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छुट्टी के बाद खुले बैंक, कैश के लिए लगी भीड़
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद
Updated Tue, 20 Dec 2016 12:14 AM IST
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एसबीओपी के बाहर लाइन में लगी महिलाएं।
- फोटो : jind
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नोटबंदी के 41 दिन बाद भी लोगों के आसानी से नकदी नहीं मिल पा रही है। जिले भर में एटीएम और बैंक खाली होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। वहीं, सरकार द्वारा पुराने पांच सौ व एक हजार के नोट जमा करवाने की सीमा पांच हजार रुपये तय करने से काफी लोगों को परेशानी हुई।
जिले में 139 बैंक व 121 एटीएम हैं, लेकिन सोमवार को अधिकतर खाली रहे। शहर में ही करीब आधा दर्जन एटीएम चले। वहीं तीन-चार बैंकों से कैश मिला। हालांकि लोग धीरे-धीरे ऑनलाइन लेनदेन की ओर आ रहे हैं, लेकिन अधिकतर काम अभी भी कैश पर ही निर्भर हैं। इसके चलते जहां भी पैसे मिले, उसी एटीएम के बाहर लोगों की लंबी कतार रही। जिले के लीड बैंक पंजाब नेशनल बैंक का भी आलम यह रहा कि दोपहर तक ही कैश समाप्त हो गया। एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक में कैश मिला, लेकिन यहां सिर्फ उपभोक्ताओं को कैश दिया जा सकता है। ऐसे में अन्य बैंकों के खाताधारक सिर्फ एटीएम पर ही निर्भर हो गए। एक एटीएम से सिर्फ दो हजार रुपये मिलने से भी लोगों की नकदी की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं।
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जिले में 139 बैंक व 121 एटीएम हैं, लेकिन सोमवार को अधिकतर खाली रहे। शहर में ही करीब आधा दर्जन एटीएम चले। वहीं तीन-चार बैंकों से कैश मिला। हालांकि लोग धीरे-धीरे ऑनलाइन लेनदेन की ओर आ रहे हैं, लेकिन अधिकतर काम अभी भी कैश पर ही निर्भर हैं। इसके चलते जहां भी पैसे मिले, उसी एटीएम के बाहर लोगों की लंबी कतार रही। जिले के लीड बैंक पंजाब नेशनल बैंक का भी आलम यह रहा कि दोपहर तक ही कैश समाप्त हो गया। एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक में कैश मिला, लेकिन यहां सिर्फ उपभोक्ताओं को कैश दिया जा सकता है। ऐसे में अन्य बैंकों के खाताधारक सिर्फ एटीएम पर ही निर्भर हो गए। एक एटीएम से सिर्फ दो हजार रुपये मिलने से भी लोगों की नकदी की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं।
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