ही रोजाना मंडी में दो घंटे तक प्रदर्शन किया जाएगा। 5 अप्रैल के बाद प्रदेश आढ़ती एसोसिएशन जो फैसले लेगी उसके अनुसार कार्य किया जाएगा।
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रामनिवास करसिंधु ने कहा कि आढ़ती अपनी मांगों को लेकर संगठित हैं। अपने हक की लड़ाई से वह पीछे नहीं हटेंगे। सरकार की मंशा शुरू से ही आढ़तियों को समाप्त करने की रही है। आढ़ती अपनी मजदूरी के रूप में ढाई प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं, मगर सरकार है कि इसे लगातार कर कर रही है। सरसों पर सरकार कमीशन नहीं दे रही है। सरकार की मंशा पूरी तरह से आढ़ती विरोधी है।
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यह हैं मांगें
-फसल खरीद पर 2.50 प्रतिशत आढ़त दी जाए।
-सरकार की ओर से खरीदी जाने वाली सभी फसलों का भुगतान किसान की सहमति के अनुसार आढ़ती या किसान के स्वयं के खाते में अदा किया जाय।
-मार्केट कमेटी के लाइसेंस की अवधि जीएसटी की तरह असीमित होनी चाहिए या जब तक फर्म अपना कार्य बंद न कर दे। बार-बार रिन्युअल कराने की जरूरत न हो।
-मार्केट कमेटी की लाइसेंस की फीस एकमुश्त हो।

03जेएनडी06: उचाना पुरानी मंडी में धरने पर बैठे आढ़ती। संवाद